मऊ: फिटनेस सर्टिफिकेट के लिए जिला अस्पताल में लिया जा रहा है 100 रु.

छात्र संतोष कुमार ने बताया कि एक फॉर्म भरने में फिटनेस सर्टिफिकेट लगाना है, इसके लिए वह फिटनेस प्रमाण पत्र बनवाने आया हुआ था. सर्टिफिकेट बनाने के नाम पर यहां के डॉक्टर 100-100 रुपए ले रहे हैं

News18 Uttar Pradesh
Updated: June 22, 2018, 12:11 AM IST
News18 Uttar Pradesh
Updated: June 22, 2018, 12:11 AM IST
उत्तर प्रदेश के मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ स्वास्थ्य महकमे को चुस्त-दुरुस्त करने की लाख कवायद कर लें, लेकिन महकमा सुधरने का नाम ही नहीं ले रहा है. मऊ जिला चिकित्सालय के नेत्र विभाग में तैनात नेत्र चिकित्सक वाईपी गुप्ता फिटनेस सर्टिफिकेट (प्रमाण पत्र) बनाने के नाम पर लोगों से 100-100 रुपए ले रहे हैं.

सूबे में निकली तमाम सरकारी नौकरियों में फार्म भरने के लिए फिटनेस प्रमाण पत्र लगाना जरूरी है. इसके लिए फिटनेस प्रमाण पत्र बनवा रहे युवाओं को जिला अस्पताल में 100-100 रुपए लिए जा रहे हैं. यह वाकया कैमरे में कैद किया जा चुका है.

बता दें कि यह वीडियो, डॉक्टर से फिटनेस प्रमाण पत्र बनवाने के दौरान एक अभ्यर्थी के द्वारा सूट किया गया है. यह वीडियो इन दिनों मऊ जनपद के सोशल मीडिया में जिला चिकित्सालय के कारस्तानी के नाम पर चल रहा है.

वहीं प्रमाण पत्र बनवा रहे छात्र संतोष कुमार ने बताया कि एक फॉर्म भरने में फिटनेस सर्टिफिकेट लगाना है. इसके लिए वह फिटनेस प्रमाण पत्र बनवाने आया हुआ था. सर्टिफिकेट बनाने के नाम पर यहां के डॉक्टर 100-100 रुपए ले रहे हैं. संतोष ने बताया कि उसने इसकी शिकायत भी कि लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई.

वीडियो के संज्ञान में आने के बाद मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमएस) बृज कुमार ने कहा कि वसूली का मामला संज्ञान में आया है. जांच टीम गठित कर दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. सीएमएस ने कहा कि वह सरकार की मंशा के अनुरुप काम कर रहे हैं. अगर कोई लापरवाही करेगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

ये भी पढ़ें - 

एटा: ऑटो लिफ्टर गैंग के सरगना समेत चार वाहन चोर गिरफ्तार
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर