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UP Election 2022: 8 बार से Mathura की मांट सीट से विधायक Shyam Sundar Shrama की जीत का क्या है राज?

UP Election 2022: 8 बार से Mathura की मांट सीट से विधायक Shyam Sundar Shrama की जीत का क्या है राज?

Mathura: श्याम सुंदर शर्मा मांट व‍िधानसभा सीट से 1989 में पहला चुनाव कांग्रेस के टिकट से लड़े और वह जीत दर्ज की. (File photo)

Mathura: श्याम सुंदर शर्मा मांट व‍िधानसभा सीट से 1989 में पहला चुनाव कांग्रेस के टिकट से लड़े और वह जीत दर्ज की. (File photo)

Mathura News: श्याम सुंदर शर्मा मांट व‍िधानसभा सीट से 1989 में पहला चुनाव कांग्रेस के टिकट से लड़े और वह जीत दर्ज की. वह 1991 और 1993 का चुनाव भी कांग्रेस के टिकट से विधायक बने. वहीं 2002 और 2007 में वह चुने गए. 2012 के चुनाव में श्‍याम सुंदर शर्मा रालोद के युवा नेता जयंत चौधरी से हार गए. लेकिन जयंत चौधरी ने अपनी सांसदी बचाने के ल‍िए यह सीट छोड़ दी और उपचुनाव हुआ, ज‍िसमें श्‍याम सुंदर शर्मा फिर जीते.

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मथुरा. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (Uttar Pradesh Elections) को लेकर सभी सियासी दल मतदाताओं को साधने की तैयारी कर रहे हैं. इसी कड़ी में उत्‍तर प्रदेश की स‍ियासत (Uttar Pradesh Politics) में मथुरा जिला कद्दावर राजनेता श्‍याम सुदंर शर्मा (Shyam Sundar Shrama) की वजह से भी जाना जाता है. वैसे तो मथुरा जि‍ले में व‍िधानसभा की 5 सीटें हैं, लेक‍िन मथुरा की मांट विधानसभा सीट (Mant Assembly Seat) का राजनी‍त‍िक इति‍हास बेहद ही द‍िलचस्‍प है.

इस व‍िधानसभा सीट के राजनीत‍िक इत‍िहास को श्‍याम सुंदर शर्मा ने द‍िलचस्‍प बनाया हुआ है असल में यूपी की स‍ियासत में राजनीत‍िक दलों का बेहद ही महत्‍व रहा है. समय -समय पर राजनीत‍िक दलों के पक्ष में लहर चली हैं और बड़े-बड़े कद्दावर नेता भी हार गए हैं, लेक‍िन इसके इतर मांट व‍िधानसभा में श्याम सुंदर शर्मा के नाम पर ही मुहर लगती रही है. 1989 से शुरू हुआ जीत का सिलसिला अभी जारी है. वह अब रिकॉर्ड नौवीं जीत के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। शर्मा को जो खास बनाता है, वह यह है कि वह अलग-अलग पार्टियों से या निर्दलीय के रूप में भी चुनाव लड़े हैं, लेकिन फिर भी वह जीते हैं.

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शर्मा ने News18 से बातचीत में कहा कि “मैं हमेशा जीतता हूं क्योंकि मैं केवल लोगों की बैसाखी लेता हूं. इसलिए लोग मुझे उतना ही पसंद करते हैं जितना मैं उन्हें बहुत पसंद करता हूं. अगर कोई भगवान कृष्ण से ज्यादा लोगों का सम्मान करता है, तो वह श्याम सुंदर शर्मा हैं. मैं आठ बार जीता हूं, और ज्यादातर मौकों पर, बिना किसी राजनीतिक दल के. मेरी पार्टी लोग हैं, मेरी ताकत लोग हैं, ” “मेरे पास जो क्षमता है, जो लोगों के लिए प्यार है, जो स्नेह है, वो किसी राजनेता के पास नहीं है (लोगों के लिए मेरा स्नेह अद्वितीय है). ठाकुरजी (भगवान कृष्ण) ने एक बार मुझसे अपने हाथ वापस खींच लिए थे, लेकिन लोगों ने हमेशा अपना आशीर्वाद बरसाया.

श्याम सुंदर शर्मा का राजनीतिक सफर
बता दें कि श्याम सुंदर शर्मा मांट व‍िधानसभा सीट से 1989 में पहला चुनाव कांग्रेस के टिकट से लड़े और वह जीत दर्ज की. वह 1991 और 1993 का चुनाव भी कांग्रेस के टिकट से विधायक बने. वहीं 2002 और 2007 में वह चुने गए. 2012 के चुनाव में श्‍याम सुंदर शर्मा रालोद के युवा नेता जयंत चौधरी से हार गए. लेकिन जयंत चौधरी ने अपनी सांसदी बचाने के ल‍िए यह सीट छोड़ दी और उपचुनाव हुआ, ज‍िसमें श्‍याम सुंदर शर्मा फिर जीते. वहीं 2016 में श्‍याम सुंदर शर्मा ने बसपा का दामन थामा, ज‍िसके बाद उन्‍हें 2017 का चुनाव बसपा के ट‍िकट पर लड़ा और इस चुनाव में वह रालोद के योगेश चौधरी को तकरीबन 500 वोटों के अंतर से हरा कर 8वीं बार व‍िधानसभा पहुंचे.

Tags: BJP, CM Yogi, Mathura news, RLD Jayant Chaudhary rally, Samajwadi party, UP Assembly Election 2022, UP Chunav 2022, UP Election 2022, UP news

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