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Kidney Transplant: कल बनेगा ग्रीन कॉरिडोर, दो घंटे में मेरठ से गुरुग्राम पहुंचेगा ब्लड सैंपल

दो घंटे में मेरठ से गुरुग्राम पहुंचेगा ब्लड सैंपल.

दो घंटे में मेरठ से गुरुग्राम पहुंचेगा ब्लड सैंपल.

Green Corridor: मेरठ में एक मरीज की जान बचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया जाएगा. एसपी ट्रैफिक जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने ग्रीन कॉरिडोर को ग्रीन सिग्नल दे दिया है. मेरठ के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती मरीज के गुर्दे को बचाने के लिए दो घंटे में गुरुग्राम तक ब्लड सैंपल पहुंचाया जाएगा.

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मेरठ. मेरठ (Meerut) में एक मरीज की जान बचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर (Green Corridor) बनाया जाएगा. एसपी ट्रैफिक जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने ग्रीन कॉरिडोर को ग्रीन सिग्नल दे दिया है. मेरठ के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती मरीज के गुर्दे को बचाने के लिए दो घंटे में गुरुग्राम तक ब्लड सैंपल पहुंचाया जाएगा.

एसपी ट्रैफिक जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि 27 सितंबर की सुबह 5 बजे गढ़ रोड स्थित न्यूटिमा अस्पताल से किडनी ट्रांसप्लांट कराने से पहले डोनर व मरीज के ब्लड सैंपल जांच के लिए एंबुलेंस की मदद से गुरुग्राम स्थित पैथोलॉजी लैब भेजे जाने हैं. अस्पताल प्रबंधन ने निर्धारित समय में सैंपल गुरुग्राम पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाये जाने का आग्रह किया था. इसी को ध्यान में रखते हुए ग्रीन कॉरिडोर रूट में ट्रैफिक की विशेष व्यवस्था तैयार की गई है.

बताया जा रहा है कि मेरठ के न्यूटिमा अस्पताल से पांच बजे एम्बुलेंस रवाना होगी. एसपी सिटी जितेन्द्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि ये लक्ष्य निर्धारित किया गया है कि दो घंटे में गुरुग्राम पहुंचा जाए. वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर संदीप गर्ग का कहना है कि मरीज़ हापुड़ के रहने वाले हैं. उनका गुर्दा काम नहीं कर रहा है. उन्होंने बताया कि मरीज का ब्लड ग्रुप ओ है और उनके घर के डोनर में किसी का ब्लड ग्रुप ओ नहीं है. इसलिए बहुत जरूरी है कि ऐसे मरीज का ट्रांसप्लांट समय से किया जाए. एसपी ट्रैफिक ने ग्रीन कॉरिडोर को बनाने की अनुमति दे दी है. अगर समय रहते ये संभव हो पाया तो गुर्दा प्रत्यारोपण ठीक से हो जाएगा.

एक मरीज के किडनी ट्रांसप्लांट के लिए मेरठ ट्रैफिक विभाग ने पहली बार एक मरीज के ब्लड सैंपल निर्धारित समय के भीतर गंतव्य तक पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया है. अमूमन ग्रीन कॉरिडोर यानि सुरक्षित गलियारा की व्यवस्था विशेष परिस्थितियों में किसी वीआईपी के लिए तैयार होती है. ट्रैफिक विभाग ने पहली बार एक मरीज के ब्लड सैंपल निर्धारित समय के भीतर गंतव्य तक पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया है. मरीज का जल्द किडनी ट्रांसप्लांट होना है.

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