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माफिया मुख्तार अंसारी के अहम सहयोगी राजन सिंह की 35 लाख की सम्पत्ति कुर्क

माफिया मुख़्तार अंसारी (File Photo)
माफिया मुख़्तार अंसारी (File Photo)

मऊ (Mau) के सरायलखनसी थाना क्षेत्र अंतर्गत खड़गजेपुर गांव बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) के करीबी राजन सिंह की 35 लाख की संपत्ति को जिलाधिकारी अमित सिंह बंसल के आदेश पर पुलिस ने कुर्क किया है.

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मऊ. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार (Yoigi Government) लगातार प्रदेश के माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई कर रही है. एक तरफ प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद वहीं दूसरी तरफ माफिया मुख्तार अंसारी के भी साम्राज्य को नेस्तोनाबूत किया जा रहा है. मऊ (Mau) से लेकर लखनऊ (Lucknow) में मुख्तार की संपत्ति पर कानून का डंडा चल रहा है. वहीं उसके गुर्गों पर भी कार्रवाई की जा रही है. इसी क्रम में मुख्तार के सहयोगी राजन सिंह (Rajan Singh) की 35 लाख की संपत्ति कुर्क कर दी गई है. पुलिस ने डुगडुगी बजवा कर माइक से ऐलान भी किया है. बता दें राजेश उर्फ राजन सिंह के भाई उमेश सिंह की अपराध व अवैध रुप से अर्जित लगभग 6.5 करोड़ रूपये की संपत्ति पूर्व में जब्त की जा चुकी है.

मऊ के सरायलखनसी थाना क्षेत्र अंतर्गत खड़गजेपुर गांव बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के करीबी राजन सिंह की 35 लाख की संपत्ति को जिलाधिकारी अमित सिंह बंसल के आदेश पर पुलिस ने कुर्क किया है. इस दौरान सीओ सिटी नरेश कुमार सिंह, तहसीलदार सहित तीन थानों की फोर्स मौजूद रही.

मुख्तार के करीबियों में हड़कंप



बताया जा रहा है राजन सिंह के खिलाफ पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की थी, जिसके बाद आज पुलिस ने 14a के तहत 35 लाख की संपत्ति को कुर्क किया है. इस कार्रवाई से मुख्तार के करीबियों में हड़कंप मचा हुआ है. पुलिस अनुसार मुख्तार अंसारी गिरोह आईएस 191 के बेहद करीबी कोयला माफिया और अपराधिक गैंग आईआर- 9 के सदस्य व हिस्ट्रीशीटर राजेश उर्फ राजन सिंह की 35 लाख 23 हजार 600 रूपये की सम्पत्ति धारा 14(1) गैंगस्टर एक्ट के तहत मऊ पुलिस द्वारा जब्त की गई है.


दो दशकों से मुख्तार और गिरोह काे दे रहे मदद

पुलिस के अनुसार राजेश सिंह उर्फ राजन सिंह त्रिदेव कंस्ट्रक्शन कंपनी/त्रिदेव कोल डिपो/त्रिदेव ग्रुप का संचालन अपने भाई उमेश सिंह के साथ मिलकर करता रहा है. इसके द्वारा मुख्तार अंसारी व गिरोह की आर्थिक रूप से मदद पिछले दो दशकों से की जाती रही है.

mau mukhtar
मऊ में कुर्की की कार्रवाई


मन्ना सिंह हत्याकांड के गवाह की हत्या में आरोपी

वर्ष 2009 में हुए मन्ना सिंह हत्याकांड में गवाह राम सिंह मौर्य व उनकी सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मी आरक्षी सतीश की 2010 में ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी गई. इस संबंध में थाना दक्षिण टोला में एफआईआर दर्ज की गई. इस केस में राजन सिंह, मुख्तार अंसारी के साथ सह अभियुक्त था. इस हत्याकांड के संबंध में थाना दक्षिणटोला में गैंगस्टर एक्ट का अभियोग मुख्तार अंसारी, राजन सिंह व अन्य अभियुक्तों के विरुद्ध 2010 में दर्ज किया गया. इसके अलावा भी उमेश सिंह व राजन सिंह के विरुद्ध कुल 8 अभियोग पंजीकृत हैं.

दो दशकों से फैला रखा है कोयले का कारोबार

पिछले दो दशकों के दौरान राजन सिंह व उमेश सिंह मुख्तार अंसारी व उसके गिरोह के मुख्य शरणदाता व आर्थिक मददगार के रूप में अतिसक्रिय व अग्रणी भूमिका रही है. माफिया से सम्बन्धों का फायदा उठाकर इंदारा कोपागंज में कोल डिपो स्थापित कर मोनोपोली बनाते हुए कोयला माफिया के रूप में इन दोनों द्वारा अर्जित धन से मुख्तार अंसारी गिरोह की फंडिंग लंबे समय से की जाने की भी बात प्रकाश में आई है.
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