मोदी की फोटो छपी टी-शर्ट पहन कांवड़ ला रहे हैं भक्त, जिस पर लिखा है ‘द किंग ऑफ इंडिया’

कांवड़िए नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ की तस्वीर वाली टी-शर्ट खरीद रहे हैं. किसी टी-शर्ट पर नरेंद्र मोदी की तस्वीर छपी हुई है और ‘द किंग ऑफ इंडिया’ लिखा हुआ है तो किसी में शेर की तस्वीर के साथ मोदी की तस्वीर छपी हुई है.

News18 Uttar Pradesh
Updated: July 21, 2019, 6:02 AM IST
मोदी की फोटो छपी टी-शर्ट पहन कांवड़ ला रहे हैं भक्त, जिस पर लिखा है ‘द किंग ऑफ इंडिया’
नरेंद्र मोदी की तस्वीर छपी टी-शर्ट पहन कांवड़ ला रहे हैं भक्त, जिस पर लिखा है ‘द किंग ऑफ इंडिया’.
News18 Uttar Pradesh
Updated: July 21, 2019, 6:02 AM IST
पश्चिमी यूपी की कांवड़ यात्रा में देशभक्ति का रंग चढ़ गया है. मोदी और योगी की तस्वीर वाली टी-शर्ट पहनकर और भारत माता की जय का नारा लगाकर भक्त कांवड़ यात्रा निकाल रहे हैं. वेस्ट यूपी का रंग धीरे-धीरे केसरिया होने लगा है. मेरठ कांवड़ियों को केसरी रंग देता है. कांवड़िए नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ की तस्वीर वाली टी-शर्ट खरीद रहे हैं. किसी टी-शर्ट पर नरेंद्र मोदी की तस्वीर छपी हुई है और ‘द किंग ऑफ इंडिया’ लिखा हुआ है तो किसी में शेर की तस्वीर के साथ मोदी की तस्वीर छपी हुई है.

हरिद्वार से चलने वाले नब्बे प्रतिशत कांवड़िए मेरठ से सप्लाई किए गए अंगौछे पहनकर ही अपनी यात्रा का आरम्भ करते हैं. अंगौछे के साथ-साथ इस बार मोदी और योगी की तस्वीर छपी टीशर्ट भी कांवड़ियों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. कांवड़ यात्रा में देशभक्ति का भी ज्वार देखने को मिल रहा है. कहीं टी-शर्ट पर शेर के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर छपी हुई है और लिखा हआ है भारत माता की जय तो कहीं आजादी के दीवानों की तस्वीरें छपी हुई हैं.

भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद की तस्वीर बनी कांवड़ियों की पोशाक.


करोड़ों में होता है अंगौछों का कारोबार

मोदी और योगी की तस्वीर वाली टीशर्ट की बाजार में डिमांड बढ़ गई है. मेरठ से सप्लाई किए जाने वाले केसिरया अंगौछों की बेहद डिमांड है. वेस्ट यूपी में शिव के भक्त हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना होने लगे हैं. जुबां पर शिव का नाम और ओंकारा का जयकारा लगाते हुए कांवड़िए कदम दर कदम आगे बढ़ते जा रहे हैं. ज्यादातर कांवडिए मेरठ से सप्लाई किए गए केसरिया अंगौछे पहनकर ही यात्रा की शुरुआत करते हैं. मेरठ के खंदक बाज़ार से पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली और उत्तराखण्ड में अंगौछों की सप्लाई होती है. कांवड़ के सीज़न में यहां के अंगौछों का कारोबार करोड़ों में होता है.

परशुराम ने कांवड़ पुरा महादेव में भोलनाथ को चढ़ाया था जल
कांवड़ यात्रा को लेकर अलग-अलग जगहों की अलग-अलग मान्यताएं रही हैं. ऐसा मानना है कि सबसे पहले भगवान परशुराम ने कांवड़ लाकर बागपत के पुरा महादेव में भगवान भोलनाथ को जल चढ़ाया था तभी से कांवड़ यात्रा की शुरुआत हुई थी. गढ़मुक्तेश्वर से गंगा जी का जल लाकर उन्होंने पुरातन शिवलिंग पर जलाभिषेक किया था. आज भी उसी परंपरा का अनुपालन करते हुए सावन के महीने में हरिद्वार गढ़मुक्तेश्वर से जल लाकर लाखों लोग इस पवित्र महीने में भगवान शिव पर जल चढ़ाकर अपनी कामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद मांगते हैं. जैसे-जैसे शिवरात्रि का पर्व नज़दीक आता जाएगा वैसे-वैसे ये केसरिया रंग और गाढ़ा होता जाएगा.
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First published: July 21, 2019, 6:02 AM IST
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