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यूपी: हस्तिनापुर में शुरू हुई 5 हजार साल पुरानी सनातन परंपरा, सवा लाख दीपों से रोशन हुईं मां गंगा

यूपी: हस्तिनापुर में शुरू हुई 5 हजार साल पुरानी सनातन परंपरा, सवा लाख दीपों से रोशन हुईं मां गंगा

Hastinapur News: पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ से 50 किलोमीटर दूर हस्तिनापुर के फतेहपुर प्रेम में गंगा जी की आरती का शुभारंभ हुआ. आरती में सर्वप्रथम गंगा जी के बीचों-बीच दीपदान किया गया, उसके बाद सवा लाख दोपों से आरती की गई.

रिपोर्ट: विशाल भटनागर

मेरठ: पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ से 50 किलोमीटर दूर हस्तिनापुर में 5 हजार वर्ष बाद सोमवार को अद्भुत नजारा देखने को मिला. जब एक बार फिर से हस्तिनापुर में गंगा जी की भव्य आरती का शुभारंभ हुआ. कर्ण देव मंदिर के महंत शंकर देव द्वारा आरती पूरे विधि-विधान और मंत्रोच्चारण के साथ की गई. माना जाता है कि हिंदू धर्म के हर एक परंपरा और मान्यता का संबंध मां गंगा से सीधे जुड़ाव रखता है. कहा जाता है कि ऐतिहासिक महाभारत कालीन हस्तिनापुर में 5 हजार साल पहले मां गंगा की आरती हुआ करती थी. इस आरती को भीष्म पितामह द्वारा किया जाता है. जो हजारों वर्ष पहले ही या तो समाप्त हो गई या फिर रुकवा दी गई, जिसे मेरठ मवाना जिला प्रशासन एवं नेचुरल साइंसेज ट्रस्ट ने फिर से शुरू किया है.

गंगा के बीचों-बीच हुआ दीपदान
नेचुरल साइंसेज ट्रस्ट के अध्यक्ष और शोभित विवि के असिस्टेंट प्रोफेसर प्रियंक भारती चिकारा ने बताया कि गंगा आरती से पहले दीपदान किया गया. दीपदान के लिए एनडीआरएफ की टीम बुलाई गई थी. उसकी देखरेख में नाव के माध्यम से गंगा के बीचों-बीच में किया गया.

सवा लाख दीपों से हुई गंगा आरती
आरती और अनुष्ठान कर्ण मंदिर के महंत शंकर देव ने किया. सबसे पहले मां गंगा का विधि-विधान के साथ पूजन और फिर 251 दीपों का दीपदान किया गया. उसके बाद सवा लाख दीपों से गंगा आरती हुई. इतना ही नहीं, पहली बार महाभारत काल की ऐतिहासिक धरा हस्तिनापुर में दीप दान के लिए गन्ने की खोई से निर्मित दीपों का प्रयोग किया गया.

विशेष आरती के लिए विशेष समय
प्रियंक भारती ने बताया कि जल्द ही कर्ण मन्दिर के महंत शंकर देव के साथ गंगा आरती की समय सारिणी तैयार कर जारी की जाएगी और उसके अनुरूप ही आरती की जाएगी. विशेष तिथियों पर गंगा आरती को और भी भव्य बनाने के प्रयास किए जाएंगे. हालांकि, तब तक हर शाम 6:00 बजे आरती का आयोजन किया जाएगा.

मां गंगा आरती के लिए मंत्र
ॐ जय गंगे माता, श्री जय गंगे माता, जो नर तुमको ध्याता, मनवांछित फल पाता ॥ ॐ जय गंगे माता, चंद्र सी ज्योति तुम्हारी, जल निर्मल आता। शरण पडें जो तेरी, सो नर तर जाता ॥ ॐ जय गंगे माता॥ पुत्र सगर के तारे, सब जग को ज्ञाता । कृपा दृष्टि तुम्हारी, त्रिभुवन सुख दाता ॥ ॐ जय गंगे माता॥एक ही बार जो प्राणी, शारण तेरी आता ।यम की त्रास मिटाकर, परमगति पाता ॥ ॐ जय गंगे माता॥ आरती मातु तुम्हारी, जो नर नित गाता ।सेवक वही सहज में, मुक्त्ति को पाता ॥ॐ जय गंगे माता॥

महाभारत कालीन परंपरा से लोगों में उत्साह
कर्ण मंदिर के महंत शंकरदेव, एसडीएम अखिलेश यादव, सीओ उदय प्रताप सिंह, बीडीओ अमरीश शर्मा, एडवोकेट ब्रह्मपाल सिंह,पुरातत्व विभाग से अरविंदर राणा, विपिन, वन विभाग हस्तिनापुर से रॉबिन कुमार, नगर पंचायत हस्तिनापुर से पुनीत गुप्ता, संजय, अनिल विश्नोई, थानाध्यक्ष हस्तिनापुर, गौरीशा समेत कई लोग मौजूद थे .

गौरतलब है कि हस्तिनापुर में मां गंगा की आरती अपने आप में एक भव्य रूप में दिखाई दे रही थी. वहीं, यहां के लोग भी इस प्रयास को लेकर काफी उत्साहित दिख रहे हैं. लोगों का मानना है कि धीरे-धीरे लोग महाभारत कालीन परंपरा से जुड़ेंगे. https://maps.app.goo.gl/9JPQmDRET6gHJAsY6

Tags: Hastinapur History, Meerut news, Uttar pradesh news

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