PM मोदी से प्रेरणा लेकर 24 साल का इंजीनियर बना किसान, मिला ये खास सम्‍मान

24 साल के रोहन प्रकाश ने अपनी इंजीनियरिंग 2017 में पूरी की. पीएम की बातों से वो इतना प्रभावित हुए कि नौकरी न कर किसान बनने का फैसला ले लिया.

Umesh Srivastava | News18 Uttar Pradesh
Updated: July 25, 2019, 10:44 AM IST
PM मोदी से प्रेरणा लेकर 24 साल का इंजीनियर बना किसान, मिला ये खास सम्‍मान
24 साल के नौजवान रोहन प्रकाश बने खास किसान.
Umesh Srivastava | News18 Uttar Pradesh
Updated: July 25, 2019, 10:44 AM IST
उत्‍तर प्रदेश के मेरठ के इंजीनियरिंग ग्रेजुएट 24 साल के नौजवान रोहन प्रकाश को किसान बनकर देश का नाम रौशन करने का जुनून है. इस युवा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया मंत्र से प्रेरणा लेकर किसान बनकर देश की सेवा करने की ठानी है. यकीनन ये कहानी आज के युवाओं को जरूर देखनी चाहिए, क्योंकि पढ़ लिखकर सिर्फ नौकरी पा लेना ही जीवन का लक्ष्य नहीं हो सकता. जी हां, मेरठ के इंजीनियरिंग ग्रेजुएट किसान रोहन प्रकाश आजकल आम की आर्गेनिक खेती करने के कारण चर्चा में हैं.

रोहन प्रकाश करते हैं ये काम
अगर किसी इंजीनियरिंग ग्रेजुएट से ये पूछा जाए कि डिग्री मिलने के बाद वो क्या करेगा तो यकीनन उसका जवाब एक अच्‍छी नौकरी ही होगा, लेकिन मेरठ के चौबीस साल के युवा ने अपनी डिग्री मिलने के बाद किसान बनकर देश की सेवा करने की ठानी. युवा किसान रोहन प्रकाश आम की ऑर्गेनिक खेती करते हैं. इनके जुनून का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वो ऑर्गेनिक आम के उत्पादन वाले सर्टिफाइड किसान बन गए हैं.

युवा किसान रोहन प्रकाश आम की ऑर्गेनिक खेती करते हैं.


मोदी से मिली प्रेरणा
24 साल के रोहन प्रकाश ने अपनी इंजीनियरिंग 2017 में पूरी की. एक दिन वो प्रधानमंत्री मोदी का भाषण सुन रहे थे. पीएम की बातों से वो इतना प्रभावित हुए कि इन्होंने नौकरी न कर किसान बनने का फैसला ले लिया. जबकि आज वो आर्गेनिक आम का उत्पादन कर रहे हैं. हालांकि प्रकाश का सपना है कि आगे चलकर वो इस आर्गेनिक आम की ख्याति देश विदेश में फैलाएं.
रोहन प्रकाश का कहना है कि पीएम मोदी उनके आदर्श हैं और उन्हीं को प्रेरणा मानकर मेक इन इंडिया के तहत किसान बनने की ठानी.
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देश से है खास लगाव
रोहन प्रकाश के दो भाई बहन हैं और वो अमेरिका में रह रहे हैं. जबकि उनका (रोहन) मिजाज़ देश की मिट्टी में सोना उगाने का रहा. यकीनन यह युवा किसान उन युवाओं के लिए एक मिसाल है जो सिर्फ नौकरी को ही जीवन का लक्ष्य समझते हैं. अगर रोहन जैसे और युवा किसान बनने की ठानें तो शायद वो गीत हम फिर से गुनगुना सकें 'मेरे देश की धरती सोना उगले उगले हीरे मोती... मेरे देश की धरती..

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First published: July 24, 2019, 10:33 PM IST
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