Meerut News: सब्जी का ठेला लगाने वाले दो नेशनल खिलाड़ियों को मिली पांच-पांच लाख रुपए की मदद

मेरठ के खिलाड़ी भाइयों को मिली केंद्र सरकार से मदद
मेरठ के खिलाड़ी भाइयों को मिली केंद्र सरकार से मदद

Meerut News: खेल राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने दोनों खिलाड़ियों का नाम लिखकर ट्वीट किया. खेल राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने लिखा कि तीरंदाज़ नीरज चौहान और बॉक्सर सुनील चौहान को दीनदयाल उपाध्याय फंड से पांच-पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी.

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मेरठ. कोरोना काल (COVID-19) में पिता की नौकरी चले जाने के बाद नेशनल तीरंदाज़ नीरज चौहान (Archer Neeraj Chauhan) और बॉक्सर सुनील चौहान (Boxer Sunil Chauhan) सब्ज़ी का ठेला लगाने को मजबूर हुए थे. मंगलवार को सरकारी एलान के बाद इन दोनों खिलाड़ियों और इनके माता पिता की ख़ुशी का ठिकाना नहीं है. खेल मंत्रालय ने इन दोनों खिलाड़ी भाइयों को पांच-पांच लाख रुपए की मदद देने का बड़ा एलान किया है. खेल राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने दोनों खिलाड़ियों का नाम लिखकर ट्वीट किया.

न्यूज़ 18 ने प्रमुखता से दिखाई थी खबर

न्यूज़ 18 की ख़बर का एक बार फिर बड़ा असर हुआ. आपको शायद याद हो हमने कुछ दिनों पहले एक ख़बर दिखाई थी कि कैसे मेरठ के रहने वाले दो नेशनल खिलाड़ी आर्थिक तंगी की वजह से सब्ज़ी का ठेला लगाने को मजबूर हुए थे. कोरोना काल में पिता की नौकरी जाने के बाद जब इन दोनों भाइयों को कोई रास्ता नहीं सूझा तो वो सब्ज़ी का ठेला लगाने में पिता की मदद करने लगे थे. न्यूज़ 18 ने इन खिलाड़ियों की व्यथा दिखाई थी. हमारी ख़बर के बाद खेल मंत्रालय ने इन दोनों खिलाड़ी भाइयों को पांच पांच लाख की मदद देने का बड़ा एलान किया है. खेल राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने दोनों खिलाड़ियों का नाम लिखकर ट्वीट किया. खेल राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने लिखा कि तीरंदाज़ नीरज चौहान और बॉक्सर सुनील चौहान को दीनदयाल उपाध्याय फंड से पांच-पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी, ताकि आर्थिक तंगी की वजह से प्रतिभा दम न तोड़ सके.



दोनों खिलाड़ी मदद से खुश
इस ख़बर से इन दोनों खिलाड़ियों की ख़ुशी का ठिकाना नहीं है. दोनों खिलाड़ियों का रोम रोम सरकार को धन्यवाद देता नज़र आ रहा है. इन दोनों खिलाड़ियों का सपना है कि वो ओलम्पिक में पदक जीतकर सरकार का रिटर्न गिफ्ट दें. सुनील चौहान बॉक्सिंग और नीरज चौहान तीरंदाज़ी में पदकों की झड़ी लगा चुके हैं. इन दोनों खिलाड़ियों ने इतने पदक जीते हैं कि दो कमरे के घर में सामान कम पदक ज्यादा है. इनके घर में जिधर भी नज़र जाती है मेडल ही मेडल नज़र आते हैं.

23 साल से मेरठ में रह रहा है परिवार

बॉक्सिंग में सुनील चौहान खेलो इंडिया में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं तो वहीं नीरज चौहान सीनियर तीरंदाज़ी में रजत पदक विजेता हैं. कोरोनाकाल में पिता का रोज़गार छिन जाने की वजह से घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा था. लिहाज़ा दोनों ने तय किया कि वे पिता का सहारा बनेंगे.  पिता ने सरकार से दोनों खिलाड़ी बेटों के लिए मदद की गुहार लगाई थी. पिता अक्षय चौहान मूल रूप से गोरखपुर के रहने वाले हैं. लेकिन पिछले 23 साल से वो मेरठ के कैलाश प्रकाश स्टेडियम में बतौर संविदाकर्मी काम कर रहे थे. स्टेडियम के हॉस्टल में रहने वाले खिलाड़ियों के लिए खाना बनाते थे. लेकिन कोरोना के चलते जब स्टेडियम के खिलाड़ी अपने अपने घर चले गए तो अक्षय को भी काम से हटा दिया गया था. जिसके बाद परिवार के सामने रोज़ी रोटी का संकट पैदा हो गया था.
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