लाइव टीवी

गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो सकता UP बोर्ड परीक्षाओं का नाम, ये है वजह
Meerut News in Hindi

Umesh Srivastava | News18 Uttar Pradesh
Updated: February 12, 2020, 10:14 PM IST
गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो सकता UP बोर्ड परीक्षाओं का नाम, ये है वजह
यूपी बोर्ड की 2020 परीक्षा में 56 लाख 7 हजार 118 स्‍टूडेंट्स शामिल होंगे.

उत्‍तर प्रदेश बोर्ड परीक्षाओं (Uttar Pradesh Board Examinations) को गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज करने की तैयारी है. इस बार हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू हो रही हैं, जिसमें 56 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल होंगे. परीक्षाएं सीसीटीवी (CCTV) कैमरे की निगरानी में होंगी.

  • Share this:
मेरठ. उत्‍तर प्रदेश बोर्ड परीक्षाओं को गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने की तैयारी है. माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्‍तर प्रदेश बोर्ड (Uttar Pradesh Board) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं (Intermediate Examinations) 18 फरवरी से शुरू होने जा रही हैं. समूचे प्रदेश में सीसीटीवी (CCTV) की निगरानी में इन परीक्षाओं को सम्पन्न कराया जाएगा. यूपी बोर्ड के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है कि हर जिले में इन सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के लिए भी अलग से एक कंट्रोल रूम बनाया गया है. इसके अलावा लखनऊ में भी राज्यस्तरीय कंट्रोल रूम बनाया गया है जिसके जरिए हर परीक्षा केंद्र और हर परीक्षा कक्ष का हाल एक क्लिक में मिल जाएगा. साथ ही साथ मात्र 15 दिनों के अंदर एशिया की सबसे बड़ी बोर्ड परीक्षाओं को इस बार सम्पन्न कराने की तैयारी है. इन हाईटेक व्यवस्थाओं के बीच होने जा रही परीक्षाओं को लेकर अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच गजब का उत्साह देखा जा रहा है. अधिकारियों, टीचर्स और कर्मचारियों का कहना है कि यूपी बोर्ड की हाईटेक व्यवस्थाओं का नाम अगर गिनीज़ बुक में दर्ज होता है तो ये उनके लिए फक्र की बात होगी.

परीक्षा को नकल विहीन कराने का लक्ष्‍य
एशिया के सबसे बड़े बोर्ड की परीक्षाओं का जिक्र अब गिनीज बुक में भी हो सकता है. यूपी बोर्ड परीक्षा 2020 को नकल विहीन सम्पन्न कराने के लिए इस बार ऐसी व्यवस्थाएं की जा रही हैं जो पहले कभी नहीं हुआ. नकल पर नकेल कसने के लिए इस बार समूचे प्रदेश में एक लाख 91 हजार सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं और ये सभी कैमरे वॉयस रिकॉर्डर युक्त होंगे. इनके जरिये माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, लखनऊ स्थित राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम से निगरानी रखी जाएगी.

देखा जा सकेगा परीक्षा का सीधा प्रसारण

इस कंट्रोल रूम से किसी भी जिले के किसी भी परीक्षा केंद्र का नंबर दबाते ही वेबकास्टिंग के जरिए परीक्षा का सीधा प्रसारण देखा जा सकेगा. मरेठ के जिला विद्यालय निरीक्षक गिरिजेश चौधरी के मुताबिक यूपी बोर्ड परीक्षा में पहली बार यह व्यवस्था की गई है. परीक्षा को नकल विहीन बनाने के लिए पहली बार व्यापक स्तर पर ऐसी व्यवस्था की गई है. इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज कराने की भी तैयारी है. सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था जिम्मेदारी परीक्षा केंद्रों पर डाली गई है. पहली बार पूरी परीक्षा की एक जगह से निगरानी की जा रही है और इस व्यवस्था पर सरकार ने एक भी रुपया खर्च नहीं किया गया है.

up board, up police
प्रदेश में एक लाख 91 हजार सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं .


 एक केंद्र पर लगेंगे इतने कैमरे
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की हाई स्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2020 में प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर 25 से 30 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. ये कैमरे परीक्षा केंद्र के मुख्य द्वार, परीक्षा कक्षों, गैलरी तथा केंद्र अधीक्षक कक्ष में लगेंगे हैं. जबकि अकेल मेरठ में एक सौ एक परीक्षा केन्द्र सीसीटीवी से लैस हो गए हैं और इन सभी का सीधा कनेक्शन मेरठ और लखनऊ के राज्यस्तरीय कंट्रोल रूम से है. जबकि पूर प्रदेश में 1 लाख 91 हजार कैमरे लगाए गए हैं.

15 दिन में परीक्षा होगी संपन्न और होंगे इतने परीक्षार्थी
ऐसा भी पहली बार हो रहा है कि हाई स्कूल की परीक्षा 12 और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 15 दिनों में सम्पन्न कराई जा रही है. हाईस्कूल की परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू होकर 3 मार्च को जबकि इंटरमीडिएट की परीक्षा इसी तारीख से शुरू होकर 15 कार्य दिवस में 6 मार्च को समाप्त होंगी. हाई स्कूल की परीक्षा में 30 लाख 22 हजार 607 और इंटरमीडिएट परीक्षा में 25 लाख 84 हजार 511 यानी कुल 56 लाख 7 हजार 118 परीक्षार्थी शामिल होंगे.

गौरतलब है कि यूपी के 75 जिलों के 7784 परीक्षा केंद्रों पर करीब 93 हजार परीक्षा कक्ष बनाए गए हैं. सभी परीक्षा केंद्रों पर कुल 1 लाख 91 हजार सीसीटीवी कैमरों से परीक्षा पर नजर रखी जाएगी. सीसीटीवी कैमरों को राउटर के जरिए हर जिले में बनाए गए कंट्रोल रूम के साथ ही माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, लखनऊ में बनाए गए स्टेट कंट्रोल रूम से सीधे जोड़ा गया है. यूपी बोर्ड परीक्षा में पहली बार वेबकास्टिंग से निगरानी की जाएगी. इसके लिए जिलों में स्थित कंट्रोल रूम और स्टेट कंट्रोल रूम में राउटर के साथ हाई स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्शन लगाए गए हैं.

ये भी पढ़ें-

देवबंद पर विवादित बयान से रिज़वी पर भड़के मौलाना,बोले-वह अपनी अक्‍ल नहीं लगाते

भ्रष्टाचार के खिलाफ एक्शन में योगी सरकार के 3 साल- 245 ट्रैप, 41 लाख बरामद

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मेरठ से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 12, 2020, 4:48 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर