लाइव टीवी

OMG! Mercedes और BMW कार से भी है ज्यादा महंगे हैं ये भैंसे, सेल्फी के लिए लगा तांता

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 8, 2019, 8:38 PM IST
OMG! Mercedes और BMW कार से भी है ज्यादा महंगे हैं ये भैंसे, सेल्फी के लिए लगा तांता
करोड़ो की कीमत वाले भैंसे मेरठ कृषि मेले में बने आकर्षण का केंद्र

युवराज, शूरवीर और चांदवीर के खानपान व देखभाल में हर महीने लाखों रुपये खर्च होते हैं लेकिन युवराज, शूरवीर और चांदवीर से होने वाली आमदनी सालाना करोड़ों में है. मेऱठ के कृषि मेले में लोगों के आकर्षण का केंद्र बने इन भैसों के साथ सेल्फी लेने वालों की होड़ मची हुई है.

  • Share this:
मेरठ. आपको युवराज भैंसा याद होगा जिसकी कीमत Mercedes और BMW कार से भी ज्यादा है. बता दें कि इस करोड़पति भैंसे का कुनबा भी अब करोड़ों की कीमत का हो गया है. युवराज की कीमत जहां पौने दस करोड़ है तो वहीं इस के भाई शूरवीर और बेटे चांदवीर की कीमत ढाई-ढाई करोड़ हो गई है. ये तीनों करोड़पति भैंसे मेऱठ के कृषि मेले में लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. इन भैसों के साथ सेल्फी लेने वालों की होड़ मची हुई है.

रख-रखाव पर लाखों खर्च होते हैं
मेरठ कृषि मेले में पहुंची News 18 की टीम से बातचीत में इन भैंसों के मालिक का कहना है कि युवराज तो युवराज अब चांदवीर और शूरवीर भी देश दुनिया में नाम कमा रहे हैं. आखिर इन भैंसों की कीमत इतनी क्यों है? इन भैंसों की क्या ख़ासियत है? ये भैंसे खाते क्या हैं ? इन पर कितना खर्च होता है? साथ ही ये मालिक को कितना मुनाफा देते हैं? इन सारे सवालों को लेकर news 18 संवाददाता ने युवराज, शूरवीर और चांदवीर के मालिक कर्मवीर से ख़ास बातचीत की.

कर्मवीर कहते हैं युवराज, शूरवीर और चांदवीर के खानपान व देखभाल में हर महीने लाखों रुपये खर्च होते आता है लेकिन युवराज शूरवीर और चांदवीर से होने वाली आमदनी सालाना करोड़ों में है. ये भैंसे करीब 20 लीटर दूध रोज़ाना पीते हैं. 10 किलो फल, 10 किलो दाना और 6 किलो मटर खाते हैं. इसके अलावा इन्हें हरा चारा भी इसे दिया जाता है. रोजाना शाम इन्हें 6 किमी की सैर कराई जाती है. युवराज के शरीर की हर रोज तेल-मालिश की जाती है. इन भैसों को देखने के लिए मेरठ के सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय में लोगों का तांता लगा हुआ है. जो भी इन भैंसों को देखता है बिना सेल्फी लिए नहीं जाता.

युवराज (भैंसे) के साथ सेल्फी लेने वालों की मची होड़


युवराज, शूरवीर और चांदवीर मुर्रा नस्ल के भैंसे हैं. युवराज भैंसे के नाम के पीछे भी रोचक कहानी है. इसका नाम क्रिकेटर युवराज सिंह से प्रभावित होकर रखा गया था. एक समय में युवराज ने अपने चौकों, छक्कों से देश का नाम बढ़ाया था. कर्मवीर कहते हैं परिवार ने सोचा की ये भैंसा भी घर का नाम बढ़ाए इसलिए इसका नाम युवराज रखा जाए. इन भैंसों के स्पर्म बेचकर भैंसे के मालिक हर महीने लाखों रुपए की कमाई करते हैं. भैंसों के स्पर्म की मांग हरियाणा के अलावा पंजाब, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित कई राज्यों में हैं.

ये भी पढ़ें- Ayodhya Case: बच्चों ने दिया अमन का पैगाम बोले- 'एक-दूसरे से करते हैं प्यार हम'
Loading...



पवन कुमार को हटाने की वजह बनी पूर्व IFS की वो चिट्ठी जिसका अखिलेश राज में नहीं लिया गया था संज्ञान!

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मेरठ से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 8, 2019, 7:11 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...