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नॉर्थ इंडिया को दिसम्बर में मिलेगा पहला मेडिकल डिवाइस पार्क, जानें पूरा प्लान

नॉर्थ इंडिया को दिसम्बर में मिलेगा पहला मेडिकल डिवाइस पार्क, जानें पूरा प्लान

यमुना एक्सप्रेसवे के पास बनने वाले मेडिकल डिवाइस पार्क के काम में एक बार फिर तेजी आ गई है.

यमुना एक्सप्रेसवे के पास बनने वाले मेडिकल डिवाइस पार्क के काम में एक बार फिर तेजी आ गई है.

यमुना अथॉरिटी (Yamuna Authority) की योजना के मुताबिक मेडिकल डिवाइस पार्क में बड़ी कंपनियों से निवेश कराने की कोशिश में लगी हुई है. पार्क में मेडिकल डिवाइस और बड़ी मशीनें बनेंगी. 20 नवंबर से पहले अथॉरिटी कंपनियों के साथ बातचीत करेगी. यमुना अथॉरिटी ने आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur) को नॉलेज पार्टनर बनाया है. जल्द ही आईआईटी कानपुर के साथ एमओयू साइन किया जाएगा. जानकारों की मानें तो मेडिकल डिवाइस पार्क (Medical Device Park) में आने वाली कंपनियों को बिजली, पानी, स्टांप ड्यूटी, ब्याज समेत अन्य कई मामलों मे छूट दी जा सकती हैं. लेकिन इसके लिए पहले छूट का प्रस्ताव कैबिनेट से पास होना जरूरी है.

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    नोएडा. नॉर्थ इंडिया (India) को पहला मेडिकल डिवाइस पार्क मिलने का रास्ता साफ हो गया है. दिसम्बर में पार्क की योजना पर काम शुरू हो जाएगा. अगले 5-6 दिन में पार्क की संशोधित डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) केन्द्र सरकार को भेज दी जाएगी. यमुना अथॉरिटी (Yamuna Authority) के सीईओ के मुताबिक दिसम्बर में योजना जारी कर दी जाएगी. यमुना एक्सप्रेसवे (Yamuna Expressway) के किनारे बनने वाला ये देश का दूसरा मेडिकल डिवाइस पार्क होगा. पहला पार्क तेलंगाना (Telangana) में है. मेडिकल डिवाइस पार्क (Medical Device Park) मामले में डिपार्टमेंट ऑफ फार्मास्युटिकल मिनिस्ट्री ऑफ केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स की सचिव एस अपर्णा के साथ मीटिंग भी हो चुकी है. डिवाइस पार्क में एक हजार से लेकर 10 हजार वर्गमीटर तक के 89 प्लाट होंगे. पार्क में 20 हजार करोड़ रुपये का निवेश होने के साथ ही हजारों लोगों को रोजगार भी मिलेगा.

    FFC तकनीक से संसाधनों के साथ किराए पर मिल जाती है फैक्ट्री

    जानकारों की मानें तो फ्लैटेड फैक्ट्री कॉन्सेप्ट (एफएफसी) से ऐसे कारोबारी भी कारोबार शुरु कर सकते हैं जिनके पास कम पूंजी है. ज़मीन खरीदने और फैक्ट्री बनवाने से लेकर उसका स्ट्राक्चर तक तैयार कराने लायक लागत नहीं है. ऐसे में फ्लैटेड फैक्ट्री कॅन्सेप्ट बहुत ही काम आता है. इसके तहत अपने काम के हिसाब से फैक्ट्री में पहले से तैयार फ्लोर किराए पर लेकर काम शुरु किया जा सकता है.

    350 एकड़ में बनेगा मेडिकल डिवाइस पार्क

    यमुना अथॉरिटी के अफसरों की मानें तो सेक्टर-28 में मेडिकल डिवाइस पार्क का निर्माण होगा. इसके लिए 350 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है. पहले फेज में 100 एकड़ जमीन पर निर्माण किया जाएगा. पार्क में एक हजार से लेकर 10 हजार वर्गमीटर तक के 89 प्लाट होंगे. देश के इस दूसरे मेडिकल डिवाइस पार्क के लिए केन्द्र सरकार भी अनुदान देगी.

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    मेडिकल पार्क में ऐसे मिलेगा कारोबार का मौका

    मेडिकल डिवाइस पार्क में कारोबार करने के लिए पहले से निर्धारित कुछ शर्तों का पालन करना होगा. शर्त पूरी करने के बाद ही आवेदक को प्लॉट का आवंटन किया जाएगा. सबसे पहले तो यह कि आवेदन करने वाली कंपनी का फार्मा में रजिस्ट्रेशन हो. कंपनी वर्ल्ड लेवल की होनी चाहिए. या फिर कंपनी पहले से ही इस फील्ड में काम कर रही हो. मेडिकल डिवाइस पार्क में इलेक्ट्रोनिक डिवाइस के साथ-साथ रेडियोलॉजिकल डिवाइस भी बनाई जाएंगी.

    Tags: Medical Devices, Yamuna Authority, Yamuna Expressway

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