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यूपी: दो कमरों में दो बल्ब-दो पंखे, मगर बिजली बिल पहले 2 लाख और अब 3 करोड़ से ज्यादा
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Updated: February 15, 2017, 9:07 AM IST
यूपी:  दो कमरों में दो बल्ब-दो पंखे, मगर बिजली बिल पहले 2 लाख और अब 3 करोड़ से ज्यादा
उत्तर प्रदेश में आज भी हजारों गांवों ऐसे हैं, जहां बिजली नहीं पहुंची है, लेकिन बिजली विभाग उपभोक्ताओं को ऐसे बिल थमा रहा है, जो अकल्पनीय है.

उत्तर प्रदेश में आज भी हजारों गांवों ऐसे हैं, जहां बिजली नहीं पहुंची है, लेकिन बिजली विभाग उपभोक्ताओं को ऐसे बिल थमा रहा है, जो अकल्पनीय है.

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  • Last Updated: February 15, 2017, 9:07 AM IST
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उत्तर प्रदेश में आज भी हजारों गांवों ऐसे हैं, जहां बिजली नहीं पहुंची है, लेकिन बिजली विभाग उपभोक्ताओं को ऐसे बिल थमा रहा है, जो अकल्पनीय है. राज्य के मऊ जिले में वैसे ही बिजली की भारी कमी है, लेकिन यहां कलचिहा गांव की छोटी रानी को विभाग ने 3 करोड़ से ज्यादा का बिल थमा दिया है. पूरा बिल 3,11,63,400 रुपए का है.

पहले दो लाख आया फिर करोड़
छोटी रानी बताती हैं- वर्ष 2011 में उसने मीटर लगवाया था. दो महीने बाद एक लाख रुपये का बिल आया. साल 2014 में बिल की रकम बढ़कर करोड़ों में हो गई. वह कहती है, "बिजली लगवाना मुझे भारी पड़ गया. इतने पैसे हम कहां से लाएंगे? इतनी रकम चुकाने में तो हम पूरा बिक जाएंगे."

चार साल से चक्कर

छोटी रानी के घर में केवल दो बल्ब और दो पंखे हैं. चार साल पहले आए इस बिल में सुधार के लिए वह अब भी बिजली विभाग के कार्यालय के चक्कर काट रही हैं. उनके बेटे अजय कुमार कहते हैं- "हम चार साल से बिजली दफ्तर के चक्कर काटते-काटते थक गए. विभाग अपनी गलती मान रहा है, लेकिन बिल में सुधार नहीं कर रहा है."

यह कहना है बिजली विभाग का
बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर रविशंकर गुप्ता कहते हैं- "छोटी रानी के घर में एक किलो वाट का कनेक्शन था, पर मीटर रीडर ने गलती से एक हजार किलो वाट लिख दिया. हम इस समस्या का हल जल्द ही निकालेंगे."पिछले साल ही कम हुए थे रेट
राज्य में बीते साल ही बिजली के रेट कम किए गए थे. उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने बिजली के बिलों पर लागू 2.84 प्रतिशत सरचार्ज को खत्म करने की घोषणा भी की है. बिजली के सस्ते होने के बाद बिजली बिल कम देना देना था, लेकिन अब भी हालात ऐसे ही हैं.

देश में बिजली की सबसे ज्‍यादा जरूरत है यूपी को
यूपी में बिजली की हालत काफी से समय से खराब है. यहां हजारों गांवों में बिजली नहीं पहुंची है. सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के 2015-16 के आंकड़े कहते हैं कि आज भी जम्मू-कश्मीर के बाद देश में सबसे ज्यादा बिजली की जरूरत यूपी को है. बिजली की यह कमी तकरीबन 12.5 फीसदी की है.

बता दें कि केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के 2014 के आंकड़ों के हिसाब से यूपी में 10856 गांव ऐसे थे, जहां बिजली पहुंची ही नहीं थी. प्राधिकरण ने तो 2013 की एक रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश को बिजली का सबसे भूखा प्रदेश क़रार दिया था.

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First published: February 15, 2017, 9:07 AM IST
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