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उत्तर प्रदेश में बजा उपचुनाव का बिगुल, घोसी विधानसभा का ये है चुनावी आंकड़ा

News18 Uttar Pradesh
Updated: October 3, 2019, 5:32 PM IST
उत्तर प्रदेश में बजा उपचुनाव का बिगुल, घोसी विधानसभा का ये है चुनावी आंकड़ा
21 अक्टूबर को मतदान होगा और 24 अक्टूबर को वोटों की गिनती होगी. जिसके बाद प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला जनता के बीच आ जाएगा.

21 अक्टूबर को मतदान (Voting) होगा और 24 अक्टूबर को वोटों की गिनती (Counting) होगी. जिसके बाद प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला जनता के बीच आ जाएगा.

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. घोसी विधानसभा (Ghosi Assembly) के उपचुनाव (By Election) के लिए बिगुल बज चुका है. यहां चुनाव आयोग (Election Commission) ने तारीखों का ऐलान कर दिया है. 21 अक्टूबर को मतदान होगा और 24 अक्टूबर को वोटों की गिनती (Counting) होगी. जिसके बाद प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला जनता के बीच आ जाएगा. बता दें कि घोसी विधानसभा सीट पर 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की तरफ से उतरे फागू चौहान ने जीत दर्ज की थी. जिसके बाद उनको बिहार राज्य का राज्यपाल बना दिया गया. जिसके बाद यह सीट रिक्त हो गयी और अब इस सीट पर नए विधायक को चुनने के लिए उपचुनाव होना है. ऐसे में सबसे पहले बहुजन समाज पार्टी ने कय्यूम अंसारी को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया. वहीं कांग्रेस ने राज्यमंगल यादव को अपना उम्मीदवार बनाकर मैदान में उतार दिया.

14 उम्मीदवारों ने किया नामांकन
यहां अब बीजेपी ने विजय राजभर को अपना उम्मीदवार बनाया. समाजवादी पार्टी ने सुधाकर सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया, लेकिन उनका नामांकन पत्र खारिज होने के कारण वो निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनावी मैदान में उतरेंगे. चुनावी मैदान में कुल 14 उम्मीदवारों ने नामांकन किया है. बता दें कि घोसी विधानसभा में कुल मतदाता की संख्या 423952 है. जिसमें पुरुष मतदाता की संख्या 228854 और महिला मतदाता की संख्या 195094 हैं.

जातिगत आंकड़े

इस विधानसभा की जनसंख्या पर अगर गौर करें तो कुल जनसंख्या 669383 है. जातिगत आकड़ों पर अगर नज़र दौडाएं तो यहां मुस्लिम- 60 हजार, यादव- 40 हजार, चमार- 40 हजार, अन्य अनुसूचित जाति- 20 हजार, राजभर- 45 हजार, चौहान- 35 हजार, कुर्मी- 4 हजार, सवर्ण- 40 हजार, निषाद- 15 हजार, मौर्य़ा- 12 हजार, भूमिहार- 15 हजार और अन्य पिछड़े 20 हजार हैं.

सीट पर जनता के प्रमुख मुद्दे
अगर इस सीट पर जनता के प्रमुख मुददों के बारे में बात करें तो घोसी चीनी मिल बदहाल पड़ी है. किसानों को आए दिन अपने गन्ना के भुगतान के लिए आंदोलन करना पड़ता है. इसके साथ ही सौर ऊर्जा का प्लान्ट भी स्थापित किया गया है जो जर्जर हालात से जूझ रहा है. इसके साथ ही सड़क, पानी और बिजली का भी हाल बेहाल है. बुनकर बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण बुनकरों के हितों में चुनावी वादा तो जरुर किया जाता है, लेकिन उसे अमली जामा पहनाने में हमेशा नेता फेल होते रहे है.
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उपचुनाव में कांग्रेस, बीजेपी और बसपा सहित कुल 14 प्रत्याशी
इस सीट पर होने वाले उपचुनाव में कांग्रेस, बीजेपी और बसपा सहित कुल 14 प्रत्याशी चुनावी मैदान में है. जिसमें बसपा से कय्यूम अंसारी, कांग्रेस से राजमंगल यादव, भाजपा से विजय राजभर, भाकपा से शेख हिसामुद्दीन, परिवर्तन समाज पार्टी से दिलीप, सुहेलदेव भासपा से नेबू लाल, पीस पार्टी से फौजेल अंसारी, बहुजन मुक्ति पार्टी से शरदचंद, बाकी निर्दलीय प्रत्याशी के रुप में सुधाकर सिंह, अंकित, जितेन्द्र, मनोज, रामभवन और सुरेन्द्र हैं.

जीत के बाद क्षेत्र की जनता का विकास करने का दावा
कांग्रेस से राजमंगल यादव को प्रत्याशी बनाया गया है. जोकि जीत के बाद क्षेत्र की जनता का विकास करने का दावा करते हैं. इसके लिए वे क्षेत्र के दो बड़े तालाबों का सुन्दरीकरण करा के जनता के उपयोग में लाएंगे. इसके अलावा तमाम विकास के दावे हैं. इसके अलावा बीजेपी प्रत्याशी विजय राजभर पार्टी द्वारा केन्द्र और प्रदेश में चल रही अपनी सरकार के योजनाओं को जन जन तक पहुंचाने के मुद्दे को लेकर चुनावी बाजी जीतने का दावा ठोक रहे हैं.

उनकी सरकार जिस तरह से जनता की खुशहाली के तमाम योजनाएं संचालित कर रही है. उनका लाभ घोसी की जनता को ज्यादा से ज्यादा मिले यही इनका लक्ष्य है. इसके अलावा कय्यूम अंसारी जोकि बसपा के प्रत्याशी हैं. उनका सपना है कि अगर वह चुनाव जीत जाते हैं तो क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा मैरिज हॉल, शौच मुक्त करने के लिए शौचालय और गांव में ट्रांसफार्मर खराब होने के 15 मिनट के अन्दर मोबाइल ट्रांसफार्मर लगाने की व्यवस्था करेंगे. उनकी पत्नी वर्तमान में घोसी नगर पंचायत की चेयरमैन है. पंचायत क्षेत्र में जो भी विकास किया है. उसी की तर्ज पर विधानसभा क्षेत्र में भी विकास करेगे.


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First published: October 3, 2019, 5:32 PM IST
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