मेरठ के CMO का बड़ा दावा- मास्क में नमी की वजह से भी हो रहा ब्लैक फंगस, दी यह सलाह

मास्क में नमी की वजह से भी हो रहा ब्लैक फंगस (File photo)

मास्क में नमी की वजह से भी हो रहा ब्लैक फंगस (File photo)

मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ ज्ञानेंद्र का कहना है कि कोविड-19 (Covid- 19) का अलग वार्ड बना दिया गया है. कई मरीजों का ऑपरेशन करने की तैयारी है.

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मेरठ. कोरोना महामारी (Covid Pandemic) के बीच ब्लैक फंगस (Black Fungus) का तांडव भी अब देखने को मिल रहा है. मेरठ (Meerut) के सीएमओ डॉक्टर अखिलेश मोहन ने बताया कि नमी से फंगस हो रहा है. इसलिए मास्क बदले और अगर धुला है तो उसे धूप में सुखाएं. उन्होंने कहा कि मास्क में नमी होने की वजह से भी फंगस का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है. सीएमओ के मुताबिक ब्लैक फंगस से लोग तेजी से रिकवर भी हो रहे हैं. मेरठ में अब तक 29 लोग ब्लैक फंगस को मात देकर घर जा चुके हैं जबकि वर्तमान में यहां सिर्फ 55 एक्टिव केस हैं. वहीं सीएमओ डॉक्टर अखिलेश ने कहा कि ब्लैक फंगस महामारी घोषित की गई है इसका सर्विलांस तेज कर दिया गया है.

ऑपरेशन की तैयारी

मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ ज्ञानेंद्र का कहना है कि कोविड-19 का अलग वार्ड बना दिया गया है. कई मरीजों का ऑपरेशन करने की तैयारी है. वहीं सीएमओ डॉक्टर अखिलेश ने कहा कि ब्लैक फंगस महामारी घोषित की गई है, इसका सर्विलांस तेज़ कर दिया गया है. वहीं कई रोगियों ने भी ब्लैक फंगस को मात दी है. जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ अशोक तालियान के मुताबिक अब तक 29 मरीज ठीक हो चुके हैं. जिन्हें डिस्चार्ज किया जा चुका है. निजी अस्पताल में तेरह मरीज़ों का सफल ऑपरेशन हुआ है.

मेरठ में ब्लैक फंगस के कई रोगियों का सफल ऑपरेशन हुआ है. बता दें कि मेरठ जिले में पिछले 24 घंटे में 4 और मरीजों की मौत ब्लैक फंगस की वजह से हो गई.
मरीजों ने ब्लैक फंगस को हराया

सीएमओ डॉक्टर अखिलेश मोहन का कहना है कि ब्लैक फंगस को यहां कई मरीज़ों ने हरा दिया है. और ठीक हो चुके कई रोगियों को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है. सीएमओ ने बताया कि अलग अलग अस्पतालों में कुछ मरीज़ों का सफल ऑपरेशन हुआ है. सीएमओ ने कहा कि मेरठ में अलग अलग जनपदों के भी मरीज़ भर्ती हैं. उनके मुताबिक आधे से ज्यादा ब्लैक फंगस के मरीज़ पड़ोसी ज़िलों के हैं. वहीं व्हाईट फंगस को लेकर उन्होंने कहा कि ये कोई अलग फंगस नहीं है. क्योंकि ये ब्लड वेसल्स को रोक देता है तो उसका कलर ब्लैक हो जाता है. उन्होंने कहा कि नाम इसका भले ही ब्लैक फंगस हो. लेकिन इसका रंग सफेद होता है. सीएमओ ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में दवाएं उपलब्ध हैं. और डॉक्टरों को भी इसे लेकर सचेत कर दिया गया है. डॉक्टर जल्दी डिटेक्ट करने की कोशिश कर रहे हैं.

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