कोराना काल में अनाथ हुए बच्चों का हाथ थामेगा मेरठ जिला प्रशासन, 65 बच्चों की हुई पहचान

मेरठ जिले में कोरोना संक्रमण के चलते कई बच्चे अपने माता-पिता की मौत होने से अनाथ हो गए हैं

मेरठ जिले में कोरोना संक्रमण के चलते कई बच्चे अपने माता-पिता की मौत होने से अनाथ हो गए हैं

जिला प्रोबेशन अधिकारी शत्रुघ्न कनौजिया ने बताया कि ऐसे 65 बच्चों को चिन्हित किया गया है जिनके माता या पिता की कोरोना संक्रमण (Corona Virus) से मौत हुई है. इनमें से दो बच्चे ऐसे हैं जिनके माता और पिता दोनों की जान चली गई. कोरोना काल में वो अऩाथ हो गए. शेष 63 बच्चों के सिंगल पैरेंट (Single Parent) हैं

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मेरठ. कोरोना काल में बड़ी संख्या में लोगों की मौत होने से उनके अपनों को इसका दुख ताउम्र सालता रहेगा. बड़े तो फिर भी इस दर्द को सह लेंगे लेकिन उन बच्चों का क्या जिन्होंने इस महामारी में अपने माता-पिता को खोया है. यह अपने आप में बड़ा सवाल है. उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) में अनाथ हुए ऐसे बच्चों (Orphan Children) के लिए जि़ला प्रशासन ने फुल एक्शन प्लान तैयार किया है.

जिला प्रोबेशन अधिकारी शत्रुघ्न कनौजिया ने बताया कि ऐसे 65 बच्चों को चिन्हित किया गया है जिनके माता या पिता की कोरोना संक्रमण (Corona Virus) से मौत हुई है. इनमें से दो बच्चे ऐसे हैं जिनके माता और पिता दोनों की जान चली गई. कोरोना काल में वो अऩाथ हो गए. शेष 63 बच्चों के सिंगल पैरेंट (एकल अभिभावक) हैं. इन दो बच्चों की उम्र दस वर्ष और चौदह वर्ष है. यही नहीं एक ऐसे परिवार का पता चला है जिसमें पिता चल बसे. मां अब तीन बेटियों के साथ बेसहारा है. जिला प्रशासन ने सभी 65 बच्चों के लिए फुल प्रूफ प्लान तैयार किया है ताकि उन्हें अच्छी शिक्षा, अच्छा स्वास्थ्य मिल सके, और बड़े होकर एक बेहतर जिंदगी जी सकें.

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महिला शक्ति केंद्र काउंसलर और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से जुटाई जा रही सूचनाएं
कनौजिया ने बताया कि गांवों में समिति के माध्यम से महिला शक्ति केंद्र काउंसलर और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से वो सूचनाएं इकट्ठा कर रहे हैं और ऐसे बच्चों तक पहुंच रहे हैं. उन्होंने बकायदा टेलीफोन नंबर भी जारी किए हैं जिनके माध्यम से ऐसे बच्चों के बारे में सूचनाएं दी जा सकती हैं. यह टेलीफोन नंबर हैं- 8273422540 और 8077583045. इन नंबरों पर कोई भी कोरोना संक्रमण के चलते अनाथ हुए बच्चों के बारे में जानकारी दे सकता है. जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि अब तक 65 बच्चे मिले हैं. इनमें से दो के माता-पिता की मृत्यु हो गई है, बाकी 63 बच्चों के एकल अभिभावक हैं.

शत्रुघ्न कनौजिया ने बताया कि इन सभी बच्चों के डॉक्युमेंट्स इकट्ठा किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि शासनादेश के आधार पर अनाथ बच्चों की मदद की जाएगी. यह बच्चे कागजी कार्रवाई कैसे पूरे करेंगे, यह पूछने पर जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि टीम भेजकर ऐसे बच्चों के जरुरी कागजात इकट्ठा किए जाएंगे. अनाथ बच्चों के गोद लेने की इच्छा जाहिर करने वालों के सवाल पर उन्होंने कहा कि ऑनलाइन वेबसाइट पर जाकर इसके लिए आवेदन किया जा सकता है. डॉक्युमेंट्स के साथ गोद लेने के लिए आवेदन करना पड़ता है. जांच के बाद ही गोद लेने की प्रक्रिया पूरी होती है.

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