COVID-19: तीसरी लहर की तैयारी में मेरठ, जिला अस्पताल में बना एक खास वार्ड

कोरोना की तीसरी लहर के खिलाफ तैयारी तेज.

कोरोना की तीसरी लहर के खिलाफ तैयारी तेज.

Meerut News: मेरठ के प्यारेलाल जिला अस्पताल में पीडिएट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट (PICU) बनकर तैयार हो गई है. यहां हर बेड पर ऑक्सीजन की व्यवस्था होगी.

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मेरठ. कोरोना की तीसरी लहर (COVID-19 Third Wave) की आशंका के मद्देनजर आजकर समूचे प्रदेश में युद्धस्तर पर तैयारियां चल रही हैं. मेरठ के प्यालेलाल जिला अस्तपाल में पीडिएट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट बनकर तैयार हो गई है. इस वार्ड के हर बेड पर ऑक्सीजन की व्यवस्था की गई है. बच्चों के लिए अलग से वेंटिलेटर्स की भी व्यवस्था की गई है. पीके वार्ड के साथ -साथ यहां बच्चों के तीमारदारों के भी रुकने का प्रबंध किया गया है. प्यारेलाल जिला चिकित्सालय के एसआईसी का कहना है कि पीकू के साथ-साथ शून्य से 18 वर्ष तक के मरीजों के लिए भी अलग वार्ड बना दिया गया है.

जिला अस्पताल के पीकू वार्ड में दस बेड बच्चों के लिए तो दस बेड बच्चों के तीमारदारों के लिए भी बनाया गया है. उन्होंने बताया कि पोस्ट कोविड वार्ड भी यहां बनाया गया है. दस बेड का स्टेप डाउन कोविड वार्ड भी बनाया गया है. निगेटिव आने के बाद भी अगर किसी को प्रॉबलम होती है तो उनके लिए अलग से व्यवस्था की गई है. एल टू फैसिलटी तीस बेड़ की व्यवस्था पहले से ही चल रही है. जिन बच्चों को वेंटिलेटर की आवश्यकता होगी उन्हें पीकू वार्ड में रखा जाएगा.

डॉक्टर की कमी से जूझ रहा अस्पताल

प्यारेलाल जिला अस्पताल के सुप्रीटेंडेंट इन चीफ डॉक्टर हीरा सिंह का कहना है कि  मेरठ का जिला अस्पताल फिलहाल बच्चों के डॉक्टर की कमी से जूझ रहे हैं. उन्होंने बताया कि बच्चों के दो डॉक्टर सीएमओ ऑफिस से संबद्ध किए गए हैं. जबकि दो डॉक्टर चिकित्सा अवकाश पर हैं. उन्होंने बताया कि फिलहाल ज़िला अस्पताल में कोई भी बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है. एसआईसी डॉक्टर हीरा सिंह का कहना है कि सीएमओ ऑफिस में तैनात  दो बाल रोग विशेषज्ञों को वापस लाने के लिए कमिश्नर सहित कई अन्य आलाधिकारियों को पत्र लिखा है. डॉक्टर न होने की वजह से मुश्किल हो रही है. लिहाजा सीएमओ ऑफिस से संबद्ध डॉक्टरों को वापस जिला चिकित्सालय भेजा जाए. तीसरी लहर को लेकर नर्सेज को भी ट्रेनिंग दी गई है.
जिला अस्पताल के अलावा मेरठ के लालालाजपत राय मेडिकल कॉलेज में भी पीकू वार्ड और नीकू वार्ड तैयार हो रहे हैं. साफ है कि मेरठ का स्वास्थ्य विभाग आजकल तीसरी लहर की आशंका के मद्देनज़र कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं. सीएमओ डॉक्टर अखिलेश मोहन का कहना है कि रोज़ाना तीसरी लहर की आशंका के मद्देनज़र मीटिंग्स का दौर चलता है जिसमें इस बीमारी से बचाव और निपटने की रणनीति बनाई जाती है.

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