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MEERUT: यहां मिल रही लाइट, कैमरा और किताब वाली चाय, अनोखी है फीडबैक लेने वाली टी-स्टॉल

मेरठ के जितेंद्र के पास विभिन्न प्रकार की चाय के साथ-साथ आपको लाइट, कैमरा और किताबों का संगम देखने को मिलेगा. जितनी देर ...अधिक पढ़ें

  • News18Hindi
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    विशाल भटनागर

    मेरठ. ग्रेजुएशन करने के बाद ज्यादातर युवाओं का सपना सरकारी नौकरी या किसी बड़ी कंपनी में जॉब करना होता है, लेकिन उत्तर प्रदेश के मेरठ के एक युवा ने अनोखी मिसाल पेश की है. शिक्षा हासिल करने के बाद युवक जॉब के साथ चाय का स्टॉल शुरू कर अपनी पहचान बना रहा है. साथ ही पूरे लगन से अपने सपनों को साकार करने की कोशिशों में भी जुटा है. युवक ने अपने स्टॉल को काफी आधुनिक बनाया है.

    आम तौर पर टी स्टॉल की बात करते हुए चाय की चुस्की याद आती है, लेकिन मेरठ के जितेंद्र के पास विभिन्न प्रकार की चाय के साथ-साथ आपको लाइट, कैमरा और किताबों का संगम देखने को मिलेगा. जितनी देर में चाय बनकर तैयार होती है, उतनी देर में आप यहां पर बैठकर किताबें पढ़ सकते हैं. जब आप चाय पी लेंगे तो फीडबैक लेने के लिए जितेंद्र आपका एक वीडियो बनाते हैं जिसे वो सोशल मीडिया पर अपलोड करते हैं.

    आपके शहर से (मेरठ)

    फीडबैक से करता हूं सुधार
    न्यूज़ 18 लोकल से बात करते हुए जितेंद्र ने बताया कि वो जिन्हें भी चाय पिलाते हैं उन सभी से फीडबैक लेकर उसका वीडियो बनाते हैं. फीडबैक के आधार पर वो अपने चाय में बदलाव करते रहते हैं. जितेंद्र का मानना है कि लोगों के द्वारा दिया गया फीडबैक हमारे काम को और आगे बढ़ाता है. यह जितेंद्र की लगन ही है जो उसके टी स्टॉल पर रोजाना युवाओं की भीड़ जुटती है. चाय की वैरायटी की बात की जाए तो यहां ग्रीन टी, लेमन टी, मिल्क टी सहित अन्य प्रकार की चाय पीने के लिए मिलती है. यहां चाय का दाम दस रुपये से लेकर चालीस रुपये प्रति कप है.

    जॉब के साथ चलाते हैं टी स्टॉल
    जितेंद्र ने बताया कि वो सुबह 10 बजे से लेकर शाम पांच बजे तक एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं. उसके बाद वो अपने टी स्टॉल पर आकर रात के 11 बजे तक लोगों को चाय पिलाते हैं. उनका कहना है कि वो पांच साल से नौकरी कर रहे हैं. अपनी पहचान बनाने के लिए उसने यह चाय की स्टॉल शुरू की है इसलिए स्टॉल को ब्लॉगर का नाम दिया है.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रभावित
    आजादी के अमृत महोत्सव के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन को सुनने के बाद जितेंद्र ने टी स्टॉल लगाने का विचार किया, और 30 अगस्त को उसने चाय की दुकान खोल ली. जितेंद्र ने बताया कि पहली बार उसने चाय अपनी स्टॉल पर आकर ही बनाई थी.

    Tags: Chaiwala, Meerut news, Up news in hindi

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