COVID-19: मेरठ में डेथ रेट कम करने के लिए डीएम ने बनाया एक्सपर्ट पैनल
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COVID-19: मेरठ में डेथ रेट कम करने के लिए डीएम ने बनाया एक्सपर्ट पैनल
मेरठ के डीएम अनिल धींगरा ने डेथ रेट को कम करने के लिए मेडिकल कॉलेज में एक एक्सपर्ट पैनल बनाया है. (फाइल फोटो)

मेरठ (Meerut) में कोरोना से लगातार हो रही मौतों को लेकर ज़िला प्रशासन चिंतित है. जिलाधिकारी अनिल ढींगरा (Anil Dhingra) मानते हैं कि डेथ रेट (Death Rate) चिंता का विषय है इसलिए डेथ रेट को कम करने के लिए उन्होंने मेडिकल कॉलेज में एक एक्सपर्ट पैनल बनाया है.

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मेरठ. मेरठ (Meerut) में कोरोना से लगातार हो रही मौतों को लेकर ज़िला प्रशासन चिंतित है. जिलाधिकारी अनिल ढींगरा (District Magistrate Anil Dhingra) मानते हैं कि डेथ रेट (Death Rate) चिंता का विषय है इसलिए डेथ रेट को कम करने के लिए उन्होंने मेडिकल कॉलेज में एक एक्सपर्ट पैनल बनाया है. डीएम ने बताया कि, अब कोविड-19 के डॉक्टर स्पेशलिस्ट से राय लेकर यहां भर्ती मरीज़ों का उचित इलाज करेंगे. डीएम ने कहा कोविड-19 वार्ड के डॉक्टर अब डायबिटिज़, हार्ट और चेस्ट के डॉक्टरों से भी राय लेकर मरीज़ों का इलाज करेंगे. उन्होंने कहा कि कोरोना के साथ-साथ अन्य बीमारियों की वजह से भी मरीज़ों की मृत्यु हो रही है.

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दो मरीजों की हो गई मौत
पूर्वा शेखरान मोहल्ले का रहने वाला 60 साल का एक व्यक्ति बीती 29 मई को का कोरोना वार्ड में भर्ती कराया गया था. उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी. सीएमओ डॉक्टर राजकुमार ने बताया कि उसके शरीर में सिर्फ 83 फीसदी ऑक्सीजन सेचुरेशन था. 29 मई की ही रात उसकी तबियत बिगड़ी थी. मरीज़ को वेंटिलेटर पर रखा गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका. वहीं मेडिकल कॉलेज के कोविड-19 वार्ड में 55 वर्षीय अहमद नगर निवासी शख्स ने भी दम तोड़ दिया. इस मरीज़ को निमोनिया की शिकायत थी. बाद में इसे वेंटिलेटर पर रखा गया, जहां इसे भी बचाया नहीं जा सका.



मेरठ में 298 संक्रमित कोरोना को दे चुके हैं मात


मेरठ में कोरोना मरीज़ों का आंकड़ा 418 है, लेकिन अच्छी बात यह है कि यहां संक्रमण से रिकवरी भी ख़ूब हुई है. मेरठ के कुल 298 मरीज़ों ने कोरोना को मात दे दी है, जबकि अब कुल 94 एक्टिव केस रह गए हैं. ज़िलाधिकारी का कहना है कि चार से पांच दिनों में रिकवरी की संख्या में और बढ़ोत्तरी होगी. एक तरफ मरीज़ रिकवर हो रहे हैं, तो दूसरी तरफ नए केसेज़ भी स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का सबब बन जाते हैं.

चार वार्डों को छोड़कर पूरा क्षेत्र कंटेनमेंट जोन घोषित
लिहाज़ा मेरठ में ज़िला प्रशासन ने अभी किसी भी प्रकार की छूट नहीं देने का मन बनाया है. गौरतलब है कि मेरठ में दो दिन सुपर लॉकडाउन भी रहता है, जिसमें दूध और दवा की दुकानों को छोड़कर बाकी सब कुछ बंद रहता है. मेरठ शहर के चार वार्डों को छोड़कर पूरा क्षेत्र ही कंटेनमेंट जोन घोषित है.

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First published: May 31, 2020, 2:59 PM IST
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