Home /News /uttar-pradesh /

withdrawal of government money by running a fake madrasa corruption connivance of officers nodelsp

फर्जी मदरसा दिखाकर डकार गए सरकारी धन, सामने आया अफसरों का खेल, खुलासे के बाद बड़ी कार्रवाई की तैयारी

मऊ जिले में एक मदरसे को फर्जी तरीके से चलते पाया गया. इस मामले में एफआईआर दर्ज कराकर कार्रवाई शुरू हो गई.

मऊ जिले में एक मदरसे को फर्जी तरीके से चलते पाया गया. इस मामले में एफआईआर दर्ज कराकर कार्रवाई शुरू हो गई.

UP fake madrassa: यूपी के मऊ जिले में एक मदरसे को फर्जी तरीके से चलते पाया गया. यहां फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा था. इसकी शिकायत मिलने पर जहां पर अल्पसंख्यक मंत्री ने पूरे मामले की जांच पड़ताल कराई तो मामला खुलकर सामने आ गया. इस खेल में अफसरों की भी मिलीभगत थी. अब मदरसा के खिलाफ कड़ा एक्शन लेने की तैयारी चल रही है.

अधिक पढ़ें ...

अभिषेक राय

मऊ. उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में शनिवार को एक फर्जी मदरसे का खुलासा हुआ है. यहां फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा था. इसकी शिकायत मिलने पर जहां पर अल्पसंख्यक मंत्री ने पूरे मामले की जांच पड़ताल कराई तो मामला खुलकर सामने आ गया. फर्जी मदरसे का संचालन दिखाकर अधिकारियों की मिलीभगत से बरसों से सरकारी धन का लाभ लिया जा रहा था. अब मदरसा के खिलाफ कड़ा एक्शन लेने की तैयारी चल रही है.

यह मामला मोहम्मदाबाद गोहाना थाना क्षेत्र के मीरपुर रहीमाबाद गांव का है, जहां मदरसा इस्लमियां शफीनतुल हेदाया का संचालन हो रहा था. मऊ जिले अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में अधिकारियों व कर्मचारी की मिलीभगत से फर्जी मदरसे को अनुदान पर देने के मामले में दर्ज एफआइआर के बाद लखनऊ के हजरतगंज थाने की पुलिस जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के कार्यालय पहुंची और रिकार्ड खंगाला. इसके पूर्व टीम मुहम्मदाबाद गोहना तहसील के मीरपुर रहीमाबाद गांव में मदरसा इस्लमियां शफीनतुल हेदाया भी गई और कर्मचारियों का बयान लिया.

दरअसल, मुहम्मदाबाद गोहना तहसील के मीरपुर रहीमाबाद गांव में मदरसा इस्लमियां शफीनतुल हेदाया को फर्जी अभिलेखों के आधार पर मान्यता दी गई थी. मान्यता में लगाए गए भू-अभिलेख खसरा खतौनी आदि भी फर्जी हैं. इस मदरसे को 2013 में अनुदान पर लिया गया था. उस समय भी इस मदरसे के पत्रावली की जांच की गई थी. जांच के समय तत्कालीन रजिस्ट्रार मो. तारिक ने मदरसे को अनुदान पर लेने से इंकार कर दिया था. इसकी फाइल को निरस्त कर दिया था.

इसकी शिकायत आजमगढ़ जनपद के रसूलपुर निवासी अमजद हुसैन एवं आजमगढ़ के ही रमेश द्विवेदी एडवोकेट ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मऊ से की थी. इनकी शिकायत पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने जब जांच की तो सारा मामला सामने आ गया था. उन्होंने मदरसे को फर्जी होने की अपनी रिपोर्ट मदरसा बोर्ड व शासन को प्रेषित कर दी थी.

इसी रिपोर्ट के आधार पर बीते दिनों मदरसा की मान्यता निरस्त करते हुए इसके प्रबंधक के खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज थाने में एफआइआर दर्ज कराई गई थी. एफआइआर दर्ज किए जाने के बाद से ही जनपद के मदरसा संचालकों में हड़कंप मच गया था. वहीं हजरतगंज थाने के विवेचना अधिकारी सहित टीम पहले रहीमाबाद गांव स्थित मदरसा पर पहुंची. यहां जांच पड़ताल व कर्मचारियों से बयान लिया.

Tags: Madarsa, Mau news, UP news, Yogi adityanath

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर