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UP Election Results 2022: पश्चिम उत्तर प्रदेश में किसान आंदोलन का कितना रहा असर? जानें आंकड़ों की जुबानी पूरी कहानी

UP Election: राजधानी दिल्ली के बॉर्डर पर 1 साल चले किसान आंदोलन का असर पश्चिमी यूपी में सबसे ज्यादा दिखाई पड़ सकता था. लेकिन इसके उलट नतीजे देखने को मिले.(फाइल फोटो पीटीआई)

UP Election: राजधानी दिल्ली के बॉर्डर पर 1 साल चले किसान आंदोलन का असर पश्चिमी यूपी में सबसे ज्यादा दिखाई पड़ सकता था. लेकिन इसके उलट नतीजे देखने को मिले.(फाइल फोटो पीटीआई)

UP Chunav: भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. राकेश टिकैत ने ट्वीट कर कहा, 'लोकतंत्र के महापर्व में जनता का फैसला सर्वोपरि होता है. किसान आंदोलन ने अपना असर दिखा दिया. हम आशा करते हैं कि जो भी सरकारें बनी हैं, वे सभी अपने-अपने राज्यों में किसानों-मजदूरों के उत्थान के लिए कार्य करेंगी. सभी को जीत की बधाई.'

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मेरठ. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 (Uttar Pradesh Election) में शानदार जीत से भारतीय जनता पार्टी (BJP) गदगद है. कार्यकर्ताओं का उत्साह भी चरम पर पहुंच गया है. इस चुनाव में किसान आंदोलन, बेरोजगारी, महंगाई जैसे मुद्दों पर बीजेपी को घेरने की कोशिश करने वाला सपा गठबंधन 125 सीटों पर सिमट गया. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के चुनाव परिणाम यह साबित करते हैं कि 1 साल चले सबसे बड़े किसान आंदोलन का उत्तर प्रदेश के तीन जिलों मेरठ, शामली और मुजफ्फरनगर में प्रभाव रहा. पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश की 66 सीटों में से बीजेपी ने 54 सीटें जीतीं. जबकि सपा-रालोद गठबंधन 12 सीटों पर ही सिमट गया. भाजपा को पिछली बार के मुकाबले इस बार सिर्फ 8 सीटों का नुकसान हुआ.

दरअसल, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के शुरुआती दो चरणों की वोटिंग जाटलैंड कहे जाने वाले पश्चिमी यूपी की सीटों पर थी. किसान आंदोलन का असर भी इन सीटों पर था. ऐसे में जाट वोटों की नाराजगी बीजेपी के लिए चिंता का सबब माना जा रहा था. क्योंकि 2017 में बीजेपी ने इन दो चरणों की 113 सीटों में से 91 पर जीत हासिल की थी. पश्चिमी यूपी में किसान आंदोलन और गन्ना की कीमतें बड़ा मुद्दा थीं. लेकिन माना जा रहा था कि राजधानी दिल्ली के बॉर्डर पर 1 साल चले किसान आंदोलन का असर पश्चिमी यूपी में सबसे ज्यादा दिखाई पड़ सकता था. लेकिन इसके उलट नतीजे देखने को मिले.

UP विधानसभा चुनाव में हार के बाद अखिलेश यादव का पहला ट्वीट- आधे से ज्‍यादा भ्रम और छलावा हुआ दूर

बता दें कि यूपी विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुआई में बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत हासिल की है. साढ़े 3 दशक से ज्यादा वक्त बाद सूबे में कोई मुख्यमंत्री कार्यकाल पूरा करने के बाद दोबारा सत्ता में आ रहा है. अखिलेश यादव की अगुआई में सपा गठबंधन ने पूरा जोर तो लगाया लेकिन ‘बुलडोजर बाबा’ को रोक न सकें. यूपी के नतीजे बताते हैं कि किसान आंदोलन और राकेश टिकैत जैसे किसान नेता बीजेपी का खुला विरोध करने के बावजूद जमीन पर बेअसर साबित हुए हैं.

BJP की जीत पर राकेश टिकैत ने तोड़ी चुप्पी
इससे पहले भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. राकेश टिकैत ने ट्वीट कर कहा, ”लोकतंत्र के महापर्व में जनता का फैसला सर्वोपरि होता है. किसान आंदोलन ने अपना असर दिखा दिया. हम आशा करते हैं कि जो भी सरकारें बनी हैं, वे सभी अपने-अपने राज्यों में किसानों-मजदूरों के उत्थान के लिए कार्य करेंगी. सभी को जीत की बधाई.”

Tags: BJP, CM Yogi Aditya Nath, Farmers movement, Kisan Aandolan, Meerut news, PM Modi, Up election 2022 result, Uttar pradesh election 2012

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