सिक्किम में शहीद कैप्टन श्रेयांश को सैन्य सम्मान के साथ मेरठ में दी गई अंतिम विदाई

सिक्किम में 15000 फीट की ऊंचाई पर तैनात कैप्टन श्रेयांश कश्यप का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था (फाइल फोटो)

सिक्किम में 15000 फीट की ऊंचाई पर तैनात कैप्टन श्रेयांश कश्यप का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था (फाइल फोटो)

श्रेयांश कश्यप को 108 इंजीनियर रेजीमेंट की बॉम्बे सैपियर्स में आठ जून, 2019 को पहली तैनाती मिली थी. इसके बाद वो उत्तरी सिक्किम में 27 एमटीएन डिव में तैनात थे. कैप्टन श्रेयांश कश्यप के शहीद होने पर बॉम्बे सैपियर्स ने शोक व्यक्त किया है

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मेरठ. सिक्किम में तैनात रहे शहीद कैप्टन श्रेयांश कश्यप (Captain Shreyansh Kashyap) का अंतिम संस्कार (Funeral) उनके गृह जिले उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) के मटौर गांव में पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया. इससे पहले, रविवार को कैप्टन श्रेयांश का पार्थिव शरीर जब उनके गांव मटौर पहुंचा तो पूरा गांव रो उठा. हर तरफ से बस ये ही आवाज आ रही थी, 'युवा श्रेयांश कश्यप अमर रहें.'

बताया जा रहा है कि श्रेयांश कश्यप उत्तरी सिक्किम में 15,000 फीट की ऊंचाई पर तैनात थे. इस दौरान उनकी तबियत बिगड़ गई थी. उन्हें सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई थी जिससे चलते उनका निधन हो गया. मेरठ के मटौर गांव के रहने वाले कैप्टन श्रेयांश कश्यप की शहादत की खबर जिसने भी सुनी वो अवाक रह गया. श्रेयांश को 108 इंजीनियर रेजीमेंट की बॉम्बे सैपियर्स में आठ जून, 2019 को पहली तैनाती मिली थी. इसके बाद वो उत्तरी सिक्किम में 27 एमटीएन डिव में तैनात थे.

शहीद के परिवार में पिता शिव गोविंद सिंह, माता सीमा सिंह, बहन सृष्टि और भाई शिवांश हैं. कैप्टन श्रेयांश कश्यप के शहीद होने पर बॉम्बे सैपियर्स ने शोक व्यक्त किया है. मेरठ के लाल की शहादत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है. घरवालों को रो-रो कर बुरा हाल है. वहीं, गांव के लोगों का कहना है कि श्रेयांश बेहद हंसमुख स्वभाव के थे.

मेरठ के जिलाधिकारी (डीएम) के.बालाजी ने कैप्टन श्रेयांश की शहादत को नमन किया है. उन्होंने बताया कि ऑन ड्यूटी श्रेयांश को हार्ट अटैक आया था. उन्होंने कहा कि श्रेयांस हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे. उन्होंने कहा कि शासनादेश के अनुसार जो भी धनराशि देय होगी वो शीघ्र उनके परिजनों को सौंपी जाएगी.

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