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exclusive interview silver medal winner priyanka goswami tells how to win gold in commonwealth games

इंटरव्यूः 10 साल की मेहनत और लड्डू-गोपाल का साथ, तब मिली कामयाबी- प्रियंका गोस्वामी

Meerut News: मेरठ की प्रियंका गोस्वामी ने कॉमनवेल्थ गेम्स की पैदल चाल स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीतकर मिसाल कायम की है. अपने शहर लौटने के बाद प्रियंका ने बताया कि उन्हें यह सफलता आसानी से नहीं मिली. यह मेडल प्राप्त करने में उन्हें 10 साल की तपस्या करनी पड़ी. प्रियंका युवाओं को कहना चाहती हैं कि जीत के लिए हार से ही जीत का रहस्य खोजें.

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    रिपोर्ट- विशाल भटनागर

    मेरठ. ‘मेरे लिए अपने देश के लिए मेडल जीतना सबसे खास पल था. पोडियम पर जब मैं मेडल के लिए पहुंचीं और राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के सम्मान के साथ मैंने पदक लिया वह पल मैं कभी नहीं भूल सकती.’ यह कहना है कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में पैदल चाल में रजत पदक विजेता प्रियंका गोस्वामी का. कॉमनवेल्थ गेम्स समाप्त होने के बाद प्रियंका बर्मिंघम से दिल्ली पहुंचीं. दिल्ली से मेरठ पहुंचने पर उनका जोरदार स्वागत किया गया.

    मेरठ के टोल प्लाजा से लेकर उनके घर तक शहरवासियों ने उनका भव्य स्वागत किया. लगभग 10 किलोमीटर के इस रूट में उन्हें घर तक पहुंचने में लगभग 4 से 5 घंटे लग गए. हर कोई प्रियंका की एक झलक देखना चाहता था. कोई उन्हें फूलों के हार पहना रहा था, कोई बुके दे रहा था तो किसी ने मुंह मीठा कराया. अपने शहर की बेटी की उपलब्धि पर हर मेरठवासी को गर्व महसूस हो रहा था. CWG-2022 से पदक जीतकर लौटीं प्रियंका से इंटरव्यू के खास अंश…

  • सफलता कैसे मिली?
    प्रियंका गोस्वामी – सफलता के लिए कोई शॉर्ट-कट नहीं होता. यह मेडल पाने के लिए मैंने 10 साल इंतजार किया. कामयाबी कभी एक वर्ष में नहीं मिलती. उसे पाने के लिए निरंतर प्रयास करना पड़ता है. मुझे भी यहां तक पहुंचने के लिए इस मेडल को पाने के लिए 10 साल लग गए.
  • हार का डर तो नहीं था?
    प्रियंका गोस्वामी- जो भी युवा खिलाड़ी हार के डर से खेल छोड़ देता है, यह गलती है. हार से भी सीख लेनी चाहिए, क्योंकि हार में भी कुछ ना कुछ बेहतर भविष्य की राह होती है.
  • ‘लड्‌डू गोपाल’ पर क्या कहेंगी?
    प्रियंका गोस्वामी- मेरा ईश्वर में बहुत विश्वास है. मैं अपनी जीत का श्रेय अपने लड्डू गोपाल को देना चाहूंगी. मेरे कोच और परिवार को भी इस जीत का श्रेय जाता है. मेरे हर कदम पर कोच मेरे साथ थे. उन्होंने हर तरीके से मेरी मदद की है. मैं कैलाश प्रकाश स्टेडियम में स्टूडेंट लाइफ से ही प्रैक्टिस करती रही हूं.
  • सरकारी मदद कितनी मिली?
    प्रियंका गोस्वामी- जिस तरीके से प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार खिलाड़ियों का हौसला बढ़ा रही हैं. उसी का परिणाम है कि खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं. यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा.
  • Tags: Commonwealth Games 2022, Cwg, Meerut news

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