स्ट्रेचर पर ही हो गयी थी मौत, डॉक्टर्स ने फिर भी कर दिए लाश के 10 एक्स रे

प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता ने बताया कि घायल रिक्शा चालक को फर्स्ट ईयर के जूनियर रेजिडेंट ने अटेंड किया था. उसके शरीर में कई चोट और फ्रैक्चर थे. मैंने खुद इस मामले की जांच की है.

News18 Uttar Pradesh
Updated: June 25, 2019, 8:28 PM IST
स्ट्रेचर पर ही हो गयी थी मौत, डॉक्टर्स ने फिर भी कर दिए लाश के 10 एक्स रे
प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता ने बताया कि घायल रिक्शा चालक को फर्स्ट ईयर के जूनियर रेजिडेंट ने अटेंड किया था. (Demo Pic)
News18 Uttar Pradesh
Updated: June 25, 2019, 8:28 PM IST
उत्तर प्रदेश के मेरठ में लाला लाजपत राय मेमोरियल (एलएलआरएम) मेडिकल कॉलेज में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां एक मुर्दे के एक नहीं पूरे 10 एक्सरे किए गए हैं. इस मामले को लेकर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता ने केजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर (ईएमओ), जूनियर चिकित्सकों और स्टाफ समेत 11 लोगों से जवाब तलब किया है. इस मामले में इनमें से कई पर गाज गिर सकती है.

प्राचार्य ने इसे गंभीरता से लेते हुए एक ईएमओ, आर्थोपेडिक विभाग से जुड़े जेआर-1 से लेकर जेआर-3 तक पांच लोग और सर्जरी विभाग के पांच लोगों से लिखित में जवाब तलब किया है. तीन दिन तक तो मामला दबा रहा, लेकिन जवाब तलब किए जाने से मेडिकल में चर्चा फैल गई तो मामला बाहर निकल आया.

ये है मामला
20 जून 2019 (गुरुवार) को मेडिकल थाना क्षेत्र के जागृति विहार सेक्टर-7 में एक व्यक्ति ने तेज रफ्तार कार से कई वाहनों में टक्कर मार दी थी. इस हादसे में एक रिक्शा चालक भी घायल हो गया था. जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी. इसी रिक्शा चालक के शव के एक्सरे किए गए हैं. शक जाहिर किया गया है कि स्ट्रेचर पर ही रिक्शा चालाक की मौत हो गयी थी लेकिन किसी भी डॉक्टर ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया और उसके एक्स-रे किए जाते रहे.

रिक्शा चालक की पहचान अख्तर निवासी फतेहउल्लापुर के रूप में हुई थी. मृत्यु के बाद एक्सरे कराने की सूचना से इमरजेंसी में हड़कंप मच गया. एक टेक्निशियन ने 10 एक्सरे कराने की सूचना रेडियोलॉजी विभाग के प्रभारी डॉ. सुभाष को दी थी. डॉ. सुभाष ने प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता को मामले की पूरी जानकारी दी.

मौत की वजह को लेकर संदेह
प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता ने बताया कि घायल रिक्शा चालक को फर्स्ट ईयर के जूनियर रेजिडेंट ने अटेंड किया था. उसके शरीर में कई चोट और फ्रैक्चर थे. मैंने खुद इस मामले की जांच की है. रिक्शा चालक की मृत्यु के बाद एक्सरे किए गए हैं. हालांकि इसके पीछे डॉक्टरों और स्टाफ की मंशा गलत नहीं थी. वह यह जानना चाहते थे कि रिक्शा चालक की मृत्यु किस कारण से हुई है.
सर्जरी और आर्थोपेडिक विभाग से जुड़े स्टाफ में मौत की वजह को लेकर संदेह था. आर्थोपेडिक वाले कह रहे थे कि सीने में फ्रैक्चर की वजह से मृत्यु नहीं हो सकती, जबकि सर्जरी वाले कह रहे थे कि फ्रैक्चर की वजह से ही मृत्यु हुई है. उनकी गलती यह है कि उन्हें इसके लिए मुझसे अनुमति लेनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने बिना अनुमति के ये काम किया. इसी वजह से इस मामले को गंभीरता से लेकर कार्रवाई की जा रही है.

ये भी पढ़ें..

गैंगस्टर कपिल सांगवान के पैरोल मिलने पर जश्न मना रहे थे 15 बदमाश, सभी एक साथ गिरफ्तार

10 रुपये के नोट को लेकर सब्जी बेचने वाले ने कर दी व्यक्ति की हत्या
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...