कांवड़ यात्रा में दिखा देशभक्ति का रंग, भारत माता की गूंज के साथ मोदी-योगी टी-शर्ट की धूम

कांवड़ि‍ए मेरठ से सप्लाई किए गए केसरिया रंग के अगौंछे पहनकर ही यात्रा की शुरुआत करते हैं. जबकि इस बार मोदी-योगी की टी-शर्ट का खास क्रेज़ है.

Umesh Srivastava | News18 Uttar Pradesh
Updated: July 21, 2019, 12:22 PM IST
कांवड़ यात्रा में दिखा देशभक्ति का रंग, भारत माता की गूंज के साथ मोदी-योगी टी-शर्ट की धूम
कांवड़ि‍ए मेरठ से सप्लाई किए गए केसरिया रंग के अगौंछे पहनकर ही यात्रा की शुरुआत करते हैं. जबकि इस बार मोदी-योगी की टी-शर्ट का खास क्रेज़ है.
Umesh Srivastava | News18 Uttar Pradesh
Updated: July 21, 2019, 12:22 PM IST
कांवड़ यात्रा की शुरुआत हो गई है और पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश का रंग धीरे-धीरे केसरिया होने लगा है. आपको जानकर अच्छा लगेगा कि मेरठ कांवड़ियों को केसरी रंग देता है. हरिद्वार से चलने वाले 90 प्रतिशत कांवड़िए मेरठ से सप्लाई किए गए अगौंछे पहनकर ही अपनी यात्रा शुरू करते हैं. अगौंछे के साथ-साथ इस बार मोदी और योगी की तस्वीर छपी टी-शर्ट भी कांवड़ियों के बीच आकर्षण बनी हुई है. कांवड़ में देशभक्ति भी देखने को मिल रही है. कहीं शेर के साथ प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर छपी हुई है और लिखा हुआ है भारत माता की जय, तो कहीं आज़ादी के दीवानों की तस्वीरें छपी हुई है.

कांवड़ यात्रा में मोदी-योगी की धूम
कांवड़ यात्रा की शुरुआत हो गई है और शिव के भक्त हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना होने लगे हैं. जुबां पर शिव का नाम और ओंकारा का जयकारा लगाते हुए कांवड़िए कदम दर कदम आगे बढ़ते जा रहे हैं. जबकि इस बार कांवड़ यात्रा में प्रधानमंत्री मोदी और यूपी के सीएम योगी की भी धूम देखी जा रही है. जी हां, कांवड़िए दोनों की तस्वीर वाली टी-शर्ट जमकर खरीद रहे हैं. यही नहीं, किसी तस्वीर में पीएम की तस्वीर छपी हुई है और लिखा हुआ है द किंग ऑफ इंडिया, तो किसी में शेर की तस्वीर के साथ उनकी तस्वीर छपी हुई है.

कांवड़ यात्रा की शुरुआत हो गई है और शिव के भक्त हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना होने लगे हैं.


मेरठ के अगौंछों की धूम
मोदी- योगी की टी-शर्ट के साथ मेरठ के अगौंछे भी दूर-दूर तक अपनी छाप छोड़ते हैं. ज्यादातर कांवडिए मेरठ से सप्लाई किए गए केसरिया रंग के अगौंछे पहनकर ही यात्रा की शुरुआत करते हैं. मेरठ के खंदक बाजार से पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली और उत्तराखण्ड में इनकी सप्लाई होती है. कांवड़ के सीज़न में यहां के अगौंछों का कारोबार करोड़ों में होता है.

ये है कांवड़ की मान्‍यता
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कांवड़ यात्रा को लेकर अलग-अलग जगहों की अलग मान्यताएं रही हैं. ऐसा मानना है कि सबसे पहले भगवान परशुराम ने कांवड़ लाकर बागपत के पुरा महादेव में भगवान भोलनाथ को जल चढ़ाया था, तभी से कांवड़ यात्रा की शुरुआत हुई थी. यही नहीं, गढ़मुक्तेश्वर से गंगा का जल लाकर उन्होंने पुरातन शिवलिंग पर जलाभिषेक किया था, लिहाजा आज भी उसी परंपरा का अनुपालन करते हुए सावन के महीने में हरिद्वार और गढ़मुक्तेश्वर से जल लाकर लाखों लोग इस पवित्र महीने में भगवान शिव पर जलाभिषेक कर अपनी कामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद मांगते हैं. यकीनन जैसे-जैसे शिवरात्रि का पर्व नजदीक आएगा वैसे- वैसे ये केसरिया रंग और गहरा हो जाएगा.

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First published: July 21, 2019, 12:20 PM IST
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