कोरोना से जंग में उतरी छात्राएं, खुद ही मास्क सिलकर बनाया 'मास्क बैंक'
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कोरोना से जंग में उतरी छात्राएं, खुद ही मास्क सिलकर बनाया 'मास्क बैंक'
मथुरा में कॉलेज स्टूडेंट्स ने मिलकर बनाया मास्क बैंक

कोविड-19 जैसी महामारी में समाज के लिए कुछ करने के जज्बे ने छात्राओं को प्रोत्साहित किया और इन्होंने मास्क बैंक बना डाला

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नई दिल्ली. ग्लोबल महामारी बन चुके कोरोना वायरस से लड़ाई के लिए लोग अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं. इस लड़ाई में अब छात्राएं भी उतर गई हैं. उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित महाविद्यालय की छात्राओं ने मास्क बैंक बनाया है. जिसमें छात्राएं खुद ही मास्क सिलकर जमा कर रही हैं. वहीं मास्क बैंक में जमा इन मास्क को ज़रूरतमंदों को मुफ्त में बांटा जा रहा है.

मथुरा के आरसीए गर्ल्स पीजी कॉलेज की छात्राओं यह मास्क बैंक बनाया है. अभी तक करीब पांच हजार से ज्यादा मास्क बनाकर जमा किये जा चुके हैं. इस सम्बंध में आरसीए कॉलेज की प्राचार्या डॉ. प्रीति जौहरी ने बताया कि कोविड-19 जैसी महामारी में समाज के लिए कुछ करने के जज्बे ने इन छात्राओं को प्रोत्साहित किया और इन्होंने मास्क बैंक का विचार रखा. जिसके बाद कॉलेज ने मास्क बैंक स्थापित करने को मंजूरी दे दी. इसमें सबसे पहले छात्रा यामिनी वशिष्ठ ने एक हज़ार मास्क बनाकर जमा किये. इसके बाद राष्ट्रीय स्वयं सेवा योजना से जुड़ीं कॉलेज की छात्राओं चांदनी, मानसी, कल्पना, काजल, गौरी, पूजा, महिमा, दुर्गेश, सपना और पल्लवी ने सहयोग करना शुरू किया.

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इन्हें बनवाने के लिए अब कॉटन का कपड़ा खरीदा जा रहा है, जो छात्राओं को दिया जा रहा है. इतना ही नहीं मास्क बैंक बनने के बाद से विधवा आश्रम, फल और सब्जी बेचने वालों, पुलिसकर्मियों आदि को मास्क बांटने का काम भी लगातार चल रहा है और यह पूरी तरह निशुल्क है.



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मथुरा की छात्राओं द्वारा बनाया गया मास्क


कॉलेज की शिक्षिकाएं भी आईं आगे, मास्क के लिए दे रहीं फंड

डॉ. जौहरी कहती हैं कि मास्क बैंक बनने के बाद कॉलेज की शिक्षिकाएं नीतू गोस्वामी और सीमा शर्मा ने इस काम को आगे बढाते हुए फंड भी जमा किया, साथ ही कॉलेज प्रबन्ध समिति की ओर से अध्यक्ष, सचिव और अन्य स्टाफ ने भी मास्क के लिए फंड दिया है. जिससे कपड़ा खरीदा जा रहा है. इस मास्क बैंक में लगातार मास्क जमा किये जा रहे हैं. साथ ही ज़रूरतमंदों को बांटे भी जा रहे हैं.

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इस मास्क बैंक में हमेशा रखा जाएगा स्टॉक

प्राचार्या कहती हैं कि जैसा सुनने में आ रहा है कि कोरोना के साथ जीना सीखना होगा उस लिहाज से इस बैंक को भी अपडेटेड रखा जाएगा. निकट भविष्य के लिए इसमें मास्क का स्टॉक भी रखा जाएगा. जो कॉलेज खुलने पर आने वाले छात्रों और अभिभावकों को उपलब्ध कराए जा सकें. साथ ही लोगों को जागरूक भी किया जा सके.

वृन्दावन की विधवाएं भी बना रही हैं आध्यात्मिक मास्क

सुलभ इंटरनेशनल की पहल पर वृन्दावन में विधवाएं भी मास्क सिलाई का काम कर रही हैं. संस्था की उपाध्यक्ष विनीता वर्मा की ओर से कहा गया कि विधवाओं ने खुद ही मास्क बनाने में रुचि दिखाई, जिसके बाद उन्हें मास्क सिलाई के लिए सुलभ की ओर से कपड़े, सिलाई मशीन और सामान उपलब्ध कराए गए. इन मास्क की खास बात है कि इन पर आध्यात्मिक चित्र छपे हैं. इन मास्क पर बांसुरी, लताएं, मोरपंख या ब्रज की कलाकृतियां छपी हैं. जिन्हें लोग भी काफी पसंद कर रहे हैं.
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