मेरठ: श्मशान में 24 घंटे अंतिम संस्कार का इंतजार करता रहा COVID-19 पीड़ित का शव!

अंतिम संस्कार का इंतजार करती रही गाड़ी में पड़ी लाश
अंतिम संस्कार का इंतजार करती रही गाड़ी में पड़ी लाश

जब मृतक के परिजनों का वीडियो सोशल मीडिया (Social Media) में वायरल हुआ तो प्रशासन हरकत में आया और लाश का अंतिम संस्कार हो सका

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मेरठ. वैश्विक महामारी कोरोनावायरस (COVID-19) का खौफ लोगों के दिल और दिमाग में इस कदर घर कर गया कि वो मृतकों का अंतिम संस्कार करवाने में हिचक रहे हैं. ताजा मामला मेरठ (Meerut) का है, जहां सूरजकुंड श्मशान घाट में एक शव को अंतिम संस्कार के लिए 24 घंटे से ज्यादा इंतजार करना पड़ा. दरअसल यह शव कोरोना संक्रमित (Corona Positive) एक बुजुर्ग का था. श्मशान घाट में गाड़ी से लाश उतारने के लिए तमाम अधिकारियों से गुहार लगाई गई. बावजूद इसके 24 घंटे तक स्वास्थ्यकर्मियों की टीम यहां नहीं पहुंची. इसके बाद जब मृतक के परिजनों का वीडियो सोशल मीडिया (Social Media) में वायरल हुआ तो प्रशासन हरकत में आया और लाश का अंतिम संस्कार हो सका.

जानकारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश के संभल निवासी बुजुर्ग भगवत शरण शर्मा की रविवार को मेरठ के मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई थी. भगवत शरण शर्मा कोरोना पीड़ित थे. रविवार शाम को ही परिजन उनका शव लेने मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे. लेकिन लंबे इंतजार के बाद सोमवार की दोपहर परिजनों को डेड बॉडी इस शर्त के साथ सुपुर्द किया गया कि शव का अंतिम संस्कार मेरठ में ही प्रोटोकॉल से किया जाएगा.

शव के अंतिम संस्कार के लिए मेडिकल टीम श्मशान घाट नहीं पहुंची



मृतक के परिजन लगभग दोपहर दो बजे शव लेकर सूरजकुंड के श्मशान घाट पर पहुंच गए और कोरोनावायरस प्रोटोकॉल के मुताबिक मेडिकल टीम का इंतजार करने लगे. प्रोटोकॉल के मुताबिक मेडिकल टीम को एंबुलेंस से शव को चिता तक ले जाना होता है और उसका अंतिम संस्कार कराया जाता है. इस दौरान परिजनों को एक निश्चित दूरी पर खड़े रहना होता है. बावजूद इसके मेडिकल टीम श्मशान घाट नहीं पहुंची. जबकि श्मशान घाट से स्वास्थ्य विभाग के अफसरों और मेडिकल कॉलेज की दूरी महज चार किलोमीटर है.
जिले के प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों से कहने के बावजूद भी मेडिकल टीम अंतिम संस्कार कराने नहीं पहुंची है. इस दौरान परिजनों का रोते-रोते बुरा हाल है. अपने घर के बुजुर्ग की मौत के गम में भूखे-प्यासे सूरजकुंड श्मशान में पड़े परिजन मेडिकल टीम का इंतजार करते रहे. वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया जिसके बाद मगंलवार को बुजुर्ग के शव का अंतिम संस्कार किया गया.

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