मेरठ में ब्लैक फंगस के 5 और मरीज मिलने से हड़कंप, मेडिकल कॉलेज में बना अलग वार्ड

(सांकेतिक फोटो)

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उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मेरठ (Meerut) जिले में ब्लैक फंगस (Black Fungus) के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. 5 और मरीजों को ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है.

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मेरठ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मेरठ (Meerut) जिले में ब्लैक फंगस (Black Fungus) के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. 5 और मरीजों को ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है. इनमें चार मरीज निजी अस्पताल में भर्ती हैं और तीन का मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा है. बिजनौर निवासी एक मरीज को पुष्टि होते ही परिजन किसी दूसरे अस्पताल में ले गए थे. इस तरह से मेरठ में 8 मामले सामने आ चुके हैं. नए मामलों में एक मरीज मेरठ और दूसरा गाजियाबाद का है. एक की उम्र 35 और दूसरे की 38 साल है.  ब्लैक फंगस के मरीज की जानकारी होने पर दूसरे कोविड मरीजों में भी खौफ है.

मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर ज्ञानेन्द्र का कहना है कि दूसरे मरीजों की सुरक्षा का पूरा ख्याल रखा जा रहा है. ब्लैक फंगस मरीज़ों के लिए अलग वार्ड बनाया गया है. डाक्टरों ने बताया कि ब्लैक फंगस यानी म्यूकरमाइकोसिस नामक बीमारी नान कोविड में मिलती रही है, लेकिन कोविड में पहली बार ये बीमारी दिखी है. यह बीमारी म्यूकर नामक फंगस से होती है, जो वातावरण में रहते हैं. नाक और आंख से होता हुआ संक्रमण दिमाग तक पहुंचता है. इसमें मरीज के दिमाग का अगला हिस्सा अंदर से सूज जाता है. आंखें काली पड़ जाती हैं. डाक्टरों का कहना है कि यह फंगस कई मरीजों के साइनस में रहता है. लेकिन एक्टिव नहीं हो पाता है. नाक में एक विशेष उपकरण डालकर साइनस को साफ भी करते हैं.

प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर घातक

डॉक्टर्स ने बताया कि कोरोना में प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर बाद में यह फंगस दूसरे अंगों तक पहुंच जाता है. कोरोना मरीजों को स्टेरायड देने से शुगर भी बढ़ जाती है. फंगस ग्लूकोज खाकर बढ़ता है. शुगर के पुराने रोगियों में ब्लैक फंगस का खतरा मिल रहा है. यह जानलेवा साबित हो रहा है. फंगस नाक के जरिए बलगम में मिलकर दिमाग तक पहुंचता है. इस मर्ज़ में शुगर को काबू में रखना बेहद ज़रुरी है. डॉक्टरों की सलाह है कि कोरोना से ठीक होने पर शुगर को रोजाना नापते रहें. धूल और प्रदूषण से भी बचें. नाक के अंदर काले व भूरे रंग की पपड़ी जमना, नाक बंद होना, ऊपर के होठों का सुन्न होना व आंखों का लाल होना इसके लक्षण है. डॉक्टर संदीप गर्ग का कहना है कि इस मर्ज़ में  स्ट्रांग एंटीफंगल दवाएं देनी पड़ती हैं.
कोरोना से 13 की मौत

इधर बीते चौबीस घंटे में 993 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. 13 लोगों की मौत हो गई है. जिले में 18701 लोग कोरोना संक्रमित हैं. 8250 लोग होम आइसोलेट हैं. यह आंकड़ा केवल उन लोगों का है जिन्होंने अपनी जांच कराई है और होम आइसोलेट होने के बाद उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को जानकारी दी है.

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