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करोड़ों लीटर पानी बचाने वाली मेरठ की 'जल योद्धा' अदिति चंद्रा को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड ने किया सम्मानित

'जल योद्धा' अदिति चंद्रा को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड की टीम आने वाले दिनों में इंदौर में फिजिकली रूप में सम्मानित करेगी
'जल योद्धा' अदिति चंद्रा को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड की टीम आने वाले दिनों में इंदौर में फिजिकली रूप में सम्मानित करेगी

जल योद्धा (Water Warrior) के नाम से मशहूर अदिति चंद्रा (Aditi Chandra) का कहना है कि अगर रास्ते में उन्हें कहीं भी लीकेज की शिकायत मिलती है तो वो फौरन उसे दुरुस्त करवाने में जुट जाती हैं. ऐसा कर अब तक वो करोड़ों लीटर पानी बचा चुकी हैं. अदिति का कहना है कि उनके जीवन का लक्ष्य जल है, क्योंकि जल है तो कल है

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 23, 2021, 8:51 PM IST
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मेरठ. उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) की निवासी अदिति चंद्रा ने जल संरक्षण (Water Conservation) को लेकर ऐसा कार्य किया है कि वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड की टीम ने उनकी सराहना की है. अदिति ने बच्चों के साथ मिलकर बूंद-बूंद जल बचाने को अपने जीवन का आधार बना लिया है. वो घर-घर जाकर लोगों से बूंद-बूंद जल बचाने का आग्रह करती हैं. जल संरक्षण में जुटी अदिति को लोग जल योद्धा (Water Warrior) कहने लगे हैं. मात्र दो वर्षों में अदिति चंद्रा (Aditi Chandra) ने जल संरक्षण के क्षेत्र में ऐसा कार्य किया है कि उन्हें विश्व की नामी संस्था वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड ने ईनाम से नवाजा है.

वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड की टीम ने अदिति को अपनी किताब में दर्ज किया है. साथ ही उन्हें शील्ड और मेडल से भी सम्मानित किया है. न्यूज़ 18 से खास बातचीत में अदिति चंद्रा ने बताया कि पिछले दो वर्षो से वो लगातार डोर टू डोर जाकर लोगों को पानी के महत्व के बारे में समझा रही हैं. जल योद्धा अदिति का कहना है कि अगर रास्ते में उन्हें कहीं भी लीकेज की शिकायत मिलती है तो वो फौरन उसे दुरुस्त करवाने में जुट जाती हैं. ऐसा कर अब तक वो करोड़ों लीटर पानी बचा चुकी हैं. अदिति का कहना है कि उनके जीवन का लक्ष्य जल है, क्योंकि जल है तो कल है.

अदिति की संस्था का नाम द ग्रोइंग पीपल है. उन्होंने पिछले एक वर्ष में आठ सौ पचास से ज्यादा लीकेज ठीक करवाकर करोड़ों लीटर पानी बर्बाद होने से बचाया है. मेरठ छावनी परिषद और नगर निगम के साथ मिलकर अदिति लगातार जल संरक्षण और साफ-सफाई को लेकर कार्य कर रही हैं. अदिति घर-घर जाकर लोगों से अपील करती हैं कि लोग घरों में ज्यादा से ज्यादा किचन गार्डन लगाएं, और वो घरों के गीले कचरे से खाद बनाएं जिसका उपयोग महिलाएं किचन गार्डन में करें. अदिति ने इस मिशन में सैकड़ों बच्चों को भी अपने साथ जोड़ा है. यह बच्चे भी अपने घरों से प्लास्टिक के कचरे को बाहर नहीं आने देते. ऐसे बच्चों को अदिति की संस्था समय-समय पर सम्मानित करती है. विश्व में धाक जमाने वाली मेरठ की इस जल योद्धा की लोग तारीफ करते नहीं थक रहे हैं. कैंट बोर्ड के सीईओ नतेन्द्र नाथ का कहना है कि जल योद्धा अदिति चंद्रा को वो नमन करते हैं.



अदिति ने बताया कि कोविड 19 की वजह से लंदन से वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड की टीम मेरठ नहीं पहुंच सकी. लेकिन उनके प्रतिनिधि के रुप में कैंट बोर्ड के सीईओ और नगर आयुक्त की टीम ने उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड की तरफ से आई ट्रॉफी और मेडल से सम्मानित किया है. उनका कहना है कि आने वाले दिनों में उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड की टीम इंदौर में फिजिकली सम्मानित करेगी.
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