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GOOD NEWS: अब मेरठ मेडिकल कॉलेज में होगा मिर्गी के गंभीर मरीजों का इलाज, जानिए कैसे?

मिर्गी के गंभीर मरीजों को ट्रीटमेंट कराने के लिए प्राइवेट अस्पताल या दिल्ली की तरफ रुझान नहीं करना होगा. उत्तर प्रदेश क ...अधिक पढ़ें

    विशाल भटनागर/मेरठ. उत्तर प्रदेश के मेरठ मेडिकल कॉलेज में अभी तक सामान्य तौर पर ही मिर्गी के मरीजों दे इलाज संभव नहीं हा पा रहा था. जिससे कम समय में बेहतर उपचार नहीं मिल पाता था. वहीं प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराना भी मरीज के लिए बजट से बाहर की मामला हो जाता था. ऐसे में दिल्ली रेफर करने के कारण मरीजों को सही समय पर उपचार नहीं मिल पाता है. लेकिन, अब ऐसे सभी मरीजों का लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में ही ट्रीटमेंट हो सकेगा. इसके लिए मेडिकल कॉलेज में स्पेशल न्यूरोलॉजी क्लीनिक का शुभारंभ कर दिया गया है.

    मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ आरसी गुप्ता बताती हैं कि, सुपर स्पेशलिटी बिल्डिंग में स्पेशल न्यूरोलॉजी क्लिनिक की शुरुआत की गई है. जिसमें मिर्गी के इलाज के गंभीर मरीजों का ट्रीटमेंट किया जाएगा. इतना ही नहीं इसमें ट्रीटमेंट भी शुरू किया जा चुका है. जिन मरीजों को दिल्ली में इलाज का लाभ नहीं मिल पाया था. ऐसे सभी मरीजों को यहां सफल ट्रीटमेंट हुआ है.

    प्राइवेट अस्पतालों से आधे रेट में होगा ट्रीटमेंट
    मेडिकल कॉलेज के मीडिया प्रभारी डॉ वीडी पांडे ने बताया कि, आयुष्मान कार्ड सहित अन्य योजनाओं के माध्यम से जो भी शासन द्वारा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. वह मेडिकल प्रशासन द्वारा दी जाएंगी. जो दवाइयां, सुविधाएं मेडिकल को नहीं मिलती है. उनके ही पैसे मरीजों को खर्च करने होंगे. अन्य प्रकार की सभी सुविधाएं और उपचार उन्हें निशुल्क मिलेगा.

    आपके शहर से (मेरठ)

    इन बीमारियों का होगा ट्रीटमेंट
    न्यूरोलॉजी सहायक आचार्य डॉ सुशांत कुमार ने बताया कि, सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक स्थित न्यूरोलॉजी विभाग में ईईजी की सुविधा न्यूनतम दरों पर प्रतिदिन तथा न्यूरो स्पेशलिटी क्लीनिक प्रत्येक बुधवार. सामान्य न्यूरो रोग ओपीडी प्रतिदिन तथा पक्षाघात, लकवा, मिर्गी संबंधित सभी मरीजों का इलाज मेडिकल कॉलेज में किया जाएगा.

    इन मरीजों का हो चुका है उपचार
    न्यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉक्टर दीपिका सागर ने बताया कि, विकास नाम का मरीज उम्र 24 वर्ष निवासी जनपद मेरठ न्यूरोमाईलाइटिस ऑप्टिका डिजीज (एनएमओ) रोग से ग्रसित था. दाहिने हाथ और पांव में लकवा की शिकायत के साथ मेडिकल कॉलेज में भर्ती हुआ. बोलने, खाने-पीने में असमर्थ था. दिमाग की कई नसों में लकवा की शिकायत थी. मरीज को न्यूरो प्रोटेक्टिव एंड न्यूरोट्रॉपिक दवाएं दी गईं. इम्यूनोसपरेसिव थेरेपी दी गई. जिससे मरीज स्वस्थ हो गया. इसी कड़ी में जगपाल 72 वर्षीय पुरूष जनपद मेरठ निवासी मरीज उनके दोनों पैरों में अत्यधिक सूजन थी और लंबे समय से मधुमेह से ग्रसित थे. इन्होंने दिल्ली के सरकारी एवं गैर सरकारी अनेक प्रतिष्ठित अस्पतालों में संपर्क किया, उपचार लिया लेकिन कोई भी फायदा ना हुआ. उसके बाद उन्होंने मेडिकल कॉलेज मेरठ के न्यूरोलॉजी ओपीडी में संपर्क किया. इनको इम्यूनोग्लोबुलीन थेरेपी की परामर्श दी गई. जिसके फलस्वरूप वह पूर्ण रूप से स्वस्थ हो गए. इसी तरीके से गुलाब सिंह एवं अन्य मरीजों का भी मिर्गी की गंभीर बीमारी थी. जिनका यहां पर ट्रीटमेंट किया गया.

    प्रतिदिन ओपीडी में आते हैं करीब 200 मरीज
    मेडिकल कॉलेज की बात की जाए तो अभी तक सामान्य तौर पर ही मिर्गी के मरीजों को भी ओपीडी में देखा जाता था. प्रतिदिन 150 से 200 मरीज आते थे. जिनकी काउंसलिंग और उपचार जिस तरीके से होना चाहिए था. वह नहीं हो पा रहा था. इन्हीं बातों को देखते हुए विशेष क्लीनिक का शुभारंभ किया गया है. जिससे मरीजों का बेहतर उपचार और काउंसलिंग हो सके. क्योंकि मिर्गी का इलाज लंबा चलता है. ऐसे में अगर एक भी दिन दवाई छोड़ दी जाए तो फिर इलाज फिर से शुरू हो जाता है.

    Tags: Meerut Latest News, Uttar pradesh news

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