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Meerut News: जानिए क्यों चीता-चीता चिल्लाता है मेरठ का ये शख्स, देखें Video

Meerut News: जानिए क्यों चीता-चीता चिल्लाता है मेरठ का ये शख्स, देखें Video

जानिए क्यों चीता-चीता चिल्लाता है मेरठ का ये शख्स (File photo)

वायरल वीडियो को लेकर जिला वन अधिकारी राजेश कुमार का कहना है कि वायरल वीडियो (Viral Video) में दिख रहे लड़के से बात की तो इसमें तेंदुए होने की सच्चाई नहीं पाई गई.

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मेरठ. उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) जिले में एक 18 साल के युवक का वीडियो सोशल मीडिया (Video Social Media) पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में युवक रह-रह कर चीता-चीता चिल्लाते हुए कह रहा है कि आ गया आ गया, इसके बाद युवक बेहोश हो जाता है. गांववालों का कहना है कि किठौर क्षेत्र के गांव महमूदपुर गढ़ी के जंगल में युवक के सामने अचानक तेंदुआ गया था. जिसे देखकर वो दहशत में आ गया है. ये दहशत उसके दिल और दिमाग पर इस कदर हावी है कि वो बार-बार चीता-चीता चिल्लाते हुए बेहोश हो जाता है.

वायरल वीडियो को लेकर जिला वन अधिकारी राजेश कुमार का कहना है कि वायरल वीडियो में दिख रहे लड़के से बात की तो इसमें तेंदुए की सत्यता नहीं पाई गई. वन अधिकारी का कहना है कि हो सकता है कि कोई जंगली कैट रही होगी क्योंकि तेंदुए के निशान उस क्षेत्र में नहीं मिले हैं, जहां की ये घटना बताई जा रही है. राजेश कुमार का कहना है कि युवक ने किसी जंगली बिल्ली को देखा होगा जिससे वो डर गया.



UP News: बागपत में इंस्पेक्टर समेत 11 पुलिसकर्मी के खिलाफ FIR, 10 लाइन हाजिर

गौरतलब है कि इससे पहले भी कई बार ग्रामीणों ने तेंदुआ देखे जाने की बात वन विभाग को बताई है. कई बार तेंदुए का वीडियो भी वायरल हुआ है. वन विभाग ने कई बार तेंदुए का सर्च ऑपरेशन भी चलाया है लेकिन अभी तक तेंदुआ गिरफ्त में नहीं आ सका है. एक बार तो 10 दिन तक वन विभाग तेंदुए को पकड़ने का प्रयास करता रहा. पिंजरा लगाया गया लेकिन तेंदुआ गिरफ्त में नहीं आ सका. हालांकि वन विभाग का कहना है कि इस इलाके में आज भी वन विभाग की टीम सक्रिय रहती है जो इलाके में गश्त करती रहती है. लेकिन ये भी सच है कि किठौर क्षेत्र के कई गांव के लोग तेंदुए की वजह से दहशत में जीने को मजबूर हैं.

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Meerut News: डेंगू के बाद 2 साल के बच्चे में 'स्क्रब टाइफस' की पुष्टि, जानिए कैसे फैलती है बीमारी

Meerut News: डेंगू के बाद 2 साल के बच्चे में 'स्क्रब टाइफस' की पुष्टि, जानिए कैसे फैलती है बीमारी

UP News: मेरठ मेडिकल कॉलेज में फिलहाल डेंगू और कोरोना के बाद स्क्रब टाइफस की भी जांच शुरू हो गई है ताकि रोगी को सही उपचार मिल सके.

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मेरठ. उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) जिले में डेंगू (Dengu) और वायरल बुखार (Viral Fever) के बाद दो साल के बच्चे में ‘स्क्रब टाइफस’ की पुष्टि से हड़कंप मच गया. बुलंदशहर के रहने वाला दो साल का बच्चे का इलाज मेरठ जिला अस्पताल में किया जा रहा है. सीएमओ ने बताया कि स्क्रब टाइफस घुन, छोटे कीट, गिलहरी और चूहे के कारण फैलता है. बरसात के मौसम में इनसे बचाव करें. समय पर इलाज न मिले तो यह बीमारी बढ़ सकती है. पहले निजी लैब में जांच कराई गई, फिर कन्फर्म करने के लिए मेडिकल कॉलेज में भी जांच कराई गई.

मंडलीय सर्विलांस अधिकारी डॉ अशोक तालियान ने बताया कि दोनों जगह पुष्टि हुई है. मेरठ में इससे पहले एक महिला में यह बीमारी मिली थी. महिला ने लक्षण मिलने पर गाजियाबाद में इसकी जांच कराई थी. ये ओरिएंटिया त्सुत्सुगामुशी बैक्टीरिया के कारण होती है. मेरठ मेडिकल कॉलेज में फिलहाल डेंगू और कोरोना के बाद स्क्रब टाइफस की भी जांच शुरू हो गई है ताकि रोगी को सही उपचार मिल सके.

ऐसे फैलता है स्क्रब टाइफस
स्क्रब टाइफस घुन, छोटे कीट, गिलहरी और चूहे के काटने से फैलता है. बरसात के मौसम में इनसे बचाव करें. समय पर इलाज न मिले तो यह बीमारी बढ़ सकती है. पशुओं के मल-मूत्र में बैठने वाले कीटों, खराब भोज्य पदार्थों में लगे कीटों के कारण भी यह बीमारी फैल सकती है. इसलिए बरसात के मौसम में सफाई का सबसे ज्यादा ख्याल रखें. बाहर का भोजन न खाएं.

मेरठ में डेंगू के 159 मामले
सीएमओ डॉ अखिलेश मोहन ने बताया कि मेरठ में डेंगू के 159 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 84 मामले सक्रिय हैं. अगर किसी व्यक्ति के घर में पहली बार मच्छर के लार्वा पाए जाते हैं, तो हम नोटिस देते हैं, फिर से पाए जाने पर जुर्माना लगाते हैं और तीसरी बार लार्वा पाए जाने पर प्राथमिकी दर्ज करते हैं.

लागा वर्दी पे दाग, छुड़ाऊं कैसे - पुलिसवालों को होने लगी है इसकी चिंता - See Video

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viral video : 'पुलिसया' छवि के कारण बेवजह पुलिसवालों को बदनामी ढोनी पड़ती है. इस बार फिर एकबार मेरठ में ऐसा ही हुआ कि पुलिस करवा तो रही थी कानून का पालन, पर लोगों को लगा कि यह पुलिस का करप्शन है.

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मेरठ. अगर समाज में आपकी इमेज खराब हो जाए तो उसे सुधारने में बरसों लग जाते हैं. अगर पुलिस की इमेज की बात की जाए तो अक्सर उन्हें अपनी ‘पुलिसया’ छवि के कारण बेवजह भी बदनामी ढोनी पड़ती है. इस बार फिर एकबार मेरठ में ऐसा ही हुआ कि पुलिस करवा तो रही थी कानून का पालन, पर लोगों को लगा कि यह पुलिस का करप्शन है.

दरअसल, शुक्रवार को लोगों ने देखा कि एक पुलिसकर्मी जुगाड़ वाहन में पीछे बैठा है और गाड़ी बीच सड़क पर सरपट भागी जा रही है. इस नजारे का वीडियो भी लोगों ने बनाया और उसे सोशल मीडिया पर डाल दिया. मेरठ का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. ट्रैफिक पुलिस पर लोग तरह तरह के कमेंट कर रहे हैं. न्यूज18 ने इस वीडियो की हकीकत ढूंढ़ निकाली और आइए आपको बताते हैं क्या है हकीकत.

वायरल वीडियो

यह वीडियो मेरठ के पुलिस लाइन के बाहर का है. इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी जुगाड़ वाहन पर पीछे बैठा है और वाहन फर्राटा भर रहा है. स्पीड करीब 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा के आसपास रही होगी. इसे देखकर लोगों के मन में सवाल उठा कि कोर्ट ने सड़कों पर खुलेआम कानून धज्जियां उड़ाने वाले जुगाड़ वाहन सीज करने का आदेश दिया है, तो यह ट्रैफिक पुलिसकर्मी इस पर सवार होकर कहा जा रहा है.

जुगाड़ी गाड़ी पे पुलिस की सवारी : See Video

वीडियो का सच

आइए हम आपको बताते हैं. दरअसल मेरठ की ट्रैफिक पुलिस ने जुगाड़ वाहन के खिलाफ 10 दिन का अभियान चलाया है. जिसके चलते चौराहे से गुजरने वाले हर जुगाड़ वाहन पर पुलिस की पैनी नजर है. ऐसे में जो भी जुगाड़ वाहन चौराहे को क्रॉस करने की कोशिश करता है, उसे ट्रैफिक पुलिसकर्मी पकड़कर सीज कर लेते हैं और इसी सीज हुए जुगाड़ वाहन को पुलिस लाइन में ट्रैफिक ऑफिस में जमा कर दिया जाता है. दरअसल, वायरल हुए वीडियो में जो ट्रैफिक पुलिसकर्मी दिख रहा है वह भी इस वाहन को पुलिस लाइन में जमा कराने के लिए ले जा रहा है. सड़क पर इस अजीबोगरीब नजारे को देखकर लोगों ने इसका वीडियो बनाना शुरू कर दिया, जिसके बाद अब यह सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और लोग बिना हकीकत जाने ट्रैफिक पुलिसकर्मियों पर कमेंट कर रहे हैं.

पुलिस की चिंता

ऑफ द रिकॉर्ड पुलिसकर्मियों ने कई बार कहा है कि वे रात-दिन मेहनत करते हैं, लेकिन कुछ लोगों की लालच से पूरा महकमा बदनाम होता है. पुलिसकर्मी चाहते हैं कि करप्शन के दाग से खाकी वर्दी का पीछा छूटे और उन्हें उनके अच्छे कामों का भी श्रेय मिले.

Delhi-Meerut Expressway: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी अगले महीने करेंगे एक्‍सप्रेसवे का उद्घाटन, 45 मिनट में पूरा होगा सफर

Delhi-Meerut Expressway: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी अगले महीने करेंगे एक्‍सप्रेसवे का उद्घाटन, 45 मिनट में पूरा होगा सफर

Delhi-Meerut Expressway: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने दिल्‍ली-मेरठ एक्‍सप्रेस-वे (Delhi-Meerut Expressway) को अगले महीने पूरी तरह से शुरू करने का ऐलान किया है. उन्‍होंने कहा कि 6000 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्‍सप्रेस-वे का मैं अगले महीने इसका उद्घाटन करने जा रहा हूं.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 17, 2021, 08:47 IST
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नई दिल्‍ली. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने दिल्‍ली-मेरठ एक्‍सप्रेस-वे (Delhi-Meerut Expressway) को लेकर बड़ा ऐलान किया है. उन्‍होंने हरियाणा के गुरुग्राम जिले के सोहना में गुरुवार को कहा कि अब तक आंशिक रूप से खुला दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे अगले महीने पूरी तरह से खोल दिया जाएगा. बता दें कि इस एक्सप्रेस-वे की शुरुआत पीएम मोदी ने कई साल पहले की थी.

इसके अलावा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, ‘मैं अगले महीने इसका उद्घाटन करने जा रहा हूं. अब 6,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाया गया एक्सप्रेस-वे दिल्ली और मेरठ के बीच यात्रा के समय को कम कर 40 मिनट कर देगा.’

इस एक्सप्रेसवे पर गति सीमा यूपी में 100 किमी प्रति घंटे और दिल्ली में 70 किमी प्रति घंटे है. बता दें कि अब दिल्ली-मेरठ के बीच यात्रा का समय 2.5 घंटे के बजाए 45 मिनट में पूरा किया जा सकेगा. हालांकि इस वक्‍त कुछ जगह काम चलने की वजह से करीब 80-90 मिनट लग रहे हैं.

अब एक्सप्रेस-वे पर मिलेगी ये सुविधा
दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे पर चलने वाले वाहन चालकों को दिसंबर से कई सहूलियत मिलने वाली हैं. एक्सप्रेस-वे पर पेट्रोल और सीएनजी मिलने लगेगी. बता दें कि इस समय मेरठ से डासना के बीच पेट्रोल और सीएनजी पंप नहीं होने के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. यही नहीं, 60 किमी के इस एक्सप्रेस-वे पर कहीं भी पेट्रोल और सीएनजी की सुविधा नहीं दी गई है. इसके लिए डासना के बाद हाईवे वाले हिस्से पर आना पड़ता है. इसके अलावा मेरठ से डासना के बीच पेट्रोल आदि के लिए भोजपुर में उतारना पड़ता है. वैसे एनएचआई द्वारा मेरठ और डासना के बीच डिडवारी में रेस्ट एरिया बनाया जा रहा है.

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हापुड़ और मुरादाबाद की ओर जाने वाले वाहन चालकों को मिलेगी राहत
नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया (National Highways Authority of India) दिल्ली से मेरठ का काम पूरा होने के बाद अगले चरण में हापुड़ रोड से देल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (डीएमई) को जोड़ने का काम शुरू करेगा. इसके लिए मार्च 2021 में टेंडर को अपलोड किया गया था, लेकिन कोरोना आने से काम प्रभावित हो गया. अब एनएचएआई (NHAI) ने फिर प्रक्रिया शुरू कर दी है. अगले कुछ दिनों में मुख्यालय की ओर से इस पर निर्माण की अनुमति दी मिलने की संभावना है.

एक्टर साहिल खान ने मेरठ में किया अपने स्टोर का उद्घाटन, पुलिस ने बेकाबू भीड़ पर किया लाठीचार्ज

एक्टर साहिल खान ने मेरठ में किया अपने स्टोर का उद्घाटन, पुलिस ने बेकाबू भीड़ पर किया लाठीचार्ज

एक्टर साहिल खान (Sahil Khan) मेरठ में अपने बॉडीबिल्डिंग फूड प्रोडक्ट के स्टोर की लॉन्चिंग करने पहुंचे थे. मौके भीड़ बेकाबू होती जा रही थी. पुलिसकर्मियों ने मौके पर मौजूद भीड़ को पहले हिदायत दी, लेकिन जब लोग नहीं माने तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया.

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मुंबई. बॉलीवुड एक्टर साहिल खान (Sahil Khan) फिल्मों से अधिक अपनी फिटनेस के लिए जाने जाते हैं. वे इंस्टाग्राम पर अपनी तस्वीरों को लेकर सुर्खियों में रहते हैं. वे गुरुवार को मेरठ में अपने बॉडी बिल्डिंग प्रोडक्ट के स्टोर का उद्घाटन करने पहुंचे थे. एक्टर बाइसेप्स (Buyceps) नामक बॉडी बिल्डिंग प्रोडक्ट स्टोर के मालिक हैं, जिसके देश में कई स्टोर हैं. कार्यक्रम स्थल पर फैंस ने एक्टर से मिलने के लिए बैरिकेडिंग तोड़ दी. इसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज कर दिया. लाठीचार्ज की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं. इसके बाद तमाम तरह के सवाल भी खड़े हो रहे हैं? सवाल यह है कि आखिर कोरोना काल में इतनी भीड़ जुटाने की परमिशन कैसे मिल गई. साथ ही लोगों को बेकाबू होने से रोकने के लिए क्या कार्यक्रम के आयोजकों ने कोई इंतजाम किया था?

घटना मेरठ के थाना नौचंदी क्षेत्र के गढ़ रोड की है, जहां एक्टर अपने बॉडीबिल्डिंग फूड प्रोडक्ट के स्टोर की लॉन्चिंग करने पहुंचे थे. मौके भीड़ बेकाबू होती जा रही थी. पुलिसकर्मियों ने मौके पर मौजूद भीड़ को पहले हिदायत दी, लेकिन जब लोग नहीं माने तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया.

अपने स्टोर का उद्घाटन करने पहुंचे एक्टर साहिल खान. (Photo: Nikhil Agarwal)

वहीं इसी कार्यक्रम में तिहाड़ जेल के असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट दीपक शर्मा भी पहुंचे थे. लोगों ने कार्यक्रम के बाद बाउंसरों पर सड़क पर हंगामा करने का आरोप लगाया. लोगों ने इसकी शिकायत एसएसपी से की. एसएसपी ने हंगामा कर रहे बाउंसरों की गिरफ्तारी के निर्देश जारी कर दिए.

साहिल खान का स्टोर.

पुलिस की गिरफ्त में आने से पहले स्कार्पियो सवार बाउंसर फरार हो गए. मेरठ पुलिस ने बाईपास पर स्कॉर्पियो की घेराबंदी कर ली. इसके बाद पुलिस ने 6 बाउंसरों का शांति भंग में चालान कर दिया गया. रोमांटिक कॉमेडी फिल्म ‘स्टाइल’ से साहिल खान ने 2001 में बॉलीवुड डेब्यू किया था.

अपना अस्तित्व खो चुकी बूढ़ी गंगा नदी को फिर से मिल सकती है संजीवनी

अपना अस्तित्व खो चुकी बूढ़ी गंगा नदी को फिर से मिल सकती है संजीवनी

वर्षो से संजीवनी की तलाश का इंतजार कर रही बूढ़ी गंगा को एक बार फिर से संजीवनी मिलने की उम्मीद है. मंडल कमिश्नर सुरेंद्र सिंह के निर्देश?

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मेरठः- भारतीय सांस्कृतिक(Indian Cultural)
राजधानी हस्तिनापुर(Hastinapur) की विरासत बूढ़ी गंगा
(Old Ganga ) को बचाने के लिए एक बार फिर से प्रशासन सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार है. जी हां पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) शहर से 48 किलोमीटर दूर हस्तिनापुर स्थित बूढ़ी गंगा के अस्तित्व को बचाने के लिए एक बार फिर से मुहिम शुरू हो गई है. जिसके लिए मेरठ मंडल कमिश्नर सुरेंद्र सिंह द्वारा एक कमेटी बनाई गई है. जिसको बूढ़ी गंगा के अस्तित्व को फिर से खोजने एवं संवारने का दायित्व सौंपा गया है. मंडल कमिश्नर के निर्देश के बाद टीम सक्रिय होकर हस्तिनापुर के उन जंगलों में एक बार फिर से खोजबीन में जुट गई है. जिन जंगलों के बीच कभी बूढ़ी गंगा निरंतर बहती रहती थी.

पांडव और द्रौपदी बूढ़ी गंगा के जल से करते थे स्नान
पौराणिक कथाओं की माने तो इसी बूढ़ी गंगा के निर्मल जल का पांडव उपयोग करते थे. पांडव, द्रौपदी इसी बूढ़ी गंगा के जल से स्नान कर भोले बाबा की पूजा अर्चना करते थे. लेकिन कहीं ना कहीं इस इतिहास इस संस्कृति को बचाने के लिए जिस प्रकार कार्य होना चाहिए था, वह नहीं हुआ.गौरतलब है कि प्रियंक भारती, असिस्टेंट प्रोफेसर, संस्थापक व अध्यक्ष नेचुरल साइंसेज ट्रस्ट, वर्षों से हस्तिनापुर के इतिहास को संवारने के लिए कार्य कर रहे हैं. उन्होंने ही बूढ़ी गंगा के अस्तित्व को बचाने के लिए शासन को पत्र भेजा था. उन्हीं के प्रस्ताव को देखते हुए एक बार फिर से मंडल के कमिश्नर द्वारा बूढ़ी गंगा को बचाने के लिए निर्देश जारी किए हैं.

मेरठ बुलेटिन:- इस तालाब में स्नान करने के लिए आती थी रानी गांधारी

मेरठ बुलेटिन:- इस तालाब में स्नान करने के लिए आती थी रानी गांधारी

पश्चिम उत्तर प्रदेश का मेरठ अपने आप में ऐतिहासिक धरोहर को संजोए हुए हैं. मेरठ जिले के आसपास के कई स्थलों पर विभिन्न पौराणिक इतिहास का महत्व है.

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मेरठ:-कहते हैं कि सच्ची श्रद्धा और भक्ति हो तो व्यक्ति मन की आंखों से भी वह सब कुछ देख सकता है. जो आंखों की रोशनी से भी व्यक्ति ना देख पाए. जी हां कुछ इसी तरह का उदाहरण आपको पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर के किला परीक्षितगढ़ स्थित गांधारी तालाब पर देखने को मिलेगा. जहां पर लगभग 30 सालों से गांधारी तालाब के साथ-साथ मंदिरों की देखभाल भी एक दिव्यांग व्यक्ति राजू कर रहें है. राजू की माने तो छोटी सी उम्र में ही एक हादसे के दौरान उसकी आंखों की 80% तक रोशनी चली गई थी. लेकिन सच्ची आस्था और रानी गांधारी का ही आशीर्वाद है कि वह 20% रोशनी के माध्यम से ही मंदिर परिसर में साफ सफाई के साथ-साथ अन्य प्रकार की देखरेख करते हैं. गौरतलब है कि पश्चिम उत्तर प्रदेश के शहर मेरठ का महाभारत कालीन से गहरा नाता है. पौराणिक कथाओं की माने तो हस्तिनापुर से रानी गांधारी तालाब में स्नान करने के लिए किला परीक्षितगढ़ आया करती थी. जिसके लिए गुफाओं का भी वर्णन किया गया है. हालांकि अब तालाब का जीणोद्धार ना होने के कारण स्थिति बदहाल होती जा रही है.

इस पेड़ की अनोखी पहचान लोगों को करती है अपनी ओर आकर्षित

इस पेड़ की अनोखी पहचान लोगों को करती है अपनी ओर आकर्षित

बरगद की प्राचीनता को लेकर हर कोई जानता है. बरगद का पेड़ सैकड़ों सालों तक अपनी जड़ों के माध्यम से जीवित रहता है.

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मेरठः-प्राचीन सभ्यता और विशालकाय पेड़ों की जब बात की जाए तो बरगद का ही सबसे पहले नाम आता है.कुछ इसी तरह के एक पेड़ के बारे में आज हम आपको बताएंगे. जिस पेड़ की खासियत से अलग ही पहचान बन चुकी है. जी हां पश्चिम उत्तर प्रदेश मेरठ (meerut) शहर के किला परीक्षितगढ़ श्री श्रृंगी ऋषि आश्रम में ऐसा बरगद का पेड़ है. जिस पेड़ की शाखाओं से सात दरवाजे बने हुए हैं. इतना ही नहीं यह पेड़ इतना विशालकाय है कि आश्रम परिसर में चारों ओर इसकी छाया देखने को मिलेगी. वहीं आश्रम के कई कोने तक इसकी शाखाएं फैली हुई हैं.

श्रद्धालुओं के लिए बना सेल्फी का केंद्र
यह पेड़ इतना आकर्षक है कि जो भी श्रद्धालु आश्रम में आते हैं. वह इस पेड़ के साथ बिना फोटो खिंचवाए नहीं रह पाते हैं. न्यूज़ 18 लोकल की टीम ने भी जब इस पौराणिक पेड़ की पड़ताल की तो इस पेड़ से निकली हुई शाखाएं जमीन के अंदर जाते हुए उसी प्रकार आकार बनाए हुए हैं. जिस प्रकार एक दरवाजे का आकार होता है.
गौरतलब है कि इसी आश्रम का इतिहास यह भी है कि कलयुग से पहले ऋषि शमीक यहां रहा करते थे. ऐसे में यह ऋषि मुनियों की भी तपोवन भूमि रही है.

Meerut News: 130 दिन बाद कोरोना से जंग जीतकर घर लौटा मरीज, आज भी लेनी पड़ती है ऑक्सीजन सपोर्ट

Meerut News: 130 दिन बाद कोरोना से जंग जीतकर घर लौटा मरीज, आज भी लेनी पड़ती है ऑक्सीजन सपोर्ट

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 16, 2021, 08:11 IST
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मेरठ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मेरठ (Meerut) में एक शख्स कोरोना संक्रमित (Corona Positive) होने के 130 दिन बाद हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होकर घर पहुंचा. हालांकि उसे आज भी कुछ देर के लिए ऑक्सीजन सपोर्ट की जरुरत पड़ती है. विश्वास सैनी 28 अप्रैल को कोरोना संक्रमित पाए गए थे. शुरुआत में उनका इलाज घर पर ही चला, लेकिन तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में एडमिट कराया गया. वे करीब एक महीने तक वेंटीलेटर पर भी रहे. इसके बाद उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखकर इलाज किया गया.

विश्वास का इलाज करने वाले डॉ एमसी सैनी का कहना है कि जब उन्हें अस्पताल लेकर आया गया तो उनकी हालत इतनी बुरी थी कि हम किसी पॉजिटिव परिणाम की उम्मीद नहीं कर रहे थे. लेकिन विश्वास सैनी जिंदा रहने की उम्मीद और इलाज की वजह से यह संभव हो पाया। विश्वास को करीब एक महीने ताल वेंटीलेटर सपोर्ट पर रखा गया. उसके बाद उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखकर इलाज किया गया. आज भी घर पर उन्हें कुछ देर के लिए ऑक्सीजन की जरुरत पड़ती है.

विश्वास ने कही ये बात 
130 दिन बाद ठीक होकर घर पहुंचे विश्वास सैनी ने कहा कि यह राहत और अच्छा महसूस कराने वाली बात है. 130 दिन बाद एक बार फिर अपने परिवार के बीच अपने घर में हूं. एक वक्त तो मैं भी डर गया था, जब मैं लोगों को कोरोना से मरते हुए देख रहा था. लेकिन मेरे डॉक्टर ने मुझे हौसला दिया और कहा कि ठीक होने पर फोकस करना है. डॉक्टर के इलाज और परिवार की दुआ से एक बार फिर मैं अपनों के बीच हूं.

मेरठ: ओवैसी हैं बीजेपी के मेहमान, UP में अब्बाजान के बाद अब चचाजान की एंट्री: राकेश टिकैत

मेरठ: ओवैसी हैं बीजेपी के मेहमान, UP में अब्बाजान के बाद अब चचाजान की एंट्री: राकेश टिकैत

UP Assembly Election 2022 : राकेश टिकैत ने मेरठ में AIMIM चीफ असद्उद्दीन ओवैसी को बीजेपी को चचाजान कह दिया. राकेश ने कहा कि बाहर से कोई आदमी आ रहा है तो बीजेपी का चचाजान ही तो है. इनके आने से अब्बाजान के बाद चचाजान की एंट्री भी हो गई.

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मेरठ. मेरठ (Meerut) में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है. राकेश ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन के भरोसे कोई न रहे. वो तो अपना आंदोलन चला रहे हैं. सब अपने अपने भरोसे रहें. उनका तो अपना काम ही नहीं निपट रहा. राकेश ने कहा कि यहां ग्यारह हजार का करंट है यहां न जाओ, क्योंकि यहां सारा मामला नॉन पॉलिटिकल है. छब्बीस सितम्बर को मुजफ्फरनगर में होने वाली एक और पंचायत को लेकर कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है.

टिकैत ने ओवैसी को बताया बीजेपी का मेहमान

राकेश टिकैत ने मेरठ में एक बार फिर AIMIM चीफ असद्उद्दीन को बीजेपी को चचाजान कह दिया. राकेश ने कहा कि बाहर से कोई आदमी आ रहा है तो बीजेपी का चचाजान ही तो है. राकेश ने कहा कि बीजेपी वाले बता दें ओवैसी को क्या कहेंगे. उन्होंने ओवैसी को बीजेपी का मेहमान बताया. राकेश टिकैत ने कहा कि यूपी की राजनीति में आए अब्बाजान के बाद चचाजान की एंट्री कर दी है. राकेश ने कहा कि ए टीम को ताउजान तो बी टीम को चचाजान ही तो कहेंगे. अगर कोट पैंट वाले होते तो अंकलजी कह देते.

राजा महेंद्र प्रताप सिंह जाट राजा नहीं किसान राजा

राकेश ने जाट राजा कहे जाने वाले राजा महेंद्र प्रताप सिंह को किसान राजा कहा. अलीगढ़ में पीएम मोदी के छोटे किसान को फायदा देने वाले बयान को लेकर राकेश ने कहा कि आंदोलन में सारे छोटे किसान ही तो हैं. उन्होंने एक बार फिर अपनी मांगों को दोहराया. राकेश ने कहा कि खाते में पैसे दे दिए और गन्ने का भुगतान होता नहीं. सारे किसान छोटे किसान ही हैं. बड़ा किसान कहां है.

नया नहीं है अल्ला हू अकबर का नारा: टिकैत

अल्ला हू अकबर नारे को लेकर कहा कि ये कोई नया नारा नहीं है. ये तो पहले से ही लगता रहा है. राकेश टिकैत मेरठ के कंकरखेड़ा में शहीद मेजर मयंक बिश्नोई के परिवारवालों से मिलने उनके घर पहुंचे हुए थे. शहीद के परिवार से मिलने के बाद वो बाद में मीडिया से रुबरु हुए और उन्होंने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला.

Meerut News: एक थप्पड़ का बदला लेने के लिए दोस्तों ने ही की थी हिमांशु की हत्या, चार गिरफ्तार

Meerut News: एक थप्पड़ का बदला लेने के लिए दोस्तों ने ही की थी हिमांशु की हत्या, चार गिरफ्तार

Meerut Crime News: हिमांशु ने 35 हजार रुपये अंकित को उधार दिए थे. अंकित ने समय पर रकम नहीं लौटाई तो हिमांशु ने अपने कुछ साथी बुलाकर मोदीनगर में अपने कमरे पर अंकित की पिटाई कर दी थी. इसके बाद अंकित ने बदला लेने की ठान ली.

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मेरठ. पश्चिम उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मेरठ (Meerut) में थप्पड़ का बदला लेने के लिए दोस्तों ने अपने ही दोस्त का कत्ल कर दिया. पुलिस (Police) ने इस मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने बताया कि 35000 रुपये को लेकर झगड़ा हुआ था, जिसमें मृतक हिमांशु (Himanshu Murder Case) ने अपने दोस्त को थप्पड़ मार दिया था. इसी बात का बदला लेने के लिए हत्या की साजिश रची गई और उसे अंजाम भी दिया गया.

एसपी देहात केशव कुमार ने हिमांशु हत्याकांड का पुलिस लाइन में खुलासा किया. मेरठ पुलिस लाइन में हुई प्रेसवार्ता में बताया गया कि 26 जुलाई को करनावल निवासी हिमांशु की हत्या कर दी गई थी. लाश नाले में मिली थी. हिमांशु मोदीनगर में रहता था. हिमांशु ने 35 हजार रुपये अंकित को उधार दिए थे. अंकित ने समय पर रकम नहीं लौटाई तो हिमांशु ने अपने कुछ साथी बुलाकर मोदीनगर में अपने कमरे पर अंकित की पिटाई कर दी थी. इसके बाद अंकित ने बदला लेने की ठान ली.

ऐसे रची साजिश
पुलिस के मुताबिक अंकित, हिमांशु, कपिल, विराट और आकाश, विनीत के बीच दोस्ती थी. अंकित ने अपना बदला लेने के लिए विराट को हथियार बनाया. विराट को कहा कि हिमांशु ने उसके अपहरण की प्लानिंग की है और 10 लाख फिरौती वसूलना चाहता है. इस बात से विराट अपने दोस्त हिमांशु से नाराज हो गया और अंकित ने उसे भड़काकर अपने साथ मिला लिया। इसके बाद अंकित, विराट, कपिल और आकाश ने मिलकर हिमांशु के मर्डर की योजना बनाई.

एक आरोपी अभी भी फरार
एसपी देहात ने बताया कि 26 जुलाई को हिमांशु को मोदीनगर से करनावल बुलाया गया. करनावल के बाहर जंगल में अंकित, विराट, आकाश, कपिल, अंकित ने हिमांशु को रोक लिया। यहां पर पहले कोल्ड ड्रिंक पिलाई और समोसा खिलाया. इसके बाद उसे गला दबाकर और पीट पीटकर मार डाला। इसके बाद सीने में चाकू घोंप दिया और लाश को नाले में फेंक दिया. हिमांशु की बुलेट भी आरोपी अपने साथ ले गए. पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों अंकित, विनीत, कपिल और आकाश को गिरफ्तार किया है. एक आरोपी अंकुश अभी फरार है.

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