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किसान आंदोलन के बीच West UP में गर्माने लगा जाट आरक्षण का मुद्दा, दिसंबर से शुरू होगी लड़ाई

किसान आंदोलन के बीच West UP में गर्माने लगा जाट आरक्षण का मुद्दा, दिसंबर से शुरू होगी लड़ाई

मेरठ में जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने बैठक कर प्रधानमंत्री से जाट आरक्षण पर किए वादे को पूरा करने की मांग की.

मेरठ में जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने बैठक कर प्रधानमंत्री से जाट आरक्षण पर किए वादे को पूरा करने की मांग की.

UP Vidhan sabha chunav Jat Reservation Demand: वेस्ट यूपी में किसानों के आंदोलन के बीच अब जाट आरक्षण का मुद्दा गर्मा गया है. मेरठ में जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने मंगलवार को दो मण्डलों की बैठक की, जिसमें प्रधानमंत्री से जाट आरक्षण पर किए वादे को पूरा करने की मांग की. समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल ने कहा कि जाट आरक्षण को लेकर आगामी एक दिसम्बर 2021 से जन जागरण अभियान शुरु किया जाएगा. यूपी, उत्तराखण्ड और पंजाब में जाट आरक्षण को लेकर अभियान चलाया जाएगा.

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मेरठ. वेस्ट यूपी (West UP) में किसानों के आंदोलन के बीच अब जाट आरक्षण (Jat Reservation) का मुद्दा गर्मा गया है. मेरठ में जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने मंगलवार को दो मण्डलों की बैठक की. बैठक में प्रधानमंत्री से मांग की है कि वो जाट आरक्षण से किए गए वादे पूरा करें. समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल ने कहा कि जाट आरक्षण को लेकर आगामी एक दिसम्बर 2021 से जन जागरण अभियान शुरु किया जाएगा. यूपी, उत्तराखण्ड और पंजाब में जाट आरक्षण को लेकर जन जागरण अभियान चलाया जाएगा.

गृहमंत्री अमित शाह से जाट आरक्षण समिति के पदाधिकारियों ने मांग की है कि जल्द से जल्द उन्हें उनका हक़ मिले. वेस्ट यूपी के कई जिलों में जाटों का वर्चस्व है. ऐसे में प्रधानमंत्री के कृषि कानून वापसी के एलान के बाद अब जाटों को भी अपना आरक्षण वाला भविष्य नज़र आने लगा है. जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 125 विधानसभा सीट के साथ ही उत्तराखंड की 15 तथा पंजाब की 100 से अधिक सीट पर जाटों का प्रभाव है.

उन्होंने कहा कि अगले साल जाटों के प्रभाव वाले इन तीनों राज्यों में विधानसभा चुनाव है. इन चुनावों में जाटों का वोट उसी दल को जाएगा जो उन्हें आरक्षण देगा. मलिक ने कहा कि केंद्र सरकार ने केंद्रीय स्तर पर जाट आरक्षण का वादा किया था और 2017 में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले आरक्षण का भरोसा दिया गया था. मलिक ने कहा कि वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले भी जाट समाज से वादे किए गए.

उन्होंने कहा, ‘जाट ख़ुद को ठगा सा महसूस कर रहा है, उसके वोट से भाजपा ने केंद्र और फिर उत्तर प्रदेश में सरकार तो बना ली. लेकिन उसे उसका हक़ नहीं दिया गया.’ पदाधिकारियों ने कहा कि वर्षों से जाट समाज आरक्षण के लिए संघर्ष कर रहा है. आरक्षण संघर्ष समिति जाट समाज को केंद्रीय स्तर पर ओबीसी श्रेणी में शामिल करने के लिए लंबे समय से मांग कर रही है. समय-समय पर सरकार के प्रतिनिधियों से वार्ता भी की गई, लेकिन सरकार की ओर से जाट समाज को अब तक केंद्रीय स्तर पर ओबीसी में शामिल करने के लिए फैसला नहीं किया गया.

जिलाध्यक्ष धर्मपाल बालियान ने बताया कि पिछले 15 वर्षों से अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति आरक्षण को लेकर प्रमुखता से मांग उठा रही है. अब समय आ गया है कि जाट समाज को एकजुट होकर इस मांग के लिए आवाज बुलंद करनी होगी.

Tags: Jat Reservation Demand, Kisan Andolan, Meerut news, Narendra modi, UP Election 2022, West UP

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