• Home
  • »
  • News
  • »
  • uttar-pradesh
  • »
  • मेरठ का टीला उगल सकता है 2000 साल पुराना मौर्यकालीन राज, एएसआई की टीम कर रही पड़ताल

मेरठ का टीला उगल सकता है 2000 साल पुराना मौर्यकालीन राज, एएसआई की टीम कर रही पड़ताल

डॉक्टर डीबी गणनायक का कहना है कि इस टीले के संरक्षण के लिए वे प्रशासन से बात करेंगे.

डॉक्टर डीबी गणनायक का कहना है कि इस टीले के संरक्षण के लिए वे प्रशासन से बात करेंगे.

Historian's Claims : एएसआई के अफसर का कहना है कि इस टीले का उत्खनन हुआ तो यहां भी बागपत के सिनौली जैसा बड़ा राज खुल सकता है. डॉक्टर डीबी गणनायक के मुताबिक, मेरठ के एक इतिहासकार का दावा है कि इसी स्थान से अशोक स्तम्भ भी दिल्ली ले जाया गया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated :
  • Share this:

मेरठ. मेरठ का एक टीला बड़ा राज उगलने वाला है. यहां शहर के बीचो-बीच विकासपुरी बिजली घर के पास का एक टीला एकाएक एएसआई की निगाह का तारा बन गया है. एक इतिहासकार के दावों की पड़ताल करते-करते इस टीले पर पहुंची एएसआई की टीम यहां आकर इतना खुश हुई कि जैसे उसे कोई खजाना मिल गया है. अधीक्षण पुरातत्त्वविद् डॉक्टर डीबी गणनायक के नेतृत्व में टीम जब इस टीले पर पहुंची तो कुछ ही देर में भांप लिया कि यहां दो हजार साल पुरानी मौर्यकालीन सभ्यता के प्रमाण मिल सकते हैं. अधीक्षण पुरातत्त्वविद् डॉक्टर डीबी गणनायक का कहना है कि इस टीले को संरक्षित करने के लिए वे जिला प्रशासन से बात करेंगे. यहां साइंटफिक तरीके से जांच परख की जाएगी. एएसआई के अफसर का कहना है कि इस टीले का उत्खनन हुआ तो यहां भी बागपत के सिनौली जैसा बड़ा राज खुल सकता है.

डॉक्टर डीबी गणनायक के मुताबिक, मेरठ के एक इतिहासकार का दावा है कि इसी स्थान से अशोक स्तम्भ भी दिल्ली ले जाया गया था. इतिहास विभाग के प्रोफेसर विघ्नेश त्यागी और ऑर्कियोलॉजी के लिए कार्य करने वाले सतीश जैन का मानना है कि ये स्थान मौर्यकालीन हो सकता है. डॉक्टर गणनायक ने बताया कि जब वे इस स्थल पर पहुंचे तो ब्रिक स्ट्रक्चर बिलकुल मौर्यकाल जैसा ही पाया.

गौरतलब है कि बागपत के सिनौली में कराए गए उत्खनन में शाही ताबूत, प्राचीन रथ, महिला का कंकाल, धनुष और तांबे की तलवार और मृदभांड सामने आ चुके हैं. सिनौली में ये राज खुला था कि महाभारतकाल में योद्धा के साथ उसके रथ और शस्त्रों को भी दफना दिया जाता था. वहीं, महिला के कंकाल के पास तांबे का शीशा और हड्डियों से बना कंघा मिला था. अंतिम संस्कार के दौरान इनके पास कंघा और शीशा रखा जाता था. इस काल के लोग भी पुनर्जन्म को मानते थे.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज