बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़, एक 2 कमरों वाली बिल्डिंग में चल रहे हैं 2 स्कूल

इस वक्त प्राथमिक विद्यालय यूशुफपूरा के कक्षा 1 से 5 तक के बच्चे दो कमरों में पढ़ाई करने को मजबूर हैं. वहीं दूसरे विद्यालय हरिकेश्पुरा के सभी बच्चे एक छोटे से बरामदे में ही पढ़ रहे हैं. बारिश आने पर बच्चे भीगने लगते हैं और कई बार तो छुट्टी भी करानी पड़ती है.

News18 Uttar Pradesh
Updated: April 9, 2018, 8:13 PM IST
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Updated: April 9, 2018, 8:13 PM IST
मऊ जिले के नगर क्षेत्र में स्थित प्राथमिक विद्यालय यूशुफपूरा और प्राथमिक विद्यालय हरिकेशपूरा मात्र 2 कमरों और 1 बरामदे वाली बिल्डिंग में एक साथ चल रहे हैं. वैसे तो ये दोनों ही स्कूल एक ही कैम्पस में काफी सालों से संचालित होते आ रहे हैं लेकिन पहले स्कूल की बिल्डिंग में 7 कमरे थे जिसकी वजह से पठन-पाठन का कार्य आसानी से हो जाता था. लेकिन अब 5 कमरों की छत जर्जर होने की वजह से उन्हें किसी अनहोनी की आशंका के चलते बंद कर दिया गया है. जिसके बाद दोनों स्कूल मात्र 2 कमरे और 1 बरामदे में संचालित हो रहे हैं.

इस वक्त प्राथमिक विद्यालय यूशुफपूरा के कक्षा 1 से 5 तक के बच्चे दो कमरों में पढ़ाई करने को मजबूर हैं वहीं दूसरे विद्यालय हरिकेश्पुरा के सभी बच्चे एक छोटे से बरामदे में ही पढ़ रहे  हैं. बारिश आने पर बच्चे भीगने लगते हैं और कई बार तो छुट्टी भी करानी पड़ती है.

जर्जर पड़े कमरों की मरम्मत के लिए स्कूल की प्रिंसपल कई बार नगर शिक्षा अधिकारी को लिखित सूचना दे चुकी हैं बावजूद इसके आजतक कमरों की मरम्मत नहीं हुई. स्कूल के अध्यापकों के अनुसार दो विद्यालयों के एक साथ मर्ज होने से बच्चों की संख्या बहुत ज्यादा है जिससे पठन-पाठन का कार्य ठीक से नहीं हो पा रहा है.

दोनों स्कूलों की स्थिति और लेकर जब नगर शिक्षा अधिकारी से सवाल किया गया तो वो जमीन और भवन के अभाव का हवाला देने लगे. नगर शिक्षा अधिकारी के अनुसार नगर क्षेत्र में जमीन और भवन दोनों का आभाव है.

नगर शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार गौतम ने कहा कि शासन को कई बार प्रस्ताव भेजा गया है कि स्कूल को फिर से बनवाया जाए लेकिन पिछले वित्तीय वर्ष में धन नहीं मिल पाया. इस बार उसका सर्वे करके प्रस्ताव भेजा गया है. जैसे ही धन प्राप्त होगा हरिकेश्पुरा विद्यालय के लिए नया भवन बनवाया जाएगा.
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