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आखिरकार हनुमानजी को क्यों कहते हैं वृंदावन का कोतवाल? जानें पूरी डिटेल

मथुरा से करीब 15 किलोमीटर दूर मथुरा-वृंदावन मार्ग पर हनुमान जी का एक मंदिर है. जहां लूटेरिया हनुमान जी की पूजा-अर्चना क ...अधिक पढ़ें

    चंदन सैनी/मथुरा. उत्तर प्रदेश की धर्म की नगरी कहे जाने वाली मथुरा में कई पौराणिक और धार्मिक मान्यताएं आज भी आस्था का केंद्र बनी हुई हैं. जहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते रहते हैं. वैसे तो मथुरा कान्हा की नगरी के रूप में विश्व विख्यात है, लेकिन आज हम बात करते जा रहे हैं प्रभु श्रीराम के अन्नय भक्त श्री हनुमान जी की. जिनका एक मंदिर लूटेरिया हनुमान मंदिर इन दिनों श्रद्धालुओं के लिए खासा चर्चा का विषय बना हुआ है. तो चलिए आपको बताते हैं कि, आखिर हनुमान जी क्यों कहा जाता है लूटेरिया, और क्या है मान्यता?

    दरअसल मथुरा से करीब 15 किलोमीटर दूर मथुरा-वृंदावन मार्ग पर हनुमान जी का मंदिर है. शाम 5:00 बजे से ही यहां से निकलने वाले लोग खौफ में निकलते थे. यहां से लोगों की आवाजाही बंद हो जाया करती थी. बढ़ती घटनाओं के देखते हुए हनुमान मंदिर की स्थापना की स्थापना की गई. जिसके बाद लूटपाट की घटनाओं पर अंकुश लगा. ऐसे में इस मंदिर का नाम नाम लूटेरिया हनुमान रख दिया गया. वहीं अब यह मंदिर ब्रज ही नहीं अन्य जिलों से यहां आने वाले श्रद्धालु भी इस मंदिर को लूटेरिया हनुमान के नाम से जानते और पूजते हैं.

    वृंदावन के द्वारपाल के रूप में भी होती है पूजा
    हालांकि इस मंदिर को लेकर पौराणिक कहानियां भी सुनने को मिलती हैं. मंदिर के सेवायत पुजारी अशोक गोस्वामी ने NEWS 18 LOCAL से बात करते हुए बताया कि, लूटेरिया हनुमान जी के इस मंदिर को वृंदावन के द्वारपाल के नाम से भी जाना जाता है. पुजारी का कहना है कि, मंदिर करीब साढ़े 3 हज़ार वर्ष पुराना है. मंदिर को लेकर एक यह भी मान्यता है कि, मंदिर की स्थापना स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने की थी. साथ ही साथ ये भी बताया कि, यहां पर जो भी भक्त सच्चे मन से हनुमान जी की सेवा पूजा करता है. उसकी हर मनोकामना पूरी होती हैं.

    Tags: Mathura news, Uttar pradesh news

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