Uttar Pradesh Elections Result 2019: मोदी-योगी मैजिक के आगे बदल गई यूपी की राजनीति?
Meerut News in Hindi

Uttar Pradesh Elections Result 2019: मोदी-योगी मैजिक के आगे बदल गई यूपी की राजनीति?
पीएम मोदी और सीएम योगी

गठबंधन में शामिल रालोद को बागपत सीट के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ रहा है. प्रदेश में कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की परंपरागत सीट भाजपा ने छीन ली है.

  • Share this:
लोकसभा चुनाव में एक बार फिर प्रदेश में भाजपा की लहर चली है. विपक्षियों के सारे दांव-पेंच को दरकिनार करते हुए भाजपा को 62 संसदीय सीटों पर कमल खिलाने में कामयाबी मिली है. वहीं यूपी में मायावतीऔर अखिलेश की जुगलबंदी नरेंद्र मोदी, अमित शाह और योगी आदित्यनाथ की तिकड़ी के सामने औंधे मुंह गिर गई. जातिगत समीकरण के आधार पर बना सपा-बसपा गठबंधन महज 15 सीटें ही जीत सका. इसमें समाजवादी पार्टी को महज पांच सीटें हासिल हुईं, जबकि मुलायम परिवार के तीन सदस्य-अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव, दो चचेरे भाई धर्मेंद्र यादव और अक्षय यादव को हार का मुंह देखना पड़ा. जबकि पिछले लोकसभा चुनाव में शून्य हासिल करने वाली बसपा इस बार 10 सीटें हासिल करने में सफल रही.

अगर गठबंधन के प्रदर्शन की तुलना की जाए तो यादव परिवार के लिए यह बड़ा नुकसान माना जा रहा है. 2014 के मोदी लहर में भी समाजवादी पार्टी पांच सीटों पर जीत हासिली की थी, लेकिन उस समय यादव परिवार के ही पांच सदस्य जीतकर लोकसभा पहुंचे थे. देश के सबसे बड़े सियासी खानदान को इस बार तगड़ा झटका लगा है. मुलायम सिंह यादव और अखिलेश को छोड़कर परिवार का कोई सदस्य नहीं जीत सका. अखिलेश यादव के जीत के अंतर को छोड़ दिया जाए तो मैनपुरी से मुलायम की जीत बड़ी नहीं रही. मुलायम की जीत का अंतर सिर्फ 94389 वोटों का रहा. 2014 में मुलायम सिंह ने इस सीट से बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी.

यही नहीं यूपी की 10 सीटों पर मुस्लिम-यादव-दलित की आबादी 60 फीसदी से भी अधिक है. जिसमें  घोसी, डुमरियागंज, फिरोजाबाद, जौनपुर, अंबेडकर नगर, भदोही, बिजनौर, मोहनलालगंज, सीतापुर शामिल है. 37 सीटों पर मुस्लिम-यादव-दलित की आबादी 50-60 फीसदी के बीच है.



गठबंधन में शामिल रालोद को बागपत सीट के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ रहा है. प्रदेश में कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की परंपरागत सीट भाजपा ने छीन ली है. कांग्रेस को महज एक रायबरेली की सीट मिली है जहां से सोनिया गांधी चुनाव जीती हैं. भाजपा ने अमेठी में कांग्रेस का गढ़ ढहाते हुए राहुल गांधी को यहां से जीत का चौका लगाने से रोक दिया. वहीं रालोद के चौधरी अजित सिंह लगातार दूसरी बार चुनाव हार गए हैं
सबसे बड़ा नुकसान अखिलेश को इस बात का हो सकता है कि जिस मुस्लिम समुदाय की आवाज बनने की बात करते रहे हैं अब उसकी अगुवाई मायावती करती नजर आ सकती हैं. इसके पीछे की वजह ये है कि गठबंधन ने 10 मुस्लिम उम्मीदवार खड़े किए थे जिसमें से 6 जीतकर सांसद पहुंचे. तीन बसपा के और तीन सपा के मुस्लिम उम्मीदवार जीतने में कामयाब रहे. हालांकि जब नतीजे सामने आ रहे हैं तो ऐसा लग रहा है कि नरेंद्र मोदी के आगे सारे समीकरण ध्वस्त हो गए.

ये भी पढ़ें:

आजम खान ने क्यों बोला दे दूंगा लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा!

लोकसभा चुनावों में हार के बाद राज बब्बर ने की इस्तीफे की पेशकश

एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी WhatsApp अपडेट्स

 
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading