यूपी में बच्चा चोरी के शक में मंदबुद्धि युवक की मॉब लिंचिंग
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यूपी में बच्चा चोरी के शक में मंदबुद्धि युवक की मॉब लिंचिंग
पालघर पुलिस के प्रवक्ता हेमंत काटकर ने बताया कि इस घटना के सिलसिले में 6 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) से एक और मॉब लिंचिंग (mob lynching) का मामला सामने आया है. मामला उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले का है. जिले के थाना आदमपुर इलाके में एक मंदबुद्धि युवक की स्थानीय लोगों ने बच्चा चोरी के शक में जमकर पिटाई कर दी.

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उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) से एक और मॉब लिंचिंग (mob lynching) का मामला सामने आया है. मामला उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले का है. जिले के थाना आदमपुर इलाके में एक मंदबुद्धि युवक की स्थानीय लोगों ने बच्चा चोरी के शक में जमकर पिटाई कर दी. इतना ही नहीं भीड़ ने घसीटते हुए तड़पा-तड़पा कर उसे मौत के घाट उतार दिया. जब इससे से भी दिल नहीं भरा तो भीड़ ने उसे पुल से नीचे फेंक दिया, जिससे घटना को हादसे का रूप दिया जा सके. घटना अमरोहा जिले के थाना आदमपुर इलाके के देहरी गांव का है. सम्भल जिले की सीमा से लगा होने के चलते पुलिस भी नहीं समझ सकी सम्भल जिले के थाना रजपुरा के गांव निर्यावली के जंगलो में शव को फेंक दिया गया था.

पुलिस युवक की मौत को हादसा मान कर चल रही थी, लेकिन जब गुरुवार को मृतक का वीडियो का सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो जिसमें दिख रहा है कि बच्चा चोरी के शक में भीड़ मंदबुद्धि युवक को को तड़पा-तड़पा कर पीट रही है. युवक के शव को बुधवार को संभल पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने के  लिए भेज दिया गया है. फिलहाल अमरोहा पुलिस ने अभी तक किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है और न ही इस वीडियो के मामले पर बोल रही है.

चंदौसी में भी हुई थी मॉब लिंचिंग
इससे पहले उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के संभल के चंदौसी (Sambhal) में गुरुवार को एक और मॉब लिंचिंग का मामला सामने आया है. कुढ़ फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के छाबड़ा गांव निवासी त्रिलोकी के सात वर्षीय बेटे रवि को सुबह 10 बजे उल्टी-दस्त शुरू हो गए. स्थानीय डॉक्टर से दवा लेने पर भी बच्चे की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ तो त्रिलोकी के दो भाई रामौतार और राजू भतीजे रवि को बाइक पर बैठाकर चंदौसी के अस्पताल के लिए निकल पड़े.
300 ग्रामीणों की भीड़ ने दो युवकों को जमकर पीटा


दोपहर एक बजे जब दोनों भाई भतीजे को लेकर असालातपुर जरई गांव से गुजर रहे थे तो वहां मौजूद ग्रामीणों की नजर उन पर पड़ी. पेट दर्द से चीख रहे बच्चे को देखकर ग्रामीणों को लगा कि उसे जबरन उठा कर ले जाया जा रहा है. रामौतार और राजू को बच्चा चोर समझकर ग्रामीण ने शोर मचाना शुरू कर दिया. आनन-फानन में करीब 300 लोगों की भीड़ मौके पर इकठ्ठा हो गई. इसके बाद दोनों भाइयों को बिना पूछताछ के ही लाठी-डंडों से पीटना शुरू कर दिया. दोनों को बेरहमी से पीटा गया. दोनों गुहार लगाते रहे कि बच्चा उनका भतीजा है, लेकिन किसी ने उनकी एक न सुनी. इसके बाद पुलिस पहुंची और घायलों को अस्पताल भेजा, लेकिन रास्ते में राजू ने दम तोड़ दिया, रामौतार जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है.

गाजीपुर में भी हुई थी ऐसी घटना
यह सिर्फ एक मामला नहीं है. बुधवार को ही फतेहपुर के गाजीपुर थाना क्षेत्र के खेसहन गांव में ग्रामीणों ने स्वास्थ्यकर्मियों को बच्चा चोर समझकर पीटना शुरू कर दिया. सूचना पाकर मौके पर स्वास्थ्यकर्मियों को बचाने पहुंची पुलिस टीम पर भी ग्रामीणों ने पथराव और फायरिंग कर दी. इस हमले में तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं, जबकि पुलिस वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया.

रिपोर्ट - शिवोम शर्मा 
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