Home /News /uttar-pradesh /

73 meter special bridge to cross eastern peripheral expressway know what is special nodss

ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे को पार करने के लिए दिल्ली-मेरठ मुख्य मार्ग पर बना 73 मीटर का स्पेशल पुल, जानें क्या है खास

इस खास पुल का निर्माण जहां इसे लगाया गया है उसके पास ही किया गया. बाद में इसे पिलर्स पर स्‍थापित कर दिया गया.

इस खास पुल का निर्माण जहां इसे लगाया गया है उसके पास ही किया गया. बाद में इसे पिलर्स पर स्‍थापित कर दिया गया.

दिल्ली मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर के निर्माण का एक और चरण पूरा हुआ. इसी के साथ अब रेल लाइन बिछाने जैसे काम तुरंत शुरू किए जा सकेंगे. इस विशेष पुल का वजन करीब 875 टन है.

मेरठ. दिल्ली-मेरठ मुख्य मार्ग पर दुहाई डिपो के पास ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (ईपीई) के मुख्य मार्ग को पार करने के लिए एक स्पेशल पुल का निर्माण किया गया है. दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर के लिए 73 मीटर लंबे और 875 टन वजनी स्पेशल स्टील स्पैन (पुल) को ईपीई के मुख्य मार्ग के दोनों ओर बनाए गए लगभग 16 मीटर ऊंचाई के पिलर्स पर सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया गया है.
ईपीई के ऊपर से इस विशेष स्टील स्पैन को लगाने से पहले बीम व कॉलम के एक ढांचे के ऊपर इसे तैयार किया गया. बनने के बाद विंच और रोलर की मदद से इसे खिसका कर दोनों ओर बनाए गए पिलर्स की ओर ले जाया गया और उनपर लगा दिया गया.

सटीक है निर्माण
इस स्पेशल स्टील स्पैन का निर्माण इतना सटीक है कि इसके लगने के बाद किसी अन्य निर्माण की जरूरत नहीं है. यह बिल्कुल तैयार है और इसकी स्थापना के बाद, ट्रैक बिछाने और ओएचई लगाने जैसे काम अब तुरंत शुरू किए जा सकते हैं. इस विशेष स्टील स्पैन को लगाने के साथ ही दिल्ली से मेरठ के बीच भारत के पहले आरआरटीएस कॉरिडोर के निर्माण का एक और पड़ाव पूरा हुआ है. इस स्पैन को मिलाकर अब तक दिल्ली मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर के लिए 5 स्पेशल स्टील स्पैन लगाए गए हैं, जिनमें एक 73 मीटर लंबा स्पेशल स्पैन रेलवे की मुख्य रेललाइन पर वसुंधरा में, 150 मीटर लंबा एक स्टील स्पैन गाजियाबाद स्टेशन के पास, दो 45 मीटर लंबे स्टील स्पैन दुहाई डिपो की ओर जा रहे आरआरटीएस वायाडक्ट के लिए और ये 73 मीटर लंबा स्पैन ईपीई को पार करने के लिये बनाए गए हैं.

क्यों होता है इसका इस्तेमाल
आरआरटीएस कॉरिडोर के एलिवेटेड वायडक्ट के निर्माण के लिए एनसीआरटीसी आमतौर पर औसतन 34 मीटर की दूरी पर पिलर्स खड़ा करता है. जिसके बाद लॉन्चिंग गैन्ट्री इन पर आरआरटीएस के वायाडक्ट का निर्माण करती हैं. हालांकि, कुछ जटिल क्षेत्रों में जहां कॉरिडोर नदियों, पुलों, रेल क्रॉसिंग, मेट्रो कॉरिडोर, एक्सप्रेसवे या ऐसे अन्य मौजूदा बुनियादी ढांचे को पार कर रहा है, वहां पिलर्स के बीच इस दूरी को बनाए रखना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है.
ऐसे क्षेत्रों में पिलर्स को जोड़ने के लिए विशेष स्टील स्पैन का उपयोग किया जा रहा है. विशेष स्टील स्पैन विशाल संरचनाएं हैं, जिनमें संरचनात्मक स्टील से बने बीम होते हैं. एनसीआरटीसी कारखानों में स्ट्रक्चरल स्टील से बने विशेष स्पैन का निर्माण कर रहा है, जिसे किसी भी ट्रैफिक समस्या से बचने के लिए रात के दौरान ट्रेलरों पर लाद कर साइट पर ले जाया जाता है और विशेष प्रक्रिया की मदद से व्यवस्थित तरीके से आपस में जोड़ा जाता है. इन स्टील स्पैन के आकार और संरचना को निर्माण, स्थापना और उपयोग की सभी आवश्यकताओं के अनुरूप विशेष तौर पर डिजाइन किया जाता है.

Tags: Delhi-Meerut RRTS Corridor, Meerut news

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर