मेरठ: कोरोना काल में अब तक जारी हुए रिकॉर्ड मृत्यु प्रमाणपत्र, जानिए पूरा आंकड़ा

मेरठ नगर निगम में इस बार पिछले साल की तुलना में मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आ रहे ज्यादा आवेदन

मेरठ नगर निगम में इस बार पिछले साल की तुलना में मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आ रहे ज्यादा आवेदन

Meerut Death Certificate: कोरोना काल में कोविड और अन्य बीमारियों से हुई मृत्यु की गवाही नगर निगम में मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आए आवेदन दे रहे हैं. हालात ये पैदा हो गए हैं कि कर्मचारी जन्‍म से ज्‍यादा मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने में जुटे हैं.

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मेरठ. कोराना महामारी (Corona Pandemic) ने कई ज़िन्दगियां निगली लीं. कोविड की वजह से कुछ असमय काल के गाल में समा गए तो कुछ की दूसरी वजहों से मौत हो गई. इस दौरान जितने मृत्यु प्रमाणपत्र (Death Certificate) जारी हुए वो शायद ही मेरठ नगर निगम (Meerut Municipal Corporation) ने आज तक इश्यू किए हों. कोरोना काल के दौरान मेरठ के सूरजकुंड श्मशान घाट ने इतनी लाशें देखी हैं कि शायद ही इससे पहले कभी देखी हों. आलम ये था कि लाश जलाने के लिए जब स्थान कम पड़ गया तो उसके लिए अलग से इंतज़ाम करने पड़े. जिसका नतीज़ा यह हुआ कि श्मशान के आसपास रहने वाले लोग शिकायत करने लगे कि लाश की राख उनके घरों तक पहुंच रही है. लिहाज़ा प्रशासन कोई दूसरा विकल्प तैयार करे.

अब सूरजकुंड श्मशान घाट पर लाशों का बोझ कुछ कम हुआ है, लेकिन इस सबके बीच नगर निगम पर आजकल मृत्यु प्रमाणपत्र के आवेदनों का बोझ है. आलम यह कि अप्रैल और मई के महीने में इतने मृत्यु प्रमाणपत्र जारी हुए जो शायद ही इससे पहले कभी इश्यू किए गए हों. नगर स्वास्थ्य अधिकारी का कहना है कि अकेले अप्रैल महीने में 859 डेथ सर्टिफिकेट इश्यू किए गए, जबकि मई में अब तक 1017 डेथ सर्टिफिकेट जारी हुए. मई के महीने में अभी कुछ दिन शेष हैं. नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर गजेंद्र सिंह बताया कि मृत्यु प्रमाणपत्र का आंकड़ा काफी बढ़ा हुआ है.

पिछले साल की तुलना में तीन गुना अधिक

कोरोना काल में कोविड और अन्य बीमारियों से हुई मृत्यु की गवाही नगर निगम में मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आए आवेदन दे रहे हैं. पिछले साल के आंकड़ों पर अगर गौर करें तो मार्च से मई तक तीन महीने में 962 मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के आवेदन आए थे, लेकिन इस बार तो अप्रैल महीने में 859 तो मई में 1017 मृत्यु प्रमाणपत्र जारी हो चुके हैं. इस साल एक मार्च से 20 मई तक 71 दिनों में ही 2732 आवेदन पहुंच चुके हैं. रोजाना औसतन 38 से ज्यादा आवेदन पहुंच रहे हैं, जो पिछले साल की तुलना में करीब तीन गुना अधिक हैं.
नगर आयुक्त मनीष बंसल ने बताया कि ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से लोग आवेदन कर सकते हैं. नगर आयुक्त ने बताया कि जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन केंद्रीय ऑनलाइन पोर्टल crsorgi.govi.in पर घर बैठे ही कर सकते हैं. आवेदन के दौराना पार्षद का संस्तुति पत्र, वहां के सफाई नायक की रिपोर्ट, मृतक और आवेदक के आधार कार्ड की फोटो प्रति व फोटो आदि दस्तावेज लगाने होंगे. 21 दिन के अंदर प्रमाणपत्र जारी हो जाता है. नगर निगम के हेल्पलाइन नंबरों 8395881830, 9149360654 और 9119011323 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है.

जन्‍म के बजाए ज्‍यादा मृत्‍यु प्रमाणपत्र बनाने में जुटे हैं कर्मचारी

गौरतलब है कि नगर निगम केवल उन मामलों में प्रमाणपत्र जारी करता है जहां मौत घर पर हुई हो या उस अस्पताल को प्रमाणपत्र जारी करने का अधिकार न हो. प्रमाणपत्र तभी जारी होगा जब उसके लिए मृतक के परिवार का व्यक्ति आवेदन करेगा, क्योंकि मृत्यु के समय अस्पताल सिर्फ डेथ स्लिप देते हैं. सरकार से अधीकृत प्रमाणपत्र नहीं. डेथ स्लिप के आधार पर अस्पताल बाद में प्रमाणपत्र जारी करते हैं. आलम ये है कि आजकल स्टाफ जन्म प्रमाणपत्र की बजाय मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने में ज्यादा लगा हुआ है.

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