FASTag तो ठीक लेकिन फर्जी आईडी दिखाकर टोल में छूट मांगने वालों से कैसे निपटेंगे?

मेरठ में टोल प्लाजा में पकड़े गए फर्जी आईडी कार्ड, जिन्हें लोगों ने टोल में छूट के लिए दिखाया.

टोल प्लाजा (Toll Plaza) कर्मी ऐसे लोगों परेशान हैं कि जो फर्ज़ी आईडी कार्ड दिखाकर टोल में छूट देने की मांग करते हैं. मेरठ स्थित वेस्टर्न यूपी टोल प्लाज़ा कर्मी रोज़ाना ऐसे लोगों को पकड़ते हैं, जो फर्ज़ी आईडी कार्ड (Fake ID Card) दिखाकर टोल प्लाज़ा में छूट (Relaxation) देने के लिए रौब गालिब करते हैं.

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मेरठ. एक तरफ सरकार देशभर के टोल प्लाज़ा (Toll Plaza) पर फास्टटैग (FASTag) के ज़रिए जनता को सहूलियत देने की कवायद कर रही है. हर गाड़ी पर फास्टटैग होगा और यात्रियों का समय बचेगा. वहीं दूसरी तरफ टोल प्लाज़ा के अधिकारी और कर्मचारी दूसरी ही समस्या से लगातार जूझ रहे हैं. दरअसल ये ऐसे लोगों से परेशान हैं, जो फर्ज़ी आईडी कार्ड दिखाकर टोल में छूट देने की मांग करते हैं. मेरठ स्थित वेस्टर्न यूपी टोल प्लाज़ा के अधिकारी कर्मचारी रोज़ाना ऐसे लोगों को पकड़ते हैं, जो फर्ज़ी आईडी कार्ड (Fake ID Card) दिखाकर टोल प्लाज़ा में छूट (Relaxation) देने के लिए रौब गालिब करते हैं.

मेरठ के वेस्टर्न यूपी टोल प्लाज़ा में हर महीने में हजा़रों की संख्या में ऐसे फर्जी़ कार्डधारी पकड़े जाते हैं. किसी ने यूपी पुलिस का फर्जी़ आईडी कार्ड दिखाकर रौब गालिब करना चाहा तो किसी ने एनएचएआई का ही फर्ज़ी कार्ड बनवा डाला. फर्ज़ी आधार कार्ड भी यहां के अधिकारियों कर्मचारियों ने कई लोगों के ज़ब्त किए हैं. वेस्टर्न यूपी टोल प्लाज़ा के मैनेजर प्रदीप चौधरी का कहना है कि वो लगातार ऐसी समस्याओं से रुबरु होते हैं और जब ऐसे फर्ज़ी कार्डधारियों को वो पकड़ लेते हैं तो वो हाथ जोड़ने लगते हैं.

समयाभाव के कारण कभी-कभी ही दे पाते हैं पुलिस को सूचना

ये पूछे जाने पर कि क्या वो ऐसे फर्ज़ी कार्ड दिखाकर चार सौ बीसी करने वालों की तहरीर देते हैं तो टोल प्लाज़ा के अधिकारियों ने बताया कि कभी-कभी तो वो इसकी सूचना थाने में देते हैं लेकिन समयाभाव के चलते वो अक्सर ऐसे लोगों को टोल देने के बाद जाने देते हैं. अधिकारियों का कहना है कि फास्टटैग की व्यवस्था के बाद ऐसे लोगों में कमी आएगी क्योंकि कैश काउंटर वाली लेन सिर्फ एक होगी और बाकी लेन पर फास्टटैग के ज़रिए ही गाड़ियां अपना टोल पे करेंगी.

हर टोल प्लाजा का यही हाल

ऐसे में फेक कार्ड दिखाकर रौब गालिब करने वालों की तादाद कितनी ज्यादा है. इसका अंदाज़ा आप इन तस्वीरों को देखकर लगा सकते हैं. ये मसला सिर्फ टोल प्लाज़ा का नहीं है क्योंकि आए दिन मेरठ में ऐसे ठग पकड़े जाते हैं जो कभी पुलिस की वर्दी पहनकर तो कभी सिपाही बनकर लोगों को ठगते हैं.

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