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भगवान शिव के प्रिय रुद्राक्ष के रहस्यों पर से उठेगा पर्दा, वैज्ञानिक शोध में जुटा मेरठ का यह संस्थान

यहां हो रहे वैज्ञानिक शोध में पता चला है कि रुद्राक्ष इलेक्ट्रोमैगनेटिक बिहेवियर पर भी कार्य करता है. अभी तीन, चार और पांच मुखी रुद्राक्ष पर कार्य किया गया है

यहां हो रहे वैज्ञानिक शोध में पता चला है कि रुद्राक्ष इलेक्ट्रोमैगनेटिक बिहेवियर पर भी कार्य करता है. अभी तीन, चार और पांच मुखी रुद्राक्ष पर कार्य किया गया है

Uttar Pradesh News: मेरठ के शोभित विश्वविद्यालय में रुद्राक्ष के वैज्ञानिक पहलू पर रिसर्च की जा रही है. यहां कैंपस में प्रवेश करने पर हर ओर रुद्राक्ष ही रुद्राक्ष नजर आते हैं. यहां 1,001 रुद्राक्ष के पौधे लगाए गए हैं. इस शिक्षण संस्थान में पहुंचने पर ऐसा लगता है मानो हिमालय की वादियों में घूम रहे हों. प्रतिकूल वातावरण में भी रुद्राक्ष का पौधा खूब फल-फूल रहा है

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मेरठ. आम तौर पर रुद्राक्ष का आध्यात्मिक पहलू सभी जानते हैं लेकिन इसका वैज्ञानिक पहलू भी है. रुद्राक्ष और विज्ञान का अनूठा नाता है. एकमुखी से लेकर चौदह मुखी रुद्राक्ष के अपने अपने फायदे हैं. इन्हीं फायदों को वैज्ञानिक आयाम देने में जुटा है उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) का एक संस्थान. इस संस्थान में रुद्राक्ष (Rudraksh) पर अनूठी रिसर्च की जा रही है जिसके नतीजे आने शुरू हो गए हैं.

कहा जाता है कि रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के आंसुओं से हुई है. रुद्र का अर्थ शिव और अक्ष का अर्थ अश्रु बताया जाता है. यानी शिव के अश्रु से जिस बीज की उत्पत्ति हुई उसका नाम रुद्राक्ष है. रुद्राक्ष का आध्यात्मिक महत्व है. मगर शिव का प्रिय रुद्राक्ष अब वैज्ञानिकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन गया है. रूद्राक्ष के वैज्ञानिक पहलू पर मेरठ के शोभित यूनिवर्सिटी में शोध किया जा रहा है. रुद्राक्ष पर पीएचडी कर चुकी डॉक्टर शिवा बताती हैं कि वो इससे नैनो पार्टिकल्स डेवलेप करती हैं. उन्होंने कहा कि रुद्राक्ष इलेक्ट्रोमैगनेटिक बिहेवियर पर भी कार्य करता है. अभी तीन, चार और पांच मुखी रुद्राक्ष पर कार्य किया गया है जिसके परिणाम बेहद उत्साहित करने वाले हैं.

शिवा ने कहा कि रुद्राक्ष सिर्फ माला भर नहीं है बल्कि शोध में यह सामने आया है कि इससे कई बीमारियां दूर की जा सकती हैं. रुद्राक्ष की मैग्नेटिक वैल्यू बहुत ज्यादा है और यही चुंबकीय शक्ति इसको बिलकुल अलग बना देती है. उन्होंने कहा कि मेरठ का शोभित यूनिवर्सिटी पहला ऐसा विश्वविद्यालय बन गया है जहां रुद्राक्ष विषय के वैज्ञानिक पहलू पर पर पहली पीएचडी सब्मिट की गई है. उन्होंने कहा कि रुद्राक्ष के इलेक्ट्रो मैग्नेटिक बिहेवियर पर यहां मुख्य कार्य किया गया है. अभी भी इस विषय पर रिसर्च जारी है. आगे चलकर इसके और भी बेहतर परिणाम मिल सकते हैं.

शोभित यूनिवर्सिटी कैंपस में लगाये गये 1,001 रुद्राक्ष के पौधे

उन्होंने बताया कि न सिर्फ इस विश्वविद्यालय में रुद्राक्ष के वैज्ञानिक पहलू पर रिसर्च की जा रही है. बल्कि यहां हर ओर रुद्राक्ष ही रुद्राक्ष नजर आते हैं. यहां 1,001 रुद्राक्ष के पौधे लगाए गए हैं. इस शिक्षण संस्थान में पहुंचने पर ऐसा लगता है मानो हिमालय की वादियों में घूम रहे हों. प्रतिकूल वातावरण में भी रुद्राक्ष का पौधा खूब फल-फूल रहा है.

मेरठ के शोभित यूनिवर्सिटी कैंपस में रुद्राक्ष के 1,001 पौधे लगाए गए हैं. इससे यहां आने वालों को लगता है कि मानो वो हिमालय की वादियों में घूम रहा हो


रुद्राक्ष को नीला संगमरमर भी कहा जाता है. इसके वृक्ष हिमालय के साथ-साथ नेपाल, इंडोनेशिया, जकार्ता एवं जावा में भी पाए जाते हैं. प्राचीन ग्रंथों में रुद्राक्ष को चमत्कारिक और दिव्यशक्ति स्वरूप बताया गया है. मान्यताओं के अनुसार रुद्राक्ष धारण करने से दिल की बीमारी, रक्तचाप और घबराहट, आदि से मुक्ति मिलती है.

वैज्ञानिकों ने भी माना है कि इसकी औषधीय क्षमता विद्युत चुंबकीय प्रभाव से पैदा होती है. रुद्राक्ष के विद्युत चुंबकीय क्षेत्र एवं तेज गति की कंपन आवृत्ति स्पंदन से वैज्ञानिक भी आश्चर्य चकित होते हैं. अब जबकि रुद्राक्ष पर अनूठी रिसर्च शुरू हो गई है तो बहुत जल्द इसके नए रहस्यों पर से पर्दा उठने की उम्मीद बढ़ गई है.

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Meerut Double Murder: आशिक ने ही की थी शादीशुदा प्रेमिका और पति की हत्या, अवैध संबंधों से था खफा

Meerut: डबल मर्डर खुलासा, आशिक ही निकला कातिल

Meerut Crime News: मेरठ के थाना ब्रह्मपुरी क्षेत्र में दो दिन पहले दिन निकलते ही एक दंपत्ति आबाद और जुबैदा की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी. पुलिस ने तफ्तीश की तो पता चला कि घर में आने जाने वाले एक शख्स ने ही वारदात को अंजाम दिया था.

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मेरठ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मेरठ (Meerut) में दिलजले आशिक ने अपनी शादीशुदा प्रेमिका और उसके पति की चाकू से गोदकर नृशंष हत्या (Murder) कर दी. हैरत की बात यह है कि किसी और की पत्नी से प्यार करने वाले इस शख्स को महिला के दूसरे अवैध संबंधों के बारे में पता चल गया. जिसके बाद उसने हत्या की साजिश रच डाली और बच्चों के सामने ही पति-पत्नी के डबल मर्डर की वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गया. यह खुलासा मेरठ पुलिस ने किया है.

दरअसल मेरठ के थाना ब्रह्मपुरी क्षेत्र में दो दिन पहले दिन निकलते ही एक दंपत्ति आबाद और जुबैदा की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी. पुलिस ने तफ्तीश की तो पता चला कि घर में आने जाने वाले एक शख्स ने ही वारदात को अंजाम दिया था. वारदात के चश्मदीद बच्चों से जब पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि समीर नाम का एक शख्स जो खुद को जुबेदा का मुंह बोला भाई बताता था, उसने बच्चों के सामने ही रात में दोनों की गला रेत कर हत्या की थी. पुलिस ने समीर की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगाई। जिसके बाद सर्विलांस सेल की मदद से आरोपी की गिरफ्तारी कर ली गई.।साथ ही आला ए कत्ल भी बरामद कर लिया गया.

ऐसे रची हत्या की साजिश
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी की मानें तो करीब दो साल पहले उसकी और जुबैदा के अवैध संबंध हो गए थे. जिसके बाद वह घर में आने जाने लगा और आशिकी के चक्कर में पड़कर जुबेदा और उसके पति के खर्चे उठाने लगा, लेकिन लाखों रुपए खर्च करने के बाद अब उसे पता लगा कि जुबेदा कई और लोगों से भी संबंध रख रही है. इसमें रुपयों की खातिर उसका पति भी साथ देता है. यही बात उसे नागवार गुजरी। कई बार समीर ने जुबैदा को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मानी. बस इसी बात की खुन्नस में  समीर ने पति-पत्नी की हत्या की साजिश रच डाली। जिसके बाद पहले समीर ने घर में शराब और मुर्गा पार्टी की. रात में जब सब सो गए तो उसने चाकू निकाला और पहले आबाद का कत्ल किया और फिर जुबैदा की गर्दन रेत डाली. डबल मर्डर कि इस वारदात से कोहराम मच गया. आनन-फानन में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हत्यारे की तलाश शुरू कर दी. जिसके बाद बुधवार समीर उर्फ हसीन नाम के इस शख्स को गिरफ्तार कर लिया गया और अब पुलिस इस आरोपी को जेल भेजने की तैयारी कर रही है.

UP Assembly Election: चुनावी सामान की बिक्री से हार-जीत का फोरकास्ट, जानिए रेस में कौन आगे

आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सियासी दलों के झंडे बिल्लों की बिक्री से जीत का लगाया जा रहा अनुमान

UP Political News: चालीस वर्ष से दुकान पर बैठे-बैठे चुनावी तापमान माप रहे 78 वर्षीय बुज़ुर्ग मोहम्मद हनीफ कहते हैं कि उन्होंने कई चुनाव देखें और आज भी चुनावी सामग्री बिकने के लिहाज से वो जीत हार का आंकलन कर लेते हैं.

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मेरठ. यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर कभी किसी पार्टी की रैली तो कभी किसी नेता की जनसभा का दौर शुरु हो चुका है. ऐसे में चुनावी सामग्री की बिक्री ख़ूब बढ़ गई है. सभी पार्टियों के चुनावी सामान की बिक्री से सियासी माहौल का अंदाजा और दावे भी किए जा रहे हैं..चुनाव कुछ दिनों का रोजगार भी दे रहा है. चुनाव प्रचार सामग्रीके व्यापारी और दुकानदार यह बात कह रहे हैं.

यूपी विधानसभा के चुनाव नज़दीक आ गए हैं. राजनीतिक पार्टियां जोर आजमाइश में जुट गई है. पार्टी चाहे जो हो लेकिन बाज़ार में एक जगह आकर ऐसा लगता है कि सब एक हो गई हों. हम बात कर रहे चुनाव प्रचार सामग्री बेचने वाली दुकानों की. मेरठ में चुनाव प्रचार सामग्री बेचने वाले दुकानदारों के चेहरे पर विधानसभा चुनाव नज़दीक आते ही मुस्कान आ गई है.

दुकानदारों का कहना है कि पार्टी चाहे जो हो लेकिन चुनाव सामग्री ख़ूब बिक रही है. चालीस साल से दुकान पर बैठे-बैठे चुनावी तापमान माप रहे 78 वर्षीय बुज़ुर्ग मोका सामान खूब बिक रहा है. अगर प्रचार सामग्री की बिक्री को देखा जाए तो बीजेपी नम्बर वन है. जबकि दूसरे नम्बर पर सपा-रालोद फिर बसपा और बाद में कांग्रेस और आप. दुकानदार मोहम्मद हनीफ का कहना है कि ओवैसी की पार्टी वाले अभी यहां न के बराबर हैं. हनीफ का कहना है कि हो सकता आगे इनकी पार्टी की भी डिमांड हो. अभी तो स्थिति न के बराबर है.

पार्टी दफ्तरों का भी हो रहा कायाकल्प

एक तरफ चुनावी सामग्री बेचने वालों के चेहरे पर मुस्कान है तो वहीं अलग अलग पार्टियों के कार्यालयों को भी चमकाने की कवायद चल रही है. मेरठ में बसपा के कार्यालय पर न्यूज़ 18 की टीम पहुंची तो यहां रंगरोगन होता दिखा. पेंटर्स और अन्य. मज़दूरों का कहना है कि चुनाव में उन्हें रोज़गार भी खूब मिल रहा है. ठेकेदार तो यहां तक कहते हैं कि अभी वो बसपा के कार्यालय पर कार्य कर रहे हैं लेकिन दूसरी राजनीतिक पार्टियां भी उनके लगातार संपर्क में है.

मेरठ बुलेटिन मान्यता इस कुएं के पानी से हो जाता है कुष्ठरोग ठीक

परीक्षित गढ़ स्थित नवलदे कुआं

हमारी भारतीय संस्कृति के अनुसार पौराणिक कथाओं का असर आज भी देखने को मिलता. कुछ इसी तरह का नजारा आपको किला परीक्षितगढ़ में भी देखने को मिलेगा

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मेरठ-:पौराणिक कथा और मान्यताओं का असर आज भी देखने को मिलता है.जिसकी बानगी आपको पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) से 25 किलोमीटर दूर किला परीक्षितगढ़ (kilaParikshitgarh) में भी देखने को मिलेगी. जहां पौराणिक कथाओं के अनुसार आज भी लोग उनका अनुसरण करते हैं. जिसमें सबसे ज्यादा कुएं को लेकर अलग-अलग प्रकार का वर्णन है. किसी कुएं का पानी मीठा तो किसी कुएं का पानी अन्य लोगों के काम आता है. इसी तरह से कुष्ठ रोग को लेकर काफी लोग परेशान रहते हैं. लेकिन किला परीक्षितगढ़ के मान्यताओं की माने तो एक ऐसा कुआं है. जिस कुएं के पानी से पुराने से पुराना कुष्ठरोग(Leprosy)भी ठीक हो जाता है. हालांकि अब यह कुआं बंद कर दिया गया है. लेकिन लोगों की आस्था अभी इसमें उसी तरह बनी हुई है. जिस प्रकार पौराणिक कथाओं में इस कुएं का वर्णन किया गया है.

रानी नवलदे ने किया था अपने पिता का कुष्ठ रोग ठीक
पौराणिक कथाओं के अनुसार राजा परीक्षित से इसका इतिहास जुड़ा हुआ है.कहा जाता है कि एक बार पाताल लोक की रानी नवलदे अपने पिता वासुकि (बासत) के कुष्ठ रोग ठीक करने के लिए इस कुएं के ही पानी को लेने के लिए आई थी. तब राजा परीक्षित ने उनसे कहा था कि तुम्हें एक वचन निभाना होगा जो तुम्हारे पिता ने मेेरे पिता को दिया. तब रानी ने कहा कि इस वचन को निभाएगी. कहा जाता है कि इस वचन को निभाने के लिए जब वह अपने पिता को पानी से स्नान करा रही थी. तब उन्होंने अपने पिता के अंगूठे पैर रख दिया था. जिससे उनके पिता वासुकि के शरीर से कुष्ठरोग तो ठीक हो गया था. लेकिन अंगूठे पर कुष्ठ रह गया था. जिसके लिए पुनः रानी को आना पड़ा था.
रानी नवलदे ने विवाह कर निभाया था वचन
गौरतलब है कि अर्जुन और नागलोक के राजा वासुकि में गहरी दोस्ती थी. वह इस दोस्ती को रिश्ते में बदलना चाहते थे. इसीलिए दोनों ने कहा था कि उनके यहां जो भी बच्चा जन्म लेगा उन दोनों का विवाह कराया जाएगा. लेकिन कथाओं के अनुसार नागलोक के राजा वासुकि के जब पुत्री हुई थी तो वह अर्जुन के यहां विवाह करना नहीं चाहते थे. इसीलिए वासुकि ने यह खबर भिजवा दी कि उनके जो बेटी हुई है उसकी मृत्यु हो गई. इस बात को लेकर दोनों में मतभेद भी नही हुए. लेकिन बाद में जब वासुकि को कुष्ठ रोग हुआ तो जब रानी नवलदे कुएं से पानी लेने आई थी. तब जैसे ही राजा परीक्षित को पता चला तो उन्होंने रानी को रोक लिया. उन्होंने राजा वासुकि और राजा अर्जुन के बीच जो वचनबद्ध वादा हुआ था उसे निभाने के लिए विवाह का प्रस्ताव रखा. उस वचन को पूूूरा करने के लिए वह अपने पिता को बिना बताए ही परीक्षितगढ़ आई थी और राजा परीक्षित से विवाह किया था.

Meerut News Bulletin:देखिए मेडिकल में किस तरह भरा है गंदा पानी

मेडिकल में भरा बरसात का गंदा पानी

जिससे डेंगू के लार्वा को रोका जा सके .वहीं दूसरी ओर मेडिकल में जहां हर रोज सैकड़ों की संख्या में मरीज दिखाने आते है. वहां बरसात का पानी जमा है. पानी की निकासी के लिए कोई व्यवस्था नहीं है. ऐसे में सवाल उठता है क्या इस प्रकार की व्यवस्थाओं से डेंगू का जो मच्छर पनपेगा उसको हम रोक पाएंगे.

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1:मेरठ-:डेंगू के केस बढ़ते जा रहे हैं. उसको रोकने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सभी लोगों को घर में जमा पानी को बाहर फेंकने के लिए जागरूक किया जा रहा. जिससे डेंगू के लार्वा को रोका जा सके .वहीं दूसरी ओर मेडिकल में जहां हर रोज सैकड़ों की संख्या में मरीज दिखाने आते है. वहां बरसात का पानी जमा है. पानी की निकासी के लिए कोई व्यवस्था नहीं है. ऐसे में सवाल उठता है क्या इस प्रकार की व्यवस्थाओं से डेंगू का जो मच्छर पनपेगा उसको हम रोक पाएंगे.

2:-भाजपाइयों ने गिनाई सरकार की उपलब्धि
भारतीय जनता पार्टी जिला मेरठ महानगर की तीनों विधानसभाओं में योगी सरकार के 4.5 साल पूरे होने पर प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया. शहर विधानसभा की पत्रकार वार्ता दिल्ली रोड़ स्थित एक होटल में हुई. जिसमें वक्ता पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ लक्ष्मी कांत वाजपेयी रहे. वहीं कैंट विधानसभा की पत्रकार वार्ता एसजीएम गार्डन निकट जीरो माइलेज लाल कुर्ती में हुई. जिसमें वक्ता कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल ने उपलब्धियों का बखान किया .इसी प्रकार दक्षिण विधायक डॉ सोमेंद्र तोमर ने भी योगी सरकार की अपनी साढ़े 4 साल की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला.

3:-विद्वत कार्य परिषद की बैठक में लिए गए यह निर्णय
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में सोमवार को विद्वत परिषद की एक बैठक ऑनलाइन जूम ऐप के माध्यम से आयोजित हुई. जिसमें निम्नलिखित निर्णय लिए गए. विश्वविद्यालय परिसर स्थित जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग विभाग के अलावा वनस्पति विज्ञान विभाग बायो टेक्नोलॉजी सीट साइंस एंड टेक्नोलॉजी एग्रीकल्चर बॉटनी में परास्नातक करने वाले छात्र भी पीएचडी कर सकेंगे व शिक्षक बन सकेंगे. वहीं शासन के निर्देशानुसार सहायक आचार्य सह आचार्य एवं आचार्य पद के लिए चयनित अभ्यार्थियों के नियमों में परिवर्तन किया गया है अब साक्षात्कार में मिले नंबरों के आधार पर ही चयन होगा.  विश्वविद्यालय परिसर के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में चार नए पाठ्यक्रमों के सिलेबस को स्वीकृति मिल गई है.

4:-बिजली के कट से जनता बेहाल
बिजली विभाग द्वारा लाख दावे की जाते हो कि उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली व्यवस्था उपलब्ध कराई जाती. लेकिन जमीनी स्तर पर हालात कुछ और ही है. सोमवार को घंटाघर, जागृत विहार, लाल कुर्ती सहित अन्य बिजलीघर से संबंधित क्षेत्रों में बिजली के कट से जनता को काफी परेशानी उठानी पड़ी.

स्वरोजगार के लिए अब यह बैंक ऑनलाइन माध्यम से देगा ऋण

केनरा बैंक

स्वरोजगार की तरफ तीव्र गति से कार्य हो सके. इसके लिए अब केनरा बैंक द्वारा 50.000रुपए तक का शिशु लोन ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा.

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मेरठः-भारत सरकार का सपना है कि सभी लोग स्वरोजगार को अपनाते हुए से ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार उपलब्ध कराएं. इसी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री मुद्रा ऋण की शुरुआत की थी. जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों को ऋण मिल सके. लेकिन बैंकों से ऋण प्राप्त करना आम जनमानस के लिए एक सपना जैसा था. भले ही प्रधानमंत्री द्वारा कहा गया हो कि उपभोक्ताओं को ऋण प्राप्त करने के लिए किसी भी प्रकार की गारंटी की आवश्यकता नहीं है. लेकिन उसके बावजूद भी ग्राहकों से गारंटी मांगी गई. जिसके बाद अधिकतर युवाओं ने आवेदन करना ही छोड़ दिया. इन्हीं बातों को देखते हुए अब केनरा बैंक द्वारा ऑनलाइन माध्यम से 50.000 रुपए तक का ऋण प्राप्त करने की सुविधा दी गई.

एमएसएमई(MSME) पर डिजिटल माध्यम से करे अप्लाई .
मेरठ जिला अग्रणी मंडलीय प्रबंधक संजय कुमार की माने तो होता एमएसएमई (MSME) डिजिटल पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं. उपभोक्ताओं को लोन उपलब्ध कराने के लिए बैंक द्वारा प्रक्रियाओं को त्वरित में किया जाएगा. इतना ही नहीं संजय कुमार की माने तो जिनका पहले से सेविंग खाता खुला हुआ है. उन्हें केवाईसी में भी ज्यादा आवश्यकता नहीं होगी. वही जो नया खाता खुलवाना चाहेंगे. उनकी केवाईसी सहित अन्य प्रक्रियाएं ऑनलाइन माध्यम से ही पूरी हो जाएंगी. उपभोक्ताओं को बैंक के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी.
इन दस्तावेजों की आवश्यकता
आवेदन करने वाले उपभोक्ताओं को आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस पैन कार्ड इनमें से कोई एक पहचान पत्र आवश्यक रूप से होना चाहिए. उसके बाद में आवेदन कर सकते हैं. अधिक विस्तृत जानकारी केनरा बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध है.

देखिए मेरठ की यह सड़क बदहाल अधिकारी नहीं ले रही सुध

सूरजकुंड रोड की सड़क की हालत

साढ़े 4 साल बाद जहां सरकार एक ओर विकास कार्यों को गिना रही है.तो वहीं मेरठ की सड़कें लगभग 2 साल से गड्ढा मुक्त होने की राह देख रही हैं. हालात यह है कि सूरजकुंड से पुलिस लाइन तक जाने वाली सड़क बदहाल हो चुकी है.

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मेरठ-:यूपी सरकार के साढ़े 4 साल पूरे हो गए हैं. जब सरकार बनी थी तब प्रदेश के डिप्टी सीएम द्वारा कहा गया था कि सभी सड़कें गड्ढे मुक्त होंगी. वहीं साढ़े 4 साल बाद जहां सरकार एक ओर विकास कार्यों को गिना रही है.तो वहीं मेरठ की सड़कें लगभग 2 साल से गड्ढा मुक्त होने की राह देख रही हैं. हालात यह है कि सूरजकुंड से पुलिस लाइन तक जाने वाली सड़क बदहाल हो चुकी है. बारिश हो जाए तो बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भर जाता है. जिससे लोगों को निकलने में भी दिक्कत होती है. उसके बावजूद भी अधिकारी और जनप्रतिनिधि सड़क की सुध लेने के लिए तैयार नहीं है. इतना ही नहीं इस सड़क के पास ही नगर निगम महापौर का कार्यालय है. उसके बावजूद भी सड़क बदहाल है. वहीं अधिकारी और क्षेत्रीय पार्षद की मानें तो 3 माह पहले इसका टेंडर हो चुका है. बारिश के वजह से कार्य रुका हुआ है. जल्द कार्य शुरू होगा.

2-स्वरोजगार के लिए मिला युवाओं को प्रशिक्षण
केनरा बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान द्वारा बेरोजगार युवाओ को स्वरोजगार प्रदान करने व स्वावलंबी बनाने के लिए 13 दिवसीय एग्री जंक्शन प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन व प्रमाण पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया. जिसमें 18 प्रशिक्षणार्थियों ने प्रशिक्षण पूर्ण किया. कार्यक्रम में उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी चरण सिंह, अग्रणी जिला मुख्य प्रबंधक संजय कुमार, जिला विकास अधिकारी नाबार्ड  रचित उप्पल, व संस्थान के निर्देशक शिव सिंह भारती ने युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया.

3-बारिश से मिली राहत
2 दिन से गर्मी से परेशान मेरठ वासियों को मंगलवार देर शाम मौसम में हुए बदलाव से राहत मिली. शाम के समय अचानक से हुई झमाझम बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली.गौरतलब है कि मौसम विभाग द्वारा पूर्व में भी भारी बारिश का अनुमान लगाया गया था.

Meerut: अवैध धर्मांतरण के आरोप में ग्लोबल पीस सेंटर के अध्यक्ष मौलाना Kaleem Siddiqui गिरफ्तार

मेरठ से गिरफ्तार हुए मौलाना कलीम सिद्दीकी

Forceful Conversion in UP: गिरफ्तारी उस वक्त हुई जब मौलाना कलीम सिद्दीकी मंगलवार शाम सात बजे अन्य मौलानाओं के साथ मेरठ के लिसाड़ीगेट में हूमायुंनगर की मस्जिद माशाउल्लाह के इमाम शारिक के आवास पर एक कार्यक्रम में आए थे.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 22, 2021, 14:25 IST
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लखनऊ/मेरठ. अवैध धर्मांतरण (Illegal Religious Conversion) के मामले में उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (UP ATS) ने मेरठ (Meerut) से ग्लोबल पीस सेंटर के अध्यक्ष कलीम सिद्दीकी (Kaleem Siddiqui) को गिरफ्तार किया है. कलीम सिद्दीकी उम्र गौतम का करीबी बताया जा रहा है. मौलाना कलीम जमीयत-ए- वलीउल्लाह का अध्यक्ष भी है. जानकारी के मुताबिक मौलाना कलीम को हवाला के जरिए विदेशों से फंडिंग की जाती थी. यूपी एटीएस लंबे समय से उस पर नजर रखे हुए थी

मौलाना कलीम पर आरोप है कि वह लोगों को प्रलोभन देकर शरीयत व्यवस्था लागू करने और जनसंख्या अनुपात बदलने के लिए वृहद स्तर पर धर्मांतरण करवा रहा था. गिरफ्तारी उस वक्त हुई जब मौलाना कलीम सिद्दीकी मंगलवार शाम सात बजे अन्य मौलानाओं के साथ मेरठ के लिसाड़ीगेट में हूमायुंनगर की मस्जिद माशाउल्लाह के इमाम शारिक के आवास पर एक कार्यक्रम में आए थे. इसके बाद वे अचानक से लापता हो गए. परिजनों ने उनके मोबाइल पर सम्पर्क किया, लेकिन मोबाइल स्विच ऑफ मिला. देर रात तक हंगामा चलता रहा. बाद जानकारी मिली कि मौलाना को एटीएस ने गिरफ्तार कर लिया है.

ड्राइवर समेत तीन अन्य मौलाना भी गिरफ्त
मुजफ्फरनगर के खतौली क्षेत्र के फूलत निवासी मौलाना कलीम सिद्दीकी के साथ उनके ड्राइवर और तीन अन्य मौलानाओं को एटीएस ने गिरफ्तार किया है. मौलाना सिद्दीकी पर आरोप है कि वह दिल्ली में कई शैक्षणिक, सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं की आड़ में अवैध धर्मांतरण का काम करता है. वह गैर मुस्लिमों को पैसों और नौकरी का प्रलोभन देकर उन्हें धर्मांतरण के लिए प्रेरित करता है, बाद में उन्हें भी इसी काम में लगा देता है.

अभिनेत्री सना खान का पढ़वाया था निकाह
जानकारी के मुताबिक मौलाना कलीम सिद्दीकी ने ही बॉलीवुड अभिनेत्री सना खान का निकाह पढ़वाया था. इतना ही नहीं गत 7 सितंबर को मुंबई में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के द्वारा आयोजित राष्ट्र प्रथम और राष्ट्र सर्वोपरि कार्यक्रम में भी मौलाना कलीम शामिल हुआ था.

संगीत सोम का विवादित बयान, कहा- जहां-जहां मंदिर तोड़कर बनाई गई मस्जिद, वहां फिर से होगा मंदिर निर्माण

BJP  विधायक संगीत सोम का विवादित बयान

UP Political News: संगीत सोम ने कहा कि सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग आजकल सीजनल हिंदू बन रहे हैं. अपनी सरकार में संतों पर लाठीचार्ज करवाने वाले अब हरिद्वार जाकर संतों से माफी मांग रहे हैं.

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मेरठ. सरधना से बीजेपी विधायक और पार्टी के फायरब्रांड नेता संगीत सोम (Sangeet Som) एक बार फिर विवादित बयान (Controversial Remark) के घेरे में फंस गए हैं. संगीत सोम ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि प्रदेश में जहां-जहां पर मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाई गई, वहां पर बीजेपी (BJP) दोबारा मंदिर बनवाएगी. इसके अलावा उन्होंने सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग आजकल सीजनल हिंदू बन रहे हैं. अपनी सरकार में संतों पर लाठीचार्ज करवाने वाले अब हरिद्वार जाकर संतों से माफी मांग रहे हैं.

प्रदेश में सरकार के 4.5 साल पूरे होने पर सभी 403 विधानसभाओं में विधायकों ने सरकार की उपलब्धियां गिनवाई. मेरठ के सरधना विधानसभा सीट के बीजेपी विधायक संगीत सोम भी डेढ़ सौ पन्नों का चिट्ठा लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहुंच गए. इस मौके पर उन्होंने सरकार की तमाम उपलब्धियां गिनाते हुए समाजवादी पार्टी की अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधना शुरू कर दिया. उन्होंने कहा कि मिशन 2022 के आते ही बहुत से लोग सीजनल हिंदू बन गए हैं और सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव तो भगवान विश्वकर्मा का मंदिर भी बनवाने का एलान कर बैठे हैं. इसके अलावा अपनी सरकार में संतों पर लाठीचार्ज करवाने वाले अखिलेश यादव हरिद्वार जाकर संतों से माफी मांगने में लगे हैं.

2022 में 350 सीटें जीतने का दावा
संगीत सोम ने कहा कि बीजेपी ने लोगों को रहने लायक माहौल दिया है. लोग सुरक्षा के भरोसे के साथ अपना काम कर रहे हैं. इसके अलावा सरकार की तमाम योजनाओं ने लोगों को बड़ी राहत पहुंचाई है. जिसके चलते उत्तर प्रदेश में  350 सीटों के साथ 2022 में भाजपा की सरकार बनने जा रही है.

मेरठ बुलेटिन :-प्राचीन शिव मंदिर जहां गाय करती थी महादेव का दुग्धाभिषेक

प्राचीन शिव मंदिर में भोले बाबा की शिवलिंग

किला परीक्षित गढ़ के प्राचीन शिव मंदिर की खासियत यही है कि इस मंदिर में छह फुट नीचे जाकर भोले बाबा की शिवलिंग बनी हुई है.

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मेरठः-भारत (india) में आपको भोले बाबा के प्राचीन मंदिर अनेकों मिल जाएंगे. जिनसे भक्तों की आस्था और मान्यताएं जुड़ी हुई है.हम आज आपको एक ऐसे प्राचीन शिव मंदिर के बारे में बताएंगे जहां गाय माता स्वतः महादेव के शिवलिंग पर दुग्धाभिषेक करती थी.इस शिवालय से भक्तों की काफी आस्था जुड़ी हुई है. जी हां पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ (meerut) से 25 किलोमीटर दूर किला परीक्षितगढ़ में गांधारी तालाब के पास एक प्राचीन शिव मंदिर (shiva temple)है. इस मंदिर में एक नहीं दो शिवलिंग बनी हुई है.

राजा नैन सिंह ने कराया था प्राचीन शिव मंदिर का निर्माण
मंदिर के पुजारी बताते हैं कि राजा नैन सिंह द्वारा इस मंदिर का निर्माण कराया गया था. क्योंकि यहां पर भोले बाबा की शिवलिंग खुद ही प्रकट हुई थी. जोकि आज भी मंदिर में विराजमान है. हालांकि वर्षो पूर्व आई बाढ़ में शिवलिंग का आधा हिस्सा बह गया था. इसी बात को देखते हुए एक अन्य शिवलिंग भी मंदिर में लगाई गई. लेकिन भक्तों की आस्था प्राचीन शिवलिंग में ज्यादा देखने को मिलती है .

काली गाय करती थी भोले बाबा का दुग्धाभिषेक
हमारी भारतीय संस्कृति में पुरानी मान्यताओं का काफी महत्व है. इसी तरीके से इस प्राचीन मंदिर का भी महत्व है कि जब ग्वाला अपनी गायों को चराने के लिए आते थे.उन गायों में से एक काली गाय प्रतिदिन भोले बाबा की शिवलिंग पर अपने दूध से दुग्धाभिषेक करती थी. आसपास के क्षेत्र वासियों ने न्यूज़ 18 लोकल की टीम से बातचीत करते हुए बताया कि दूरदराज से भी भक्त भोले बाबा के इस प्राचीन मंदिर में दर्शन करने के लिए आते हैं.

मंदिर का निर्माण सबसे विशेष
भगवान भोलेनाथ के अनेकों विशाल मंदिर देखने को मिलेगी. लेकिन यह मंदिर बिल्कुल प्राचीनता को दर्शाता है. मंदिर का गर्भ गृह लगभग छह फुट नीचे है. भक्त कई सीढ़ियों को पार करते हुए भगवान भोलेनाथ की शिवलिंग तक पहुंचते हैं. उसके बाद भोले बाबा का जलाभिषेक करते हैं. मान्यता है की जो भक्ति भोले बाबा का जलाभिषेक करता है. उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.

CM योगी बोले- पहले मुख्यमंत्री बनने पर बनवाई जाती थीं हवेलियां, हमने 42 लाख गरीबों के घर बनाए

UP: हर दूसरे-तीसरे दिन हुआ करते थे साम्प्रदायिक दंगे (File photo)

UP News: सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले कुत्सित विचारों वाले विपक्षी दल अयोध्या जाने से डरते थे और हम पर तंज करते थे कि "मंदिर वहीं बनाएंगे पर तारीख नहीं बताएंगे".

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लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने कहा है कि 2017 से पहले यूपी में अपराधी और माफिया सत्ता के शागिर्द बनकर राज्य में भय, भ्रष्टाचार और अराजकता का माहौल खड़ा कर रहे थे और हर दूसरे-तीसरे दिन साम्प्रदायिक दंगे होते थे, लेकिन आज इनके खिलाफ हो रही कार्रवाइयों ने पूरे देश में एक मॉडल पेश किया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि उनसे पहले के मुख्यमंत्रियों में अपनी हवेलियां बनाने की होड़ मचती थी, लेकिन हमने इस नए भारत के नए उत्तर प्रदेश में 42 लाख गरीबों के लिए आवास बनाए हैं. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पटल पर यूपी को लेकर परसेप्शन बदला है. शासन के प्रति जनता का भरोसा बढ़ा है और अब यही विश्वास 2022 के चुनाव में 350 सीटों के भारी बहुमत के साथ एक बार फिर हमारी जीत सुनिश्चित करेगा .

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पहले कोई भी पर्व शांति से नहीं हो पाता था लेकिन बीतेचार साल से कोई दंगा नहीं हुआ.इससे लोगों की धारणा बदली और निवेशकों को भय नहीं है. इसीलिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में यूपी नम्बर दूसरे पर है.

कोरोना प्रबंधन की तारीफ़
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में यूपी के कोरोना प्रबंधन के मॉडल को हर ओर सराहा जा रहा है. कोरोना काल में देश की पहली मोबाइल डिस्प्ले यूनिट यूपी में लगी और चीन से कारोबार खत्म कर भारत आई इस कम्पनी ने भारत में यूपी को चुना. उन्होंने कहा कि यह नया उत्तर प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद है तो पर्यटकों के मन की चाह भी है. उन्होंने कहा, कि पहले कुत्सित विचारों वाले विपक्षी दल अयोध्या जाने से डरते थे और हम पर तंज करते थे कि “मंदिर वहीं बनाएंगे पर तारीख नहीं बताएंगे”. आज पूरी दुनिया अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण देख रही है.

OMG: मेरठ में 73 साल के बुजुर्ग को 5 बार लगा टीका, छठे की बारी आई, जानें माजरा

सरधना के रहने वाले रामपाल के पास 5 बार टीका दिए जाने का सर्टिफिकेट है.

Uttar Pradesh Vaccination : रिकॉर्ड वैक्सीनेशन अभियान के बीच एक बुजुर्ग को पांच बार टीकाकरण का मामला सामने आया. इसे कागजों में पांच दफा वैक्सीन लगाई गई और छठां टीका लगाए जाने की तारीख भी आ गई.

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मेरठ. यूपी में रिकॉर्ड वैक्सीनेशन (Record Vaccination) अभियान के बीच एक ऐसा मामला सामने आया है जो हैरान करने वाला है. यहां एक व्यक्ति ऐसा भी है जिसे 5 बार वैक्सीन लगा दी गई. इसे कागजों में वैक्सीन लगाई गई है. और तो और छठां टीका लगाए जाने की तारीख भी आ गई. इस शख्स के पास ऑनलाइन टीका लगने के तीन प्रमाण पत्र मौजूद हैं.

मेरठ के सरधना में वैक्सीनेशन के एक मामले ने सबको हैरान कर दिया है. यहां 73 साल के एक बुजुर्ग को सरकारी कागजों में पांच बार वैक्सीन लग गई. इस शख्स का नाम चौधरी रामपाल सिंह है. रामपाल ने पहली वैक्सीन डोज 16 मार्च और दूसरी 8 मई 2021 को लगवाई थी. वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट भी उन को दे दिया गया, लेकिन जब उन्होंने ऑनलाइन अपना प्रमाण पत्र निकालना चाहा तो वह नहीं मिल पाया.

सर्टिफिकेट के लिए लगाने पड़े चक्कर

रामपाल अपनी शिकायत लेकर स्वास्थ्य विभाग ऑफिस पहुंचे और वैक्सीन लगाए जाने संबंधी कागज़ात देने की मांग की. सर्टिफिकेट के लिए वो बार बार हेल्थ डिपार्टमेंट के चक्कर लगाते रहे. सरकारी वेबसाइट पर उन्होंने चेक किया तो उनके तीन सर्टिफिकेट सामने आए. पहले दो सर्टिफिकेट में उनको दो-दो डोज लगी हैं और तीसरे सर्टिफिकेट में एक डोज लगी है. तीसरे सर्टिफिकेट की अगली डोज दिसंबर 2021 में उन्हें लगाई जानी है.

अधिकारियों ने कही जांच की बात

रामपाल के मुताबिक उन्हें केवल पहली 2 डोज ही स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर लगवाई थी. स्वास्थ्य विभाग इस मामले में जांच की बात कर रहा है. अधिकारियों का कहना है कि टेक्निकल टीम से मालूम कर पता लगाया जाएगा कि आखिर ऐसी टेक्निकल एरर क्यों आई.

मेरठ: बच्चे बने पेरेंट्स के 'गार्जियन' और लगवा दी कोरोना वैक्सीन, जानें क्या है आगे इरादा...

प्राइमरी स्कूल के बच्चों की पहल, माता—पिता को लगवाई वैैक्सीन, अब पड़ोसियों को लगवाने का संकल्प

UP Corona Vaccination : मेरठ में एक प्राइमरी स्कूल टीकाकरण अभियान के लिए मिसाल बन गया है. यहां टीचर्स के साथ साथ बच्चों ने भी अपने माता -पिता को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया. असर ये हुआ कि ज्यादातर बच्चों के माता- पिता ने टीका लगवा लिया है. वह अब पड़ोसियों को भी वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित कर रहे हैं.

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मेरठ. मेरठ (Meerut) में एक प्राइमरी स्कूल (Primary School) टीकाकरण अभियान के लिए मिसाल बन गया है. यहां टीचर्स के साथ-साथ बच्चों ने भी अपने माता-पिता को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया. उसका असर ये हुआ कि इस प्राइमरी स्कूल में पढ़ने वाले ज्यादातर बच्चों के माता पिता ने टीका लगवा लिया है और अब इन बच्चों ने संकल्प लिया है कि वह अपने आस पड़ोस में रहने वाले उन लोगों को भी टीका लगवाने के लिए प्रेरित करेंगे जो अभी तक भ्रम का शिकार हैं.

मेरठ में कोरोना से बचाव के लिए टीका लगवाने के लिए लोगों को जागरुक किया जा रहा है. यहां के एक प्राइमरी स्कूल के बच्चों ने भी अनूठा संकल्प लिया है. यहां स्कूल चलें हम का नारा तो बुलंद हो ही रहा है साथ ही अपने अपने माता पिता को टीका लगवाना है का नारा भी लगाया जा रहा है. इसके बाद प्राइमरी स्कूल में पढ़ने वाले इन नौनिहालों ने ज़िद करके अपने माता पिता को टीका लगवाने के लिए प्रेरित किया. आलम ये है कि स्कूल में पढ़ने वाले ज्यादातर बच्चों के माता पिता ने वैक्सीन लगवा ली है. न्यूज़़ 18 की टीम ने जब इस प्राइमरी स्कूल का दौरा कर सवाल किया कि कितने बच्चों के पैरेंट्स ने टीका लगवा लिया है तो सभी ने अपने हाथ खड़े कर दिए. बच्चों ने कहा कि उनके मां पापा ने टीका लगवा लिया है. अब वह आस पड़ोस के लोगों को टीका लगवाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं.

स्कूल में बढ़ रही बच्चों की संख्या

यहां स्कूल आने वाले बच्चों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है. बच्चे स्कूल आकर ख़ुश हो रहे हैं साथ ही अपनी ज़िम्मेदारी का भी निर्वहन कर रहे हैं. प्राइमरी स्कूल के नौनिहालों का कहना है कि वह स्कूल चले हम का नारा तो बुलंद कर ही रहे हैं साथ ही अपनी ज़िम्मेदारियों को समझते हुए वैक्सीनेशन मॉटिवेशन ड्राइव चला रहे हैं. इन बच्चों का कहना है कि अगर उनके माता पिता स्वस्थ रहेंगे तो वो भी स्वस्थ रहेंगे. इस छोटी सी उम्र में बच्चों की ऐसी सोच यकीनन तारीफ के काबिल है.

बच्चों की पहल से टीचर्स भी खुश
स्कूल के टीचर्स भी बच्चों के ऐसे संकल्प से हतप्रभ हैं. टीचर्स का कहना है कि बच्चों की प्रेरणा का असर ये रहा कि अब उनके स्कूल में आने वाले ज्यादातर बच्चों के माता पिता वैक्सीन लगवा चुके हैं. वाकई में प्राइमरी स्कूल में बच्चों की वैक्सीन की अनोखी पाठशाला देखकर अच्छा लगा. कहते हैं कि बच्चे मन के सच्चे सारी जग की आंख के तारे. ये वो नन्हें फूल हैं जो भगवान को लगते प्यारे.

UP Assembly Election: मेरठ की क्रांतिकारी धरती से प्रियंका गांधी शुरू करेंगी प्रतिज्ञा यात्रा, 29 सितंबर को होगी जनसभा

UP: मेरठ की क्रांतिकारी धरती से प्रियंका गांधी शुरू करेंगी प्रतिज्ञा यात्रा (File photo)

Meerut News: बीते दिनों लखनऊ पहुंची प्रियंका ने कार्यकर्ताओं से कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव बिल्कुल नजदीक हैं इसलिए कार्यकर्ताओं को दिन रात कार्य करने की जरूरत है.

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मेरठ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में होने वाले विधानसभा चुनाव 2022 (UP Election 2022) को लेकर कांग्रेस (Congress) पूरा जोर लगा रही है. इसी कड़ी में कांग्रेस की महासचिव और यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) 29 सितंबर को मेरठ की क्रांतिकारी धरती से जनसभा कर 12 हजार किलोमीटर की प्रतिज्ञा यात्रा का शुभारंभ करेंगी. इस यात्रा में कार्यकर्ता योगी सरकार की वादाखिलाफी और अपने चुनावी वादे बताने के लिए शहर से गांव तक जाएंगे.

बीते दिनों लखनऊ पहुंची प्रियंका ने कार्यकर्ताओं से कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव बिल्कुल नजदीक हैं इसलिए कार्यकर्ताओं को दिन रात कार्य करने की जरूरत है. टिकट बंटवारे पर उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों के नाम तय करने की प्रक्रिया में संगठन के पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी. उन्होंने कहा कि संगठन का काम अब आखिरी चरण में पहुंच चुका है तथा आगामी चुनाव में टिकट बंटवारे में संगठन की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी.

प्रियंका गांधी के नेतृत्व में लड़ेंगे चुनाव
इससे पहले आगरा में पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि कांग्रेस आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में प्रियंका गांधी के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी, हालांकि अभी तक सीएम उम्मीदवार के लिए अंतिम फैसला नहीं हुआ है. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेगी. उन्होंने कहा, ‘पार्टी किसी भी अन्य दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी. हम दृढ़ विश्वास के साथ चुनाव लड़ेंगे. पार्टी कार्यकर्ता स्थानीय लोगों की समस्याओं को जानने के लिए हर विधानसभा क्षेत्र में जाएंगे…’ उन्होंने कहा- कांग्रेस यूपी की सभी 403 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी. खुर्शीद ने जोर देकर कहा कि घोषणापत्र में आम लोगों की आवाजें शामिल होंगी.

Meerut News: डेंगू के बाद 2 साल के बच्चे में 'स्क्रब टाइफस' की पुष्टि, जानिए कैसे फैलती है बीमारी

UP: चूहे से फैलता है स्क्रब टाइफस

UP News: मेरठ मेडिकल कॉलेज में फिलहाल डेंगू और कोरोना के बाद स्क्रब टाइफस की भी जांच शुरू हो गई है ताकि रोगी को सही उपचार मिल सके.

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मेरठ. उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) जिले में डेंगू (Dengu) और वायरल बुखार (Viral Fever) के बाद दो साल के बच्चे में ‘स्क्रब टाइफस’ की पुष्टि से हड़कंप मच गया. बुलंदशहर के रहने वाला दो साल का बच्चे का इलाज मेरठ जिला अस्पताल में किया जा रहा है. सीएमओ ने बताया कि स्क्रब टाइफस घुन, छोटे कीट, गिलहरी और चूहे के कारण फैलता है. बरसात के मौसम में इनसे बचाव करें. समय पर इलाज न मिले तो यह बीमारी बढ़ सकती है. पहले निजी लैब में जांच कराई गई, फिर कन्फर्म करने के लिए मेडिकल कॉलेज में भी जांच कराई गई.

मंडलीय सर्विलांस अधिकारी डॉ अशोक तालियान ने बताया कि दोनों जगह पुष्टि हुई है. मेरठ में इससे पहले एक महिला में यह बीमारी मिली थी. महिला ने लक्षण मिलने पर गाजियाबाद में इसकी जांच कराई थी. ये ओरिएंटिया त्सुत्सुगामुशी बैक्टीरिया के कारण होती है. मेरठ मेडिकल कॉलेज में फिलहाल डेंगू और कोरोना के बाद स्क्रब टाइफस की भी जांच शुरू हो गई है ताकि रोगी को सही उपचार मिल सके.

ऐसे फैलता है स्क्रब टाइफस
स्क्रब टाइफस घुन, छोटे कीट, गिलहरी और चूहे के काटने से फैलता है. बरसात के मौसम में इनसे बचाव करें. समय पर इलाज न मिले तो यह बीमारी बढ़ सकती है. पशुओं के मल-मूत्र में बैठने वाले कीटों, खराब भोज्य पदार्थों में लगे कीटों के कारण भी यह बीमारी फैल सकती है. इसलिए बरसात के मौसम में सफाई का सबसे ज्यादा ख्याल रखें. बाहर का भोजन न खाएं.

मेरठ में डेंगू के 159 मामले
सीएमओ डॉ अखिलेश मोहन ने बताया कि मेरठ में डेंगू के 159 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 84 मामले सक्रिय हैं. अगर किसी व्यक्ति के घर में पहली बार मच्छर के लार्वा पाए जाते हैं, तो हम नोटिस देते हैं, फिर से पाए जाने पर जुर्माना लगाते हैं और तीसरी बार लार्वा पाए जाने पर प्राथमिकी दर्ज करते हैं.

लागा वर्दी पे दाग, छुड़ाऊं कैसे - पुलिसवालों को होने लगी है इसकी चिंता - See Video

मेरठ में पुलिसवाला कर रहा था कोर्ट के आदेश का पालन, लोगों ने समझा कुछ और.

viral video : 'पुलिसया' छवि के कारण बेवजह पुलिसवालों को बदनामी ढोनी पड़ती है. इस बार फिर एकबार मेरठ में ऐसा ही हुआ कि पुलिस करवा तो रही थी कानून का पालन, पर लोगों को लगा कि यह पुलिस का करप्शन है.

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मेरठ. अगर समाज में आपकी इमेज खराब हो जाए तो उसे सुधारने में बरसों लग जाते हैं. अगर पुलिस की इमेज की बात की जाए तो अक्सर उन्हें अपनी ‘पुलिसया’ छवि के कारण बेवजह भी बदनामी ढोनी पड़ती है. इस बार फिर एकबार मेरठ में ऐसा ही हुआ कि पुलिस करवा तो रही थी कानून का पालन, पर लोगों को लगा कि यह पुलिस का करप्शन है.

दरअसल, शुक्रवार को लोगों ने देखा कि एक पुलिसकर्मी जुगाड़ वाहन में पीछे बैठा है और गाड़ी बीच सड़क पर सरपट भागी जा रही है. इस नजारे का वीडियो भी लोगों ने बनाया और उसे सोशल मीडिया पर डाल दिया. मेरठ का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. ट्रैफिक पुलिस पर लोग तरह तरह के कमेंट कर रहे हैं. न्यूज18 ने इस वीडियो की हकीकत ढूंढ़ निकाली और आइए आपको बताते हैं क्या है हकीकत.

वायरल वीडियो

यह वीडियो मेरठ के पुलिस लाइन के बाहर का है. इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी जुगाड़ वाहन पर पीछे बैठा है और वाहन फर्राटा भर रहा है. स्पीड करीब 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा के आसपास रही होगी. इसे देखकर लोगों के मन में सवाल उठा कि कोर्ट ने सड़कों पर खुलेआम कानून धज्जियां उड़ाने वाले जुगाड़ वाहन सीज करने का आदेश दिया है, तो यह ट्रैफिक पुलिसकर्मी इस पर सवार होकर कहा जा रहा है.

जुगाड़ी गाड़ी पे पुलिस की सवारी : See Video

वीडियो का सच

आइए हम आपको बताते हैं. दरअसल मेरठ की ट्रैफिक पुलिस ने जुगाड़ वाहन के खिलाफ 10 दिन का अभियान चलाया है. जिसके चलते चौराहे से गुजरने वाले हर जुगाड़ वाहन पर पुलिस की पैनी नजर है. ऐसे में जो भी जुगाड़ वाहन चौराहे को क्रॉस करने की कोशिश करता है, उसे ट्रैफिक पुलिसकर्मी पकड़कर सीज कर लेते हैं और इसी सीज हुए जुगाड़ वाहन को पुलिस लाइन में ट्रैफिक ऑफिस में जमा कर दिया जाता है. दरअसल, वायरल हुए वीडियो में जो ट्रैफिक पुलिसकर्मी दिख रहा है वह भी इस वाहन को पुलिस लाइन में जमा कराने के लिए ले जा रहा है. सड़क पर इस अजीबोगरीब नजारे को देखकर लोगों ने इसका वीडियो बनाना शुरू कर दिया, जिसके बाद अब यह सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और लोग बिना हकीकत जाने ट्रैफिक पुलिसकर्मियों पर कमेंट कर रहे हैं.

पुलिस की चिंता

ऑफ द रिकॉर्ड पुलिसकर्मियों ने कई बार कहा है कि वे रात-दिन मेहनत करते हैं, लेकिन कुछ लोगों की लालच से पूरा महकमा बदनाम होता है. पुलिसकर्मी चाहते हैं कि करप्शन के दाग से खाकी वर्दी का पीछा छूटे और उन्हें उनके अच्छे कामों का भी श्रेय मिले.

Delhi-Meerut Expressway: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी अगले महीने करेंगे एक्‍सप्रेसवे का उद्घाटन, 45 मिनट में पूरा होगा सफर

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी अगले महीने करेंगे दिल्‍ली-मेरठ एक्‍सप्रेस-वे का उद्घाटन.

Delhi-Meerut Expressway: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने दिल्‍ली-मेरठ एक्‍सप्रेस-वे (Delhi-Meerut Expressway) को अगले महीने पूरी तरह से शुरू करने का ऐलान किया है. उन्‍होंने कहा कि 6000 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्‍सप्रेस-वे का मैं अगले महीने इसका उद्घाटन करने जा रहा हूं.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 17, 2021, 08:47 IST
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नई दिल्‍ली. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने दिल्‍ली-मेरठ एक्‍सप्रेस-वे (Delhi-Meerut Expressway) को लेकर बड़ा ऐलान किया है. उन्‍होंने हरियाणा के गुरुग्राम जिले के सोहना में गुरुवार को कहा कि अब तक आंशिक रूप से खुला दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे अगले महीने पूरी तरह से खोल दिया जाएगा. बता दें कि इस एक्सप्रेस-वे की शुरुआत पीएम मोदी ने कई साल पहले की थी.

इसके अलावा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, ‘मैं अगले महीने इसका उद्घाटन करने जा रहा हूं. अब 6,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाया गया एक्सप्रेस-वे दिल्ली और मेरठ के बीच यात्रा के समय को कम कर 40 मिनट कर देगा.’

इस एक्सप्रेसवे पर गति सीमा यूपी में 100 किमी प्रति घंटे और दिल्ली में 70 किमी प्रति घंटे है. बता दें कि अब दिल्ली-मेरठ के बीच यात्रा का समय 2.5 घंटे के बजाए 45 मिनट में पूरा किया जा सकेगा. हालांकि इस वक्‍त कुछ जगह काम चलने की वजह से करीब 80-90 मिनट लग रहे हैं.

अब एक्सप्रेस-वे पर मिलेगी ये सुविधा
दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे पर चलने वाले वाहन चालकों को दिसंबर से कई सहूलियत मिलने वाली हैं. एक्सप्रेस-वे पर पेट्रोल और सीएनजी मिलने लगेगी. बता दें कि इस समय मेरठ से डासना के बीच पेट्रोल और सीएनजी पंप नहीं होने के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. यही नहीं, 60 किमी के इस एक्सप्रेस-वे पर कहीं भी पेट्रोल और सीएनजी की सुविधा नहीं दी गई है. इसके लिए डासना के बाद हाईवे वाले हिस्से पर आना पड़ता है. इसके अलावा मेरठ से डासना के बीच पेट्रोल आदि के लिए भोजपुर में उतारना पड़ता है. वैसे एनएचआई द्वारा मेरठ और डासना के बीच डिडवारी में रेस्ट एरिया बनाया जा रहा है.

नितिन गडकरी ने जेवर एयरपोर्ट को दी 2100 करोड़ की सौगात, Delhi-NCR को चमकाने के लिए उठाया ये कदम

हापुड़ और मुरादाबाद की ओर जाने वाले वाहन चालकों को मिलेगी राहत
नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया (National Highways Authority of India) दिल्ली से मेरठ का काम पूरा होने के बाद अगले चरण में हापुड़ रोड से देल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (डीएमई) को जोड़ने का काम शुरू करेगा. इसके लिए मार्च 2021 में टेंडर को अपलोड किया गया था, लेकिन कोरोना आने से काम प्रभावित हो गया. अब एनएचएआई (NHAI) ने फिर प्रक्रिया शुरू कर दी है. अगले कुछ दिनों में मुख्यालय की ओर से इस पर निर्माण की अनुमति दी मिलने की संभावना है.

एक्टर साहिल खान ने मेरठ में किया अपने स्टोर का उद्घाटन, पुलिस ने बेकाबू भीड़ पर किया लाठीचार्ज

साहिल खान बॉडी बिल्डिंग प्रोडक्ट का बिजनेस भी करते हैं. (Photo @sahilkhan/Instagram)

एक्टर साहिल खान (Sahil Khan) मेरठ में अपने बॉडीबिल्डिंग फूड प्रोडक्ट के स्टोर की लॉन्चिंग करने पहुंचे थे. मौके भीड़ बेकाबू होती जा रही थी. पुलिसकर्मियों ने मौके पर मौजूद भीड़ को पहले हिदायत दी, लेकिन जब लोग नहीं माने तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया.

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मुंबई. बॉलीवुड एक्टर साहिल खान (Sahil Khan) फिल्मों से अधिक अपनी फिटनेस के लिए जाने जाते हैं. वे इंस्टाग्राम पर अपनी तस्वीरों को लेकर सुर्खियों में रहते हैं. वे गुरुवार को मेरठ में अपने बॉडी बिल्डिंग प्रोडक्ट के स्टोर का उद्घाटन करने पहुंचे थे. एक्टर बाइसेप्स (Buyceps) नामक बॉडी बिल्डिंग प्रोडक्ट स्टोर के मालिक हैं, जिसके देश में कई स्टोर हैं. कार्यक्रम स्थल पर फैंस ने एक्टर से मिलने के लिए बैरिकेडिंग तोड़ दी. इसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज कर दिया. लाठीचार्ज की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं. इसके बाद तमाम तरह के सवाल भी खड़े हो रहे हैं? सवाल यह है कि आखिर कोरोना काल में इतनी भीड़ जुटाने की परमिशन कैसे मिल गई. साथ ही लोगों को बेकाबू होने से रोकने के लिए क्या कार्यक्रम के आयोजकों ने कोई इंतजाम किया था?

घटना मेरठ के थाना नौचंदी क्षेत्र के गढ़ रोड की है, जहां एक्टर अपने बॉडीबिल्डिंग फूड प्रोडक्ट के स्टोर की लॉन्चिंग करने पहुंचे थे. मौके भीड़ बेकाबू होती जा रही थी. पुलिसकर्मियों ने मौके पर मौजूद भीड़ को पहले हिदायत दी, लेकिन जब लोग नहीं माने तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया.

अपने स्टोर का उद्घाटन करने पहुंचे एक्टर साहिल खान. (Photo: Nikhil Agarwal)

वहीं इसी कार्यक्रम में तिहाड़ जेल के असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट दीपक शर्मा भी पहुंचे थे. लोगों ने कार्यक्रम के बाद बाउंसरों पर सड़क पर हंगामा करने का आरोप लगाया. लोगों ने इसकी शिकायत एसएसपी से की. एसएसपी ने हंगामा कर रहे बाउंसरों की गिरफ्तारी के निर्देश जारी कर दिए.

साहिल खान का स्टोर.

पुलिस की गिरफ्त में आने से पहले स्कार्पियो सवार बाउंसर फरार हो गए. मेरठ पुलिस ने बाईपास पर स्कॉर्पियो की घेराबंदी कर ली. इसके बाद पुलिस ने 6 बाउंसरों का शांति भंग में चालान कर दिया गया. रोमांटिक कॉमेडी फिल्म ‘स्टाइल’ से साहिल खान ने 2001 में बॉलीवुड डेब्यू किया था.

अपना अस्तित्व खो चुकी बूढ़ी गंगा नदी को फिर से मिल सकती है संजीवनी

बूढ़ी गंगा के पुल पर नक्शे को चेक करते अधिकारी

वर्षो से संजीवनी की तलाश का इंतजार कर रही बूढ़ी गंगा को एक बार फिर से संजीवनी मिलने की उम्मीद है. मंडल कमिश्नर सुरेंद्र सिंह के निर्देश?

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मेरठः- भारतीय सांस्कृतिक(Indian Cultural)
राजधानी हस्तिनापुर(Hastinapur) की विरासत बूढ़ी गंगा
(Old Ganga ) को बचाने के लिए एक बार फिर से प्रशासन सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार है. जी हां पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) शहर से 48 किलोमीटर दूर हस्तिनापुर स्थित बूढ़ी गंगा के अस्तित्व को बचाने के लिए एक बार फिर से मुहिम शुरू हो गई है. जिसके लिए मेरठ मंडल कमिश्नर सुरेंद्र सिंह द्वारा एक कमेटी बनाई गई है. जिसको बूढ़ी गंगा के अस्तित्व को फिर से खोजने एवं संवारने का दायित्व सौंपा गया है. मंडल कमिश्नर के निर्देश के बाद टीम सक्रिय होकर हस्तिनापुर के उन जंगलों में एक बार फिर से खोजबीन में जुट गई है. जिन जंगलों के बीच कभी बूढ़ी गंगा निरंतर बहती रहती थी.

पांडव और द्रौपदी बूढ़ी गंगा के जल से करते थे स्नान
पौराणिक कथाओं की माने तो इसी बूढ़ी गंगा के निर्मल जल का पांडव उपयोग करते थे. पांडव, द्रौपदी इसी बूढ़ी गंगा के जल से स्नान कर भोले बाबा की पूजा अर्चना करते थे. लेकिन कहीं ना कहीं इस इतिहास इस संस्कृति को बचाने के लिए जिस प्रकार कार्य होना चाहिए था, वह नहीं हुआ.गौरतलब है कि प्रियंक भारती, असिस्टेंट प्रोफेसर, संस्थापक व अध्यक्ष नेचुरल साइंसेज ट्रस्ट, वर्षों से हस्तिनापुर के इतिहास को संवारने के लिए कार्य कर रहे हैं. उन्होंने ही बूढ़ी गंगा के अस्तित्व को बचाने के लिए शासन को पत्र भेजा था. उन्हीं के प्रस्ताव को देखते हुए एक बार फिर से मंडल के कमिश्नर द्वारा बूढ़ी गंगा को बचाने के लिए निर्देश जारी किए हैं.

मेरठ बुलेटिन:- इस तालाब में स्नान करने के लिए आती थी रानी गांधारी

गांधारी तालाब पर बनी रानी गांधारी की मूर्ति

पश्चिम उत्तर प्रदेश का मेरठ अपने आप में ऐतिहासिक धरोहर को संजोए हुए हैं. मेरठ जिले के आसपास के कई स्थलों पर विभिन्न पौराणिक इतिहास का महत्व है.

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मेरठ:-कहते हैं कि सच्ची श्रद्धा और भक्ति हो तो व्यक्ति मन की आंखों से भी वह सब कुछ देख सकता है. जो आंखों की रोशनी से भी व्यक्ति ना देख पाए. जी हां कुछ इसी तरह का उदाहरण आपको पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर के किला परीक्षितगढ़ स्थित गांधारी तालाब पर देखने को मिलेगा. जहां पर लगभग 30 सालों से गांधारी तालाब के साथ-साथ मंदिरों की देखभाल भी एक दिव्यांग व्यक्ति राजू कर रहें है. राजू की माने तो छोटी सी उम्र में ही एक हादसे के दौरान उसकी आंखों की 80% तक रोशनी चली गई थी. लेकिन सच्ची आस्था और रानी गांधारी का ही आशीर्वाद है कि वह 20% रोशनी के माध्यम से ही मंदिर परिसर में साफ सफाई के साथ-साथ अन्य प्रकार की देखरेख करते हैं. गौरतलब है कि पश्चिम उत्तर प्रदेश के शहर मेरठ का महाभारत कालीन से गहरा नाता है. पौराणिक कथाओं की माने तो हस्तिनापुर से रानी गांधारी तालाब में स्नान करने के लिए किला परीक्षितगढ़ आया करती थी. जिसके लिए गुफाओं का भी वर्णन किया गया है. हालांकि अब तालाब का जीणोद्धार ना होने के कारण स्थिति बदहाल होती जा रही है.

इस पेड़ की अनोखी पहचान लोगों को करती है अपनी ओर आकर्षित

किला परीक्षित गढ़ का यह पेड़ है अपने आप में खास

बरगद की प्राचीनता को लेकर हर कोई जानता है. बरगद का पेड़ सैकड़ों सालों तक अपनी जड़ों के माध्यम से जीवित रहता है.

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मेरठः-प्राचीन सभ्यता और विशालकाय पेड़ों की जब बात की जाए तो बरगद का ही सबसे पहले नाम आता है.कुछ इसी तरह के एक पेड़ के बारे में आज हम आपको बताएंगे. जिस पेड़ की खासियत से अलग ही पहचान बन चुकी है. जी हां पश्चिम उत्तर प्रदेश मेरठ (meerut) शहर के किला परीक्षितगढ़ श्री श्रृंगी ऋषि आश्रम में ऐसा बरगद का पेड़ है. जिस पेड़ की शाखाओं से सात दरवाजे बने हुए हैं. इतना ही नहीं यह पेड़ इतना विशालकाय है कि आश्रम परिसर में चारों ओर इसकी छाया देखने को मिलेगी. वहीं आश्रम के कई कोने तक इसकी शाखाएं फैली हुई हैं.

श्रद्धालुओं के लिए बना सेल्फी का केंद्र
यह पेड़ इतना आकर्षक है कि जो भी श्रद्धालु आश्रम में आते हैं. वह इस पेड़ के साथ बिना फोटो खिंचवाए नहीं रह पाते हैं. न्यूज़ 18 लोकल की टीम ने भी जब इस पौराणिक पेड़ की पड़ताल की तो इस पेड़ से निकली हुई शाखाएं जमीन के अंदर जाते हुए उसी प्रकार आकार बनाए हुए हैं. जिस प्रकार एक दरवाजे का आकार होता है.
गौरतलब है कि इसी आश्रम का इतिहास यह भी है कि कलयुग से पहले ऋषि शमीक यहां रहा करते थे. ऐसे में यह ऋषि मुनियों की भी तपोवन भूमि रही है.

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