Meerut : ठेले पर लेटी बीमार महिला इलाज के लिए डीएम ऑफिस के बाहर लगाती रही गुहार
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Meerut : ठेले पर लेटी बीमार महिला इलाज के लिए डीएम ऑफिस के बाहर लगाती रही गुहार
काफी देर बाद इस महिला को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करा दिया गया.

महिला अपने साथ आए एक लड़के की ओर इशारा करते हुए कह रही है कि ये लड़का बीमार रहता है, अब इसे कौन संभालेगा. वायरल वीडियो (Viral Video) में कुछ पुलिसकर्मी (Policeman) भी दिख रहे हैं.

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  • Last Updated: September 12, 2020, 11:33 PM IST
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मेरठ. ठेले पर लेटी महिला बार-बार यही रट लगा रही है कि उसका इलाज (treatment) करा दो. महिला बार बार कह रही है कि वह कल से भूखी-प्यासी भटक रही है. हमारा इलाज करवा दो. महिला अपने साथ आए एक लड़के की ओर इशारा करते हुए कह रही है कि ये लड़का बीमार रहता है, अब इसे कौन संभालेगा. वायरल वीडियो (Viral Video) में कुछ पुलिसकर्मी (Policeman) भी दिख रहे हैं. ये बुजुर्ग महिला ठेले पर लेटी इलाज के लिए तड़प रही है, लेकिन खाकी वर्दीधारियों की संवेदना के तार को वह छू नहीं पाती. इस महिला को देखकर वे नजरें फेर लेते हैं. एक पुलिसकर्मी मोटरसाइकिल स्टार्ट कर चल देता है और बाकी मुंह पर मास्क लगाए दूर खड़े हैं. वे इस दर्दनाक दृश्य से ऐसे मुंह फेर रहे हैं, जैसे ये बेहद सामान्य बात हो.

पड़ताल करने पर वायरल वीडियो के बारे में पता चला कि यह मेरठ (Meerut) के जिलाधिकारी कार्यालय (District Magistrate Office) के बाहर का है. लेकिन आज दूसरे शनिवार की छुट्टी होने की वजह से पूरा कैंपस खाली पड़ा है. बताया जाता है कि इलाज के लिए भटकते-भटकते इस बुजुर्ग महिला और उसके परिजनों को जब कोई रास्ता नहीं सूझा तो ये कलेक्ट्रेट पहुंच गए. इन्हें शायद उम्मीद रही होगी कि यहां उनकी सुनी जाएगी. लेकिन यहां भी उन्हें मायूसी हाथ लगी.

सीएमओ ने बताया कि महिला को भर्ती किया गया



मेरठ के सीएमओ डॉक्टर राजकुमार से जब इस बाबत बात की गई, तो उनका पहला बयान आया कि हां, एक बुजुर्ग महिला स्ट्रेचर पर कलेक्ट्रेट पहुंची थी. जब मैंने बताया कि वह स्ट्रेचर पर नहीं ठेले पर थी. तो सीएमओ साहब ने जवाब दिया कि हां, ठेला हो या स्ट्रेचर लेकिन यह महिला डीएम कार्यालय पहुंची थी. उसकी कूल्हे की हड्डी टूटी हुई थी. और जैसे ही इस बाबत सूचना मिली, उन्होंने फौरन एम्बुलेंस भेजकर महिला को मेडिकल में भर्ती करा दिया है. जहां उनका इलाज चल रहा है. बताया जाता है कि इस महिला ने मेरठ के सरदार वल्लभभाई पटेल मेडिकल कॉलेज में पहले भी दिखाया था, लेकिन उन्हें जैसे-तैसे टरका दिया गया और भर्ती करने से इनकार कर दिया गया था. सवाल यह है कि आखिर ठेले पर सिस्टम के ऐसे नजारे कब तक देखने को मिलते रहेंगे?
मेडिकल कॉलेज प्रशासन लगातार सवालों के घेरे में है. ये घटना तो महज़ एक उदाहरण है. हाल ही में मेडिकल कॉलेज का एक और कारनामा सामने आया था जब यहां कोरोना के मरीज का शव तक बदल दिया गया था. अंतिम संस्कार के दौरान खुलासा हुआ था कि शव किसी दूसरे का है. यही नहीं यह वही मेडिकल कॉलेज है, जहां बंदर कोरोना मरीजों का ब्लड सैंपल छीनकर पेड़ पर जा बैठा था. यानी साफ है कि मेरठ में स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी हो चुकी हैं. सवाल यह है कि आखिर कब तक मेरठ मेडिकल कॉलेज की संवेदनहीनता की ऐसी डरावनी तस्वीरें देखने को मिलती रहेंगी?
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