कोरोनाकाल में नर्सरियों पर एक ही डिमांड- भैया ज्यादा ऑक्सीजन देने वाले पौधे दे दीजिए...!

कोरोनाकाल में ऑक्सीजन को लेकर मची मारामारी के बाद अब लिविंग एरिया में बेडरूम तक में लोग पौधे लगाना चाहते हैं.

मेरठ में कोरोना संकट के बीच ऑक्सीजन देने वाले पौधों की मांग बढ़ी. घर, बेडरूम में मनी प्लांट, एरिका, ड्रेसिना, पीस लिली आदि पौधों की खूब डिमांड हो रही है. इसके अलावा आंगन में लगाने के लिए लोग तुलसी का पौधा खरीदकर ले जा रहे हैं.

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मेरठ. कोरोनाकाल ने बहुत कुछ बदलकर रख दिया है. हमारे रहन-सहन का तरीका भी. आधुनिकता की आंधी में लोग लिविंग एरिया में पौधे लगाना भी भूल गए थे, लेकिन बीते दिनों ऑक्सीजन को लेकर मची मारामारी के बाद अब लिविंग एरिया में बेडरूम तक में लोग पौधे लगाना चाहते हैं. अंदाजा इस बात से लगाईए कि अब ज्यादा ऑक्सीजन डिस्चार्ज करने वाले पौधों की डिमांड कई गुना बढ़ गई है. आलम ये है कि मेरठ की नर्सरियों में आजकल लोगों का तांता लगा हुआ है. यहां पहुंचकर सिर्फ लोग सिर्फ एक ही सवाल कर रहे हैं कि भैया ज्यादा ऑक्सीजन देने वाले पौधे दे दीजिए.

कोरोनाकाला में बीते दिनों ऑक्सीजन को लेकर मची मारामारी के बाद अब घरों में पौधे लगाने की होड़ मची हुई है. आमतौर पर लोगों ने लिविंग एरिया या फिर बेडरूम में पौधे लगाना छोड़ ही दिया था. अब कोरोनाकाल में मिले सबक के बाद अब लोग पेड़ लगाइए जीवन बचाइए के फॉर्मूले को फिर अपना रहे हैं. मेरठ में लगभग 60 प्रतिशत ऑक्सीजन देने वाले पौधों की मांग बढ़ी है. खासतौर से घर, बेडरूम में मनी प्लांट, एरिका प्लांट, ड्रेसिना, प्रेयर, स्पाइडर, पीस लिली, सिफोटिया पाम सहित तमाम पौधों की ख़ूब डिमांड हो रही है. इसके अलावा आंगन में लगाने के लिए लोग तुलसी का पौधा खरीदकर ले जा रहे हैं. यही नहीं बरगद, पीपल, नीम आदि के पौधे भी लोग ले जा रहे हैं.

बड़ा आकार लेने वाले पौधों को छोटे घरों में नहीं लगाया जा सकता है. इसलिए इनके छोटे आकार के पौधों की मांग होने लगी है. आजकल इन पौधों की डिमांड कितनी है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब कोरोना कफ्र्यू के दौरान नर्सरी के संचालक पौधों को पानी देने आते हैं तो उनके यहां लोग पौधे लेने लोग पहुंच जाते हैं. यही नहीं कुछ लोग तो फोन पर संपर्क कर पौधों की होम डिलीवरी करने की बात भी कहते हैं. कह सकते हैं कि कोरोनाकाल में लोगों की लाइफस्टाइल में काफी परिवर्तन आया है. एक बार फिर से कहीं न कहीं लोगों का ध्यान नेचर की तरफ गया है. इम्युनिटी बढ़ाने वाले गिलोय, अश्वगंधा की भी ख़ूब डिमांड है.  हॉर्टिकल्चर एक्सपर्ट्स का भी कहना है कि घरों में पेड़ लगाना बेहद लाभदायक होता हैं. इम्युनिटी बढ़ाने वाले पौधों की डिमांड इतनी बढ़ी की कई बार स्टॉक खत्म हो चुका है.