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Meerut News: दोनों हाथों से एक साथ अलग-अलग भाषाओं में मिरर इमेज लिख सकती है ये बेटी

मेरठ की बेटी तेजस्वी त्यागी वर्तमान में कक्षा 12 की छात्रा हैं.

मेरठ की बेटी तेजस्वी त्यागी वर्तमान में कक्षा 12 की छात्रा हैं.

मेरठ में 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली तेजस्वी त्यागी दोनों हाथों से एक साथ अलग-अलग भाषाओं में लिखने में है सक्षम. दोनों हाथों से लिखने के अलावा वह उल्टा भी लिख सकती है यानी मिरर इमेज राइटिंग में भी तेजस्वी को महारथ हासिल है.

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मेरठ. आपको आमिर खान की फिल्म '3 इडियट्स' में वीरू सहस्रबुद्धे यानी वायरस का वह सीन याद है, जिसमें वह दोनों हाथों से बोर्ड पर लिखते दिख रहे हैं? आपको लगेगा कि असल जिंदगी में ऐसा मुमकिन नहीं है, लेकिन जब आप मेरठ की एक स्कूली छात्रा से मिलेंगे तो यकीन करना पड़ेगा. जी हां, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ की रहने वाली यह बेटी न सिर्फ दोनों हाथों से अलग-अलग भाषाओं में लिख सकती है, बल्कि वो मिरर इमेज (उल्टा लिखना जो आइने में सीधा दिखेगा) भी दो भाषाओं में एक साथ लिखने में सक्षम है. मसलन हिंदी और इंग्लिश की राइटिंग वो समान रूप से दाएं और बाएं हाथ से एक साथ मिरर इमेज लिख सकती है.

आज के डिजिटल माहौल में अगर हमें आपको एक पन्ना भी पेन-कॉपी लेकर लिखना पड़ जाए तो लगता है कि कंप्यूटर पर बैठकर लिखते तो बेहतर होता. लेकिन मेरठ की एक छात्रा अपने दोनों हाथों से लिखने में सक्षम है. जी हां, मेरठ की रहने वाली तेजस्वी त्यागी एक हाथ से संस्कृत तो दूसरे हाथ से अंग्रेज़ी या हिन्दी लिख सकती है. और तो और वह इन भाषाओं की मिरर इमेज भी लिख सकती है. वह भी पूरी रफ्तार के साथ.

12वीं कक्षा में पढ़ने वाली तेजस्वी त्यागी बताती हैं कि स्कूल में सब उसे दोनों हाथों से लिखने वाली बिटिया कहते हैं. तेजस्वी का कहना है कि उसे ये गॉड गिफ्ट है कि वो दोनों हाथों से लिख सकती है. वो बताती हैं कि शुरुआत में वो बाएं हाथ से लिखती थीं. लेकिन घर वालों के कहने पर उसने दाहिने हाथ से लिखना शुरू किया. असर ये हुआ कि वो बचपन से ही उसे दोनों हाथों से लिखने का हुनर आ गया.

पिता को गौरव- बेटी के नाम से जानते हैं लोग
मेरठ की बेटी तेजस्वी की इस प्रतिभा को देखकर सभी हैरान रह जाते हैं. तेजस्वी के पिता कुलदीप त्यागी का कहना है कि उन्हें अपनी बेटी पर नाज़ है. क्योंकि अब लोग उन्हें कुलदीप त्यागी के तौर पर कम, तेजस्वी के पिता के तौर पर ज्यादा  जानते हैं. कुलदीप बताते हैं कि बिटिया के इस हुनर को कई प्लेटफॉर्म्स पर सराहा गया है. उनका कहना है कि माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज ने भी तेजस्वी की इस प्रतिभा का परीक्षण किया है. लेकिन उस रिपोर्ट का अभी उन्हें इंतज़ार है. कुलदीप का कहना है कि उनका कहना है कि पहले तो वह हैरान थे कि आखिर ऐसा कैसे हो रहा है. उन्होंने डॉक्टर से भी सलाह ली. डॉक्टर ने बताया कि साधारण मनुष्य के दिमाग का एक हिस्सा काम करता है जबकि उनकी बेटी के दिमाग के दोनों हिस्से एक साथ काम करते हैं जिसकी वजह से वह ऐसा कर पाती है.

एक साथ दो भाषाएं लिखने का कौशल
मेरठ की तेजस्वी त्यागी को जो भी देखता है, उसे फिल्म 3 इडियट्स का प्रो. वायरस वाला सीन याद आ जाता है. तेजस्वी एक साथ दो अलग-अलग भाषाओं में जब उल्टा लिखती है तो ऐसा लगता है कि वह सीधे शब्द ही लिख रही है. लेकिन उसका लिखा शब्द उल्टा होता है. उल्टा लिखने के बाद वो सामान्य शब्दों की तरह सीधा पढ़कर सुनाती है. तेजस्वी त्यागी बड़ी होकर डॉक्टर बनना चाहती हैं. उसका सपना है कि डॉक्टर बने और लोगों की मदद करें. कहा जाता है जथा नामे तथा गुणे यानि जैसा नाम वैसा गुण. तेजस्वी अपने नाम के अर्थ को वास्तविक रूप में चरितार्थ कर रही है.

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