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CAA के पक्ष में दिया था भाषण, BJP नेता को फिर मिली जान से मारने की धमकी
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Updated: January 25, 2020, 1:37 PM IST
CAA के पक्ष में दिया था भाषण, BJP नेता को फिर मिली जान से मारने की धमकी
उत्तर प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन राज्य परामर्शदात्री समिति के अध्यक्ष एवं भारतीय जनता पार्टी के नेता रघुराज सिंह. (फाइल फोटो)

बीजेपी (BJP) नेता रघुराज सिंह (Raghuraj Singh) शुक्रवार को वृंदावन में थे. वहीं पर उन्हें फोन आया कि उन्हें जान से मार दिया जाएगा. उन्हें पहले भी इस तरह की धमकी मिल चुकी है.

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मथुरा. उत्तर प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन राज्य परामर्शदात्री समिति के अध्यक्ष एवं भारतीय जनता पार्टी के नेता रघुराज सिंह (Raghuraj Singh) को फोन पर फिर धमकी मिलने का मामला सामने आया है. रघुराज सिंह शुक्रवार को वृंदावन पहुंचे थे. उन्होंने बताया कि यहां पहुंचने के कुछ देर बाद ही उनके पास एक फोन आया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi), गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) और केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को अपशब्द बोलते हुए उन्हें बम से उड़ाने की धमकी दी गई.

अलीगढ़ के नुमाइश ग्राउंड में 12 जनवरी को दिया था भाषण
गौरतलब है कि 12 जनवरी को अलीगढ़ में संशोधित नागरिकता कानून (Citizenship Amendment Act) के समर्थन में नुमाइश ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में रघुराज सिंह ने भाषण दिया था, इसके बाद से ही उन्हें कथित रूप से धमकी दी जा रही है. रघुराज सिंह ने बताया कि 14 जनवरी को दोपहर में पांच बार फोन पर हंगरी के नंबर से धमकी दी गई थी. 17 जनवरी को एटा महोत्सव में भी दो बार धमकी मिली.

रघुराज सिंह की सुरक्षा बढ़ाई गई

रघुराज सिंह ने बताया कि उन्होंने इसकी जानकारी मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शलभ माथुर और अलीगढ़ के एसएसपी आकाश कुलहरि को दे दी है. एसएसपी शलभ माथुर का कहना है कि रघुराज सिंह की सूचना पर उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई है तथा पूरी स्थिति की समीक्षा कर अगला निर्णय लिया जाएगा.

सीएए पर कोई स्थगन आदेश नहीं, अगली सुनवाई 4 सप्ताह बाद
नागरिकता कानून के खिलाफ याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सुनवाई की. नागरिकता कानून पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दिया कि, नागरिकता कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के लिए वह 5 सदस्यीय संविधान पीठ का गठन कर सकता है. कोर्ट का यह भी कहना था कि वह केंद्र का पक्ष सुने बिना सीएए पर कोई स्थगन आदेश जारी नहीं करेगा. इस कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर कोर्ट ने केंद्र को नोटिस जारी कर 4 हफ्ते में जवाब देने को कहा है. इस मामले की अगली सुनवाई अब 4 सप्ताह बाद होगी.ये भी पढ़ें - 

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First published: January 25, 2020, 12:58 PM IST
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