Home /News /uttar-pradesh /

bsp leader haji yakoob did not get relif from allahabad high court on stay arrest plea nodark

BSP नेता हाजी याकूब कुरैशी को इलाहाबाद HC से लगा बड़ा झटका, गिरफ्तारी पर रोक लगाने की याचिका खारिज

यूपी के पूर्व मंत्री और मीट कारोबारी हाजी याकूब कुरैशी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है.

यूपी के पूर्व मंत्री और मीट कारोबारी हाजी याकूब कुरैशी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है.

Haji Yakub Qureshi: यूपी के पूर्व मंत्री और मीट कारोबारी हाजी याकूब कुरैशी को इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) से बड़ा झटका लगा है. हाईकोर्ट ने मेरठ में दर्ज एफआईआर को रद्द किए जाने और गिरफ्तारी पर रोक लगाए जाने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है. इसके साथ बसपा नेता और उसके परिवार पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है.

अधिक पढ़ें ...

मेरठ/प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट से यूपी के पूर्व मंत्री और मीट कारोबारी हाजी याकूब कुरैशी को बड़ा झटका लगा है. हाईकोर्ट ने मेरठ में दर्ज एफआईआर को रद्द किए जाने और गिरफ्तारी पर रोक लगाए जाने की मांग वाली याचिका सुनवाई के बाद खारिज कर दी. कोर्ट ने बसपा नेता की ओर से पर्याप्त आधार नहीं पेश किए जाने के बाद याचिका खारिज की है. इसके साथ हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद याकूब कुरैशी और उनके परिवार की मुश्किलें बढ़नी तय हैं, क्‍योंकि इसके बाद पूरे परिवार पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है.

मामले की सुनवाई के दौरान हाजी याकूब कुरैशी के वकील अदालत में मीट फैक्ट्री को संचालित किए जाने का अधिकार पत्र भी पेश नहीं कर सके. जबकि कुरैशी के साथ ही उनके परिवार वालों ने भी याचिका दाखिल कर राहत दिए जाने की मांग की थी. एक ही याचिका में परिवार के कई सदस्यों की अर्जी शामिल थी. फिलहाल हाईकोर्ट ने किसी को भी राहत देने से इंकार कर दिया है. अदालत ने साफ तौर पर इस मामले में हस्तक्षेप करने से मना कर दिया. जबकि इस मामले की जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रजनीश कुमार की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई.

पांच करोड़ का मांस हुआ था बरामद
गौरतलब है कि हाजी याकूब कुरैशी की मीट फैक्ट्री पर 31 मार्च को मेरठ विकास प्राधिकरण और जिला प्रशासन ने छापेमारी की थी, जिसमें पांच करोड़ का मांस बरामद हुआ था. इसके बाद उनके खिलाफ अवैध रूप से मीट फैक्ट्री संचालित किए जाने के मामले में पूरे परिवार के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी. हाजी याक़ूब कुरैशी के साथ ही पत्नी संजीदा बेगम और दोनों बेटों (इमरान और फिरोज) के खिलाफ मेरठ के खरखौड़ा थाने में आईपीसी की धारा 420, 269, 27, 272, 273 और 120 बी के तहत दर्ज मुकदमा दर्ज किया गया था. वहीं, 31 मार्च को मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही हाजी याकूब कुरैशी और उसका परिवार फरार चल रहा है.

ऐसी है हाजी याकूब कुरैशी की कहानी
हाजी याकूब उस वक्त चर्चा में आए थे, जब उन्होंने डेनमार्क के कार्टूनिस्ट का सिर कलम करने वाले को 51 करोड़ का इनाम देने की घोषणा की थी.उसके बाद भी इस पूर्व मंत्री ने कई बार विवादित बयान देकर मीडिया की सुर्खियां बटोरी हैं. हाजी याकूब कुरैशी ने यूनाईटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) नाम से एक अलग पार्टी बनायी थी, लेकिन बाद में वह बीएसपी में शामिल हो गए. वर्ष 2007 में वह बीएसपी के टिकट पर चुनाव लड़े थे. बीएसपी सरकार ने उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा देकर मंत्री बनाया था. वर्ष 2012 के चुनाव में उनका टिकट कट गया था, जिसके बाद वह 2012 में ही आरएलडी में शामिल हो गए थे. इसके बाद कुछ दिन वह सपा में भी रहे, बाद में उनकी फिर से बीएसपी में वापसी हुई थी.

Tags: Allahabad high court, BSP UP, Meerut news, Meerut police

विज्ञापन
विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर