मेरठ : मेडिकल कॉलेज में मरीज की मौत के बाद जूनियर डॉक्टर पर सख्त कार्रवाई का आदेश

मरीज के परिजनों और डॉक्टर के बीच तीखी बहस हुई थी.
मरीज के परिजनों और डॉक्टर के बीच तीखी बहस हुई थी.

परिजनों का आरोप है कि ऑक्सीजन मास्क न होने की वजह से मरीज की मौत हुई है. परिजनों के मुताबिक, जब वे मरीज को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो जूनियर डॉक्टर ने कहा कि इस मेडिकल कॉलेज में कुछ भी नहीं होता. यहां कहां चले आए इलाज कराने.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 13, 2020, 8:41 PM IST
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मेरठ. मेरठ (Meerut) के मेडिकल कॉलेज (medical collage) में बीते दिनों एक मरीज (patient) की मौत हो गई. मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया गया है कि ऑक्सीजन मास्क उपलब्ध न होने की वजह से उनके मरीज की मौत हुई है. परिजनों के मुताबिक, जब वे अपने मरीज को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो वहां के जूनियर डॉक्टर ने कहा कि इस मेडिकल कॉलेज में कुछ भी नहीं होता. यहां कहां चले आए इलाज कराने. जूनियर डॉक्टर पर लगे इस आरोप को मेरठ मेडिकल कॉलेज ने बेहद गंभीरता से लिया है. मेरठ मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल ने कहा है कि उन्होंने एचओडी मेडिसिन को निर्देशित किया है कि ऐसे जूनियर डॉक्टर के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करके उन्हें अवगत कराया जाए.

बहस का वीडियो हुआ वायरल

इस अस्पताल में इस प्रकरण का एक वीडियो भी वायरल हुआ है. इस वीडियो में जूनियर डॉक्टर और परिजनों के बीच तीखी बहस होती दिख रही है. वीडियो में परिजन आरोप लगाते हुए नजर आ रहे हैं कि मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन मास्क तक उपलब्ध नहीं है. परिजनों का कहना है कि यहां वेंटिलेटर खराब है. ऐसे में मरीज का क्या हाल होगा इसका अंदाज़ा लगा सकते हैं. परिजनों का कहना है कि उनके मरीज की तो मृत्यु हो गई, लेकिन किसी अन्य मरीज के साथ ऐसा न हो इसके लिए वे आवाज बुलंद कर रहे हैं. परिजनों का कहना है कि यहां के डॉक्टर सीधे मुंह बात तक नहीं करते और इलाज कराने पहुंचे तीमारदारों से कहा जाता है कि यहां चले आए यहां कुछ भी नहीं होता.



आक्सीजन मास्क की कमी नहीं : प्रिंसिपल
आपको बता दें कि प्रह्लाद नगर के रहने वाले विजयपुरी बीते दिनों यहां भर्ती हुए थे. परिजनों का कहना है कि ऑक्सीजन मास्क न होने कारण उनकी मृत्यु हुई है. वहीं मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर ज्ञानेन्द्र सिंह का कहना है कि ऑक्सीजन मास्क की किसी तरह की कोई कमी नहीं है. मेडिसिन के जूनियर डॉक्टर ने गलत बयानबाजी की है. उन्होंने कहा कि ये भी मामला उनके संज्ञान में आया है कि मरीज के परिजनों के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया है. जो बेहद गलत है. प्रिंसिपल ने कहा है कि उन्होंने एचओडी मेडिसिन को निर्देशित किया है कि उक्त जूनियर डॉक्टर के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करके अवगत कराएं. और भविष्य में ऐसी घटना न हो इसके लिए एसआईसी सीएमएस को निर्देश दिया गया है कि एक बार कम से कम इमरजेंसी का राउंड वे अवश्य लें.
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