Meerut News: केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान को झेलना पड़ा किसानों का गुस्सा, ट्रैक्टर से रोका काफिला

किसानों के विरोध के बाद केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चंद लोगों के विरोध के चलते वह रुकने वाले नहीं हैं. (सांकेतिक फोटो)

किसानों के विरोध के बाद केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चंद लोगों के विरोध के चलते वह रुकने वाले नहीं हैं. (सांकेतिक फोटो)

गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने भाजपा से जुड़े किसान नेताओं और खास तौर से जाट नेताओं को खाप चौधरी और किसानों के बीच पहुंच कर कृषि कानूनों को लेकर भ्रांतियों को दूर करने को कहा है.

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मेरठ. केन्द्र के 3 नए कृषि कानूनों (Agricultural Laws) के खिलाफ किसानों के आंदोलन के बीच किसानों और खाप चौधरियों से बातचीत करने गए केंद्रीय राज्यमंत्री संजीव बालियान और भाजपा के अन्य नेताओं को शामली जिले में रविवार को किसानों की नाराजगी झेलनी पड़ी. भैंसवाल गांव में खाप चौधरियों ने भाजपा प्रतिनिधि मंडल में शामिल केन्द्रीय मंत्री संजीव बालियान (Sanjeev Balyan), पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र सिंह (Bhupendra Singh) समेत कई भाजपा नेताओं से मिलने तक से इनकार कर दिया. किसानों से बातचीत करने जा रहे भाजपा नेताओं का ग्रामीणों ने ट्रैक्टर लगाकार कई जगह काफिला रोक दिया और भाजपा मंत्रियों के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए. विरोध के बीच बालियान ने कहा कि चंद लोगों के विरोध से वह रुकने वाले नहीं हैं.

गृह मंत्री अमित शाह ने भाजपा से जुड़े किसान नेताओं और खास तौर से जाट नेताओं को खाप चौधरी और किसानों के बीच पहुंच कर कृषि कानूनों को लेकर व्‍याप्‍त भ्रांतियों को दूर करने की जिम्मेदारी दी है. इसी कड़ी में बालियान का काफिला रविवार को भैंसवाल गांव पहुंचा था, जहां पर एकत्र किसानों ने बालियान और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की. किसानों ने नारा लगाया 'पहले तीनों कानून वापस कराओ, फिर गांव में आओ.'

'किसानों को सच्‍चाई बताने का काम करते रहेंगे'

किसानों के विरोध के बाद केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चंद लोगों के विरोध के चलते वह रुकने वाले नहीं हैं और किसानों को सच्चाई बताने का काम करते रहेंगे. स्थानीय किसान नेता सवीत मलिक ने बताया कि केन्द्रीय मंत्री बालियान समेत भाजपा के कई जनप्रतिनिधि भैंसवाल गांव में आए थे, जिनका विरोध हुआ और सरकार पहले दिन से इसे चंद किसानों का आंदोलन बताने की भूल कर रही है.
मनाएंगे 'पगड़ी संभाल' दिवस

केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों ने अपना आंदोलन तेज करने के लिए 23 से 27 फरवरी के बीच कई कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है. उन्होंने यह भी कहा कि वे प्रदर्शन को लंबे समय तक चलाने के लिए जल्द ही नई रणनीति तैयार करेंगे. प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उनके प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत 23 फरवरी को ‘पगड़ी संभाल दिवस’ और 24 फरवरी को ‘दमन विरोधी दिवस’ मनाया जाएगा और इस दौरान इस बात पर जोर दिया जाएगा कि किसानों का सम्मान किया जाए और उनके खिलाफ कोई 'दमनकारी कार्रवाई' नहीं की जाए.

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