चमगादड़ वाला अनोखा पेड़ बना चर्चा का कारण, दुनिया में हैं 1100 प्रजातियां

चमगादड़ इंसान का मित्र है. वजह, ये फल और फूलों को खाने के बाद उनके परागकणों के संचरण का काम भी करते हैं. इससे जंगल में नए पौधे तैयार होते हैं.

Umesh Srivastava | News18 Uttar Pradesh
Updated: July 14, 2019, 11:51 AM IST
चमगादड़ वाला अनोखा पेड़ बना चर्चा का कारण, दुनिया में हैं 1100 प्रजातियां
चमगादड़ एक घंटे में 600 खटमल तक खा सकता है.
Umesh Srivastava | News18 Uttar Pradesh
Updated: July 14, 2019, 11:51 AM IST
प्रकृति का संतुलन बनाए रखने के लिए हर जीव की अपनी भूमिका है और ऐसा ही एक स्तनधारी उड़ने वाला जीव है चमगादड़. आमतौर पर आज की इस भाग दौड़ वाली जिंदगी में चमगादड़ विलुप्त हो गये हैं, लेकिन मेरठ के पॉश इलाके सिविल लाइंस के एक पेड़ पर चमगादड़ों ने अपना बसेरा बना रखा है. इस पेड़ पर सैकड़ों की संख्या में चमागादड़ कौतूहल का विषय बने हुए हैं. उनके (चमगादड़) के बारे में आपने यूं तो ढेरों बातें सुनी और पढ़ी होंगी, लेकिन आज हम आपको चमगादड़ों से जुड़ी कुछ ऐसी चीजों के बारे में बता रहे हैं जिनके बारे में आप शायद ही जानते होंगे.

मेरठ के पॉश इलाके सिविल लाइंस में आजकल एक पेड़ चर्चा का विषय बना हुआ है. चर्चा का विषय बड़ा रोचक है और आमतौर पर आपसे अगर पूछा जाए कि आपने कभी चमगादड़ देखा है तो शायद कहें हां, लेकिन हम अगर आपसे पूछें कि एक साथ क्या आपने कभी सैकड़ों की संख्या में चमगादड़ देखे हैं तो यकीनन आपका जवाब न होगा. आजकल मेरठ के सिविल लाइन्स इलाके में ये दुर्लभ नज़ारा देखने को मिल रहा है. यहां एक नीम के पेड़ पर सैकड़ों की संख्या में चमगादड़ लोगों के बीच कौतूहल का विषय बने हुए हैं.



शहर में फिर लौटे चमगादड़
मेरठ शहर के सिविल लाइन से माइग्रेट करने वाले फ्लाइंग फॉक्स चमगादड़ फिर से अपने बसेरों पर लौट आए हैं. एसएसपी आवास, कमिश्नरी कार्यालय और सिंचाई विभाग कॉलोनी के पास एक पेड़ पर दिन भर ये उलटे लटके नजर आते हैं. जंगल के किसान कहे जाने वाले ये चमगादड़ अंधेरा होते ही अपने भोजन की तलाश में निकल पड़ते हैं. जो भी इस गली से गुज़रता है उसकी निगाह इस नीम के पेड़ पर जरूर जाती है, क्योंकि यहां सैकड़ों की संख्या में चमगादड़ लटके हुए नजर आ जाते हैं. कुछ लोग एक साथ इतने चमगाद़ड़ देखकर डरते भी हैं कि कहीं ये उन पर हमला न कर दें, तो कुछ इन्हें देखकर खुश होते हैं.

चमगादड़ों की सबसे बड़ी गुफा टेक्सास में है, यहां करीब दो करोड़ चमगादड़ रहते हैं.


ऐसे होते हैं चमगादड़
दरअसल, चमगादड़ दो तरह के होते हैं. एक वे जो फल-फूल खाते हैं और पेड़ों पर रहते हैं. ये आकार में काफी बड़े होते हैं और इन्हें मेगा किरोप्टेरा, फ्लाइंग फॉक्स या फ्रूट बैट कहा जाता है. जबकि दूसरे कीट भक्षी छोटे चमगादड़ होते हैं. इनको माइक्रो किरोप्टेरा कहते हैं और ये घरों, पुराने खंडहरों, गुफाओं आदि में रहते हैं.
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वाइल्ड लाइफ साइंटिस्ट फ्लाइंग फॉक्स को 'जंगल का किसान' भी कहते हैं. वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट का मानना है कि प्रदूषण या दूसरी वजहों से हजारों चमगादड़ यहां से माइग्रेट कर गए, लेकिन खुशी की बात है कि ये फिर से लौट आए हैं. कई जगहों पर चमगादड़ को अशुभ माना जाता है. लोगों की धारणा है कि ये आक्रामक होते हैं, लेकिन ये अंधविश्वास है. चमगादड़ इंसान का मित्र है. वजह, ये फल और फूलों को खाने के बाद उनके परागकणों के संचरण का काम भी करते हैं. इससे जंगल में नए पौधे तैयार होते हैं. वैज्ञानिक मानते हैं कि उष्ण कटिबंधीय वर्षा वनों का बड़ा वनीकरण चमगादड़ों द्वारा फैलाए गए बीजों से ही हुआ है.

चमगादड़ों के बारे में कुछ रोचक बातें

  • दुनियाभर में 1100 प्रजाति के होते हैं चमगादड़

  • एक चमगादड़ एक घंटे में 600 खटमल तक खा सकता है.

  • चमगादड़ हमेशा उल्टा लटककर सोते हैं.

  • चमगादड़ मुंह से तेज ध्वनि तरंगें निकालते हुए उड़ते हैं. ये ध्वनि तरंगें शिकार में उनकी मदद करती हैं.

  • फ्रूट बैट की सूंघने की शक्ति बहुत अधिक होती है. ये रात में हवा के साथ आ रही फल की खुशबू को पहचान लेते हैं.

  • चमगादड़ों की सबसे बड़ी गुफा टेक्सास में है, यहां करीब दो करोड़ चमगादड़ रहते हैं.

  • चमगादड़ एकलौता स्तनधारी प्राणी है, जो उड़ सकता है. इसकी उम्र 40 साल तक होती है.


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