लाइव टीवी

मेरठ: बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष का आरोप- फॉर्च्यूनर वाला भी ले रहा आयुष्मान योजना का लाभ

Umesh Srivastava | News18 Uttar Pradesh
Updated: November 14, 2019, 8:11 AM IST
मेरठ: बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष का आरोप- फॉर्च्यूनर वाला भी ले रहा आयुष्मान योजना का लाभ
बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह से मुलाकात कर आयुष्मान योजना में अपात्रों को शामिल किए जाने की शिकायत की

बीजेपी नेता लक्ष्मीकांत वाजपेयी (Lakshmikant Vajpayee) ने मंत्री से शिकायत की कि कैसे कई गलत नाम आयुष्मान योजना (Ayushman Scheme) के अंतर्गत शामिल किए गए. जबकि पात्रों को इसका लाभ मिलना चाहिए. यहां तक कि फॉर्च्यूनर वाले भी आयुष्मान योजना का लाभ ले रहे हैं.

  • Share this:
मेरठ. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की (PM Narendra Modi) महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत (Ayushman Bharat Scheme) को लेकर मिल रही तमाम अनियमितताओं की शिकायत स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह (Health Minister Jai Pratap Singh) से की गई है. बुधवार को मेरठ (Meerut) पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा कि अभियान चलाकर गलत नामों को हटाया जाएगा और सही नामों को जोड़ा जाएगा. बता दें आयुष्मान योजना में अपात्रों को मिल रहे कथित लाभ को लेकर बीजेपी नेता लक्ष्मीकांत वाजपेयी (Lakshmikant Vajpayee) स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिहं से मिलने पहुंचे. बीजेपी नेता ने मंत्री से शिकायत की कि कैसे कई गलत नाम आयुष्मान योजना के अंतर्गत शामिल किए गए. जबकि पात्रों को इसका लाभ मिलना चाहिए. यहां तक कि फॉर्च्यूनर वाले भी आयुष्मान योजना का लाभ ले रहे हैं. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने मंत्री से कहा कि गलत नामों को आयुष्मान योजना का लाभ दिलाने वाले अफसरों को भी दंडित किया जाना चाहिए. मंत्री ने आश्वासन दिया कि मेरठ में अपात्रों को अगर आयुष्मान योजना का लाभ मिला है या उनका नाम है तो इसकी जांच कराई जाएगी.

जांच का आश्वासन

न्यूज़ 18 से ख़ास बातचीत में स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा कि वो इस शिकायत को लेकर लखनऊ पहुंचकर जांच कराएंगे. साथ ही आयुष्मान योजना को लेकर एक वृहद अभियान भी चलाया जाएगा. उन्होंने कहा कि सिर्फ मेऱठ ही नहीं पूरे प्रदेश में जहां से आयुष्मान योजना को लेकर ऐसी शिकायतें आ रही हैं या आएंगी वहां गलत नामों को हटाया जाएगा और सही नामों को जोड़ा जाएगा.

मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि पीएचसी और सीएचसी की हालत और बेहतर हो सके. उन्होंने कहा कि पीएचसी और सीएचसी की हालत में सुधार करना प्रमुख लक्ष्य है. मंत्री ने ये भी माना कि पीएचसी से लेकर अस्पतालों तक वर्क फोर्स की कमी है और पीएचसी से लेकर ज़िला अस्पताल तक स्टॉफ को पूरा करना लक्ष्य है.

डॉ ने मंत्री से कहा नहीं बनना CMO

स्वास्थ्य मंत्री ने ज़िला अस्पताल का भी निरीक्षण किया. इस दौरान एक डॉक्टर जिनका हाल ही में सीएमओ के पद पर शाहजहांपुर स्थानांतरण कर दिया गया वो मंत्री जी से गुहार लगाते नज़र आए कि साहब उन्हें सीएमओ नहीं बनना क्योंकि उनकी कुछ पारिवारिक दिक्कतें हैं. उन्हें मेरठ ही रहने दिया जाए. इस पर मंत्री ने कहा कि ठीक है लिख कर दो. विचार किया जाएगा. हाथ जोड़कर मंत्री से गुहार लगाते हुए डॉक्टर का वीडियो भी वायरल हुआ. हालांकि न्यू़ज़ 18 ने जब डॉक्टर से बात की तो उन्होंने ये बात मानी कि उनका स्थानांतरण शाहजहांपुर में सीएमओ के पद पर किया गया है, लेकिन वो पारिवारिक कारणों से वहां सीएमओ के पद पर जाना नहीं चाहते हैं. मंत्री ने उनकी बात का संज्ञान लिया है.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मेरठ से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 14, 2019, 8:11 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...