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Meerut: हस्तिनापुर सीट का है अनोखा इतिहास, जिस दल का MLA जीता उसी की बनती है सरकार!

Meerut: हस्तिनापुर सीट का है अनोखा इतिहास, जिस दल का MLA जीता उसी की बनती है सरकार!

मेरठ की हस्तिानापुर सीट का अनोखा इतिहास माना जाता है. (फाइल फोटो)

मेरठ की हस्तिानापुर सीट का अनोखा इतिहास माना जाता है. (फाइल फोटो)

Hastinapur Assembly Seat History: मेरठ जिले में सात विधानसभा सीटें हैं. मेरठ शहर, मेरठ दक्षिण, मेरठ कैंट, सिवालख़ास, किठौर, सरधना और हस्तिनापुर. यहां हस्तिनापुर विधानसभा सीट की एक दिलचस्प कहानी है. लोग मानते हैं कि जिस पार्टी ने यहां की सीट फतह की उसी की सरकार यूपी में बनती है. इस सीट को लोग अब एक तरह से टोटका की तरह देखने लगे हैं.

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हस्तिनापुर. उत्तर प्रदेश विधानसभा (Uttar pradesh assembly )के लिए चुनावी महासंग्राम का शंखनाद हो गया है. लोकतंत्र का महापर्व आ गया है. आगामी दस फरवरी को मेरठ (Meerut) में पहले चरण का मतदान होगा. ऐसे में हर विधानसभा सीट पर चुनावी लड़ाई का दिलचस्प दौर भी शुरू हो गया है.

मेरठ की बात की जाए तो यहां सात विधानसभा सीटें हैं. मेरठ शहर, मेरठ दक्षिण, मेरठ कैंट, सिवालख़ास, किठौर, सरधना और हस्तिनापुर. हस्तिनापुर विधानसभा सीट की बेहद दिलचस्प कहानी है. लोग मानते हैं और राजनीतिक इतिहास भी यही कहता है कि जिस पार्टी ने यहां की सीट फतह की उसी की सरकार यूपी में बनती है. कह सकते हैं कि राजनीतिक दलों के लिए ये सीट एक तरह से टोटके का काम करती है, क्योंकि यहां का राजनीतिक इतिहास गवाह है जिसका जीता MLA उसी की UP में सरकार.

शुरूआत के दो दशक इस विधानसभा सीट पर कांग्रेस का कब्जा रहा, लेकिन पिछले 15 साल में यहां से बसपा, सपा और भाजपा के विधायक चुनाव जीते. जिसका विधायक जीता उसी की प्रदेश में सरकार रही. मौजूदा समय में हस्तिनापुर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक दिनेश खटीक है. वो प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री हैं.

साढ़े तीन लाख की है वोटिंग
हस्तिनापुर विधानसभा सीट पर मौजूद समय में 3 लाख 50 हजार वोट हैं. 2017 के विधानसभा चुनाव में 3 लाख 36 हजार वोट थे. इस सीट पर एक लाख मुस्लिम वोटर बताए जाते हैं. दूसरे नंबर पर जाटव हैं, जिनकी संख्या 63 हजार है. गुर्जर वोटर की संख्या 56 हजार है. जाट 26 हजार, सरदार 13 हजार, यादव 10 हजार, वाल्मीकि 8 हजार वोटर हैं. पंडित 7 हजार हैं. अन्य वोटों में सैनी, कश्यप, धीमर, खटीक, प्रजापति, गिरी हैं.

हस्तिनापुर विधानसभा सीट का राजनीतिक इतिहास
हस्तिनापुर में रहे विधायक UP में बने सीएम 2017- दिनेश खटीक भाजपा- योगी आदित्यनाथ, 2012- प्रभुदयाल वाल्मीकि- सपा- अखिलेश यादव, 2007 – योगेश वर्मा- बसपा- मायावती, 2002- प्रभुदयाल वाल्मीकि सपा- मुलयाम सिंह यादव, 1996- अतुल कुमार निर्दलीय, 1994- गोपाल काली- भाजपा, 1989- झग्गर सिंह- जनता दल मुलायम सिंह, 1985- हरशरण सिंह- कांग्रेस- वीर बहादुर सिंह, 1980- झग्गर सिंह- कांग्रेस- एनडी तिवारी, 1977- रेवती शरण मौर्य- जनता पार्टी- रामनरेश यादव, 1974- रेवती शरण मौर्य- कांग्रेस- हेमवती नंदन बहुगुणा, 1969- आशाराम इंदू- भारतीय क्रांति दल, 1967- रामजी लाल सहायक- कांग्रेस- चंद्रभान गुप्ता, 1962- प्रीतम सिंह कांग्रेस.

फिर शुरू हुई जोर आजमाइश
वाकई में हस्तिापुर विधानसभा सीट का राजनीतिक इतिहास अनोखा है. इस बार भी विभिन्न राजनीतिक पार्टियां इस सीट पर ज़ोर आजमाइश कर रही हैं. कौन जीतेगा कौन हारेगा ये तो आने वाला वक्त बताएगा, लेकिन क्या इस बार भी यही होगा जो यहां से जीता उसी की सरकार बनेगी. या फिर ये राजनीतिक टोटका इस बार काम नहीं करेगा. ये देखना बेहद दिलचस्प होगा.

Tags: Hastinapur Assembly Seat History, Meerut news, UP Assembly Seat History, UP news

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